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दिवाली पर क्यों बनाते हैं मिट्टी का घरौंदा, जानें इसकी वजह
दिवाली का त्योहार पांच दिन मनाएं जाने वाला त्योहार है। इस त्योहार से कई परम्पराएं जुड़ी हुई हैं, इनमें से एक परम्परा है घरौंदा बनाने की। आपको याद होगा कि बचपन में हम दिवाली से कुछ दिन पहले एक छोटा-सा घर बनाया करते थे। फिर दिवाली पर उसमें दीपक जलाकर रखा करते थे। दिवाली पर घरौंदा बनाने को शुभ माना जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिवाली पर घरौंदा क्यों बनाया जाता है? आइए, हम बताते हैं क्या है इसकी मान्यता-

यह है मान्यता
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम चौदह साल के वनवास के बाद कार्तिक माह की अमावस्या के दिन अयोध्या लौटे, तब उनके आगमन की खुशी में नगरवासियों ने घरों में घी के दीपक जलाकर उनका स्वागत किया था। अयोध्यावासियों का मानना था कि श्रीराम के आगमन से ही उनकी नगरी फिर बसी है। इसी को देखते हुए लोगों में घरौंदा बनाकर उसे सजाने का प्रचलन हुआ। इसे प्रतीकात्मक तौर पर नए नगर के बसने के रूप में देखा जाता है। माना जाता है कि घर की सारी नकरात्मकताओं को दूर करके फिर से घरौंदा बसता है।

ऐसे सजाएं घरौंदा
घरौंदा को सजाने के लिए डेली रुटीन में काम आने वाले सामान से सजाया जाता है। इसके अलावा अविवाहित लड़कियां झल्लारे और मिठाई से घर को भरती हैं। ऐसी मान्यता है कि भविष्य में वह जब कभी भी वह दाम्पत्य जीवन में प्रवेश करेंगी तो उनका संसार भी सुख-समृद्धि से भरा रहेगा।

दीपक जरुर जलाएं
मेट्रो सिटी में ये पराम्परा कहीं न कहीं लुप्त होती जा रही हैं। आप चाहे तो प्लास्टर ऑफ पेरिस पाउडर से घर के कोने में प्रतीकात्मक रूप से छोटा-सा मंदिर बना सकते हैं। इसके अलावा आप घर की छत पर भी छोटा-सा घरौंदा बना सकते हैं। इस घरौंदा को बनाने के बाद आप इसके अंदर लाल रंग या हल्दी से स्वास्तिक या ओम बना सकते हैं। दिवाली के दिन घरौंदे में दीपक जलाकर रखने की परम्परा है।



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