Latest Updates
-
Sharad Purnima Vrat Katha: शरद पूर्णिमा के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन-धान्य से भरा रहेगा घर -
Sharad Purnima 2026 Wishes: धन की कभी न कमी हो...शरद पूर्णिमा पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Sharad Purnima 2026 Wishes In Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों से प्रियजनों को दें शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं -
Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा पर बन रहा दुर्लभ लक्ष्मी नारायण योग, इन 3 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन -
Karwa Chauth Mehndi Designs 2026: करवा चौथ पर लगवाएं ये खूबसूरत मेहंदी डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफ -
Kojagara Puja 2026: कोजागरी पूजा कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और मां लक्ष्मी की पूजा विधि -
White Ghee Vs Yellow Ghee: सफेद या पीला घी, सेहत के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद? जानिए डायटीशियन की राय -
World Polio Day 2026: पोलियो कैसे होता है? जानिए इसके शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय -
Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या है नियम -
शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में क्यों रखी जाती है खीर? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण
अगर राहु केतु दे रहे हैं अशुभ फल तो करें यह आसान उपाय

हमारी कुंडली में ग्रहों की खराब दशा हमारे जीवन को बहुत ही कठिन बना देती है। जब भी कोई ग्रह अशुभ स्थिति में होता है तो उसके प्रभाव से व्यक्ति के बनते हुए काम भी बिगड़ जाते हैं या फिर लाख कोशिशों के बाद भी सफलता नहीं मिलती। अगर ऐसे ही लक्षण आप को भी देखने को मिल रहे हैं तो समझ जाइए कि यह आपके ग्रह दोषों का नतीजा है।
आज हम आपको बताएंगे कि अगर आपकी कुंडली में राहु और केतु की दशा खराब है तो वह आपको कैसे संकेत देता है और इन ग्रह दोषों से कैसे मुक्ति पायी जा सकती है।

राहु दोष के लक्षण
1. मानसिक तनाव रहना।
2. आर्थिक नुकसान होना।
3. कमज़ोर याददाश्त।
4. चीज़ों का खोना।
5. बात बात पर अपना आपा खोना।
6. कड़वे शब्द बोलना।
7. डर और शत्रुओं का बढ़ना।
8. मरा हुआ सांप या छिपकली का दिखना।
9. मरे हुए पक्षी दिखना।
10. नाख़ून का अपने आप टूटना।
11. घर का पालतू जानवर खो जाना या फिर मर जाना।
12. गैरजिम्मेदार और लापरवाह होना।
13. वाहन दुर्घटना।
14. कोट कचहरी का चक्कर लगना।
15. खुद को लेकर कई गलतफहमियां।
16. आपसी तालमेल में कमी।

राहु की खराब स्थिति के प्रभाव से होने वाले रोग
1. पेट से संबंधित रोग जैसे गैस।
2. मानसिक रोग, हमेशा चिड़चिड़ापन रहना।
3. सर में दर्द रहना।
4. बवसीर।
5. खाज खुजली से परेशान रहना।
6. बालों का झड़ना।
7. अचानक ही किसी बड़ी बीमारी का होना।

राहु दोष से मुक्ति पाने के उपाय
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की शांति और उनके कुप्रभाव से बचने के कई उपाय बताये गए हैं। अगर आप की कुंडली में राहु ख़राब स्थिति में है तो आप ये उपाय करके अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं।
1. प्रतिदिन दुर्गा चालीसा, हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें।
2. शुक्रवार के दिन गोमेद धारण करें।
3. अपने घर के पूजा स्थल पर राहु यन्त्र की स्थापना करें और हर रोज़ इसकी विधि विधान से पूजा करें इससे राहु देव अवश्य ही प्रसन्न होंगे और आप पर उनकी कृपा बरसेगी।
4. राहु बीज मन्त्र: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम: का १०८ बार जप करें।
5. शनिवार के दिन व्रत रखें और पूजा पाठ करें।
6. शिवलिंग पर जलाभिषेक करें, शिव पुराण का पाठ करें।
7. पक्षियों को हर रोज़ बाजरा खिलाएं।
8. गरीबों को दान करें।
9. काले कपड़े में एक नारियल और ११ साबुत बादाम बांधकर जल में प्रवहित कर दें।
10. घर में पीले रंग के फूल अवश्य लगाएं।
11. सफ़ेद चन्दन की माला धारण करें।
12. नहाने के पानी में इत्र या चंदन डालकर नहाएं।

केतु दोष के लक्षण
1. धन हानि।
2. संतान को कष्ट।
3. खराब स्वास्थ्य।
4. कामवासना का बढ़ना ।
5. वैवाहिक जीवन में कलह।
6. कोट कचहरी के मालों में फंस जाना।
7. भूत प्रेत बाधाओं द्वारा परेशान करना।
8. शत्रुओं का बढ़ना।
9. लोगों से अनावश्यक झगड़े होने।
10. बुरी संगती में पड़ना।
अगर ये सारे लक्षण आपको दिखाई दें तो समझ लीजिये आपकी कुंडली में केतु की स्थिति अशुभ है।

केतु के अशुभ स्थिति से होने वाली बीमारियाँ
1. सिर के बाल झड़ना।
2. शरीर की नसों में कमज़ोरी आना।
3. पथरी होना।
4. जोड़ों में दर्द रहना।
5. चर्म रोग होना।
6. कान में समस्या के कारण सुनने की क्षमता कम होना।
7. अक्सर खांसी रहना।
8. संतान उत्पत्ति में रूकावट।
9. पेशाब की बीमारी।
10. रीढ़ की हड्डी में दिक्कत।
11. कोई गुप्त रोग होना ।

केतु के कुप्रभाव से बचने के उपाय
1. दुर्गा जी, हनुमान जी और गणेश जी की आराधना करें।
2. दो रंगी कुत्ते को रोटी खिलाएं।
3. भैरव जी को केले के पत्ते पर चावल का भोग लगाएं।
4. शुद्ध गाय के घी का दीपक अपने घर में पूजा के स्थान पर जलाएं और हो सके तो घर के आस पास कोई मंदिर हो तो उसमे भी जलाएं।
5. तिल के लड्ड़ओं का दान करें।
6. रविवार के दिन कन्याओं को मीठी दही और हलवा खिलाएं।
7. दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को केतु के निमित्त व्रत रखें।
8. गरीबों में दान करें।
9. हरे रंग का रुमाल हमेशा अपने पास रखें।
10. पके हुए चावल में मीठी दही मिलाकर उसे एक दोने में डाल लें साथ ही उसमें कुछ काले तिल के दाने भी डाल दें और पीपल के वृक्ष के नीचे दोने को रखकर केतु दोष की शान्ति की प्रार्थना करें। ऐसा आप कृष्ण पक्ष में प्रतिदिन करें। इससे आपको अवश्य ही लाभ होगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications
