Shani Sade Sati: आने वाले 12 सालों में किन राशियों पर रहेगी शनि की टेढ़ी नजर?

Shani Sade Sati: ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को कर्मफल दाता माना जाता है। शनि देव जब किसी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसका प्रभाव शुभ या अशुभ दोनों हो सकता है। शनि के राशि परिवर्तन से कुछ राशियों पर साढ़ेसाती समाप्त होती है, तो कुछ पर शुरू हो जाती है। साढ़ेसाती के दौरान व्यक्ति को कई चुनौतियों और उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ता है।

वर्तमान में शनि देव कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं और इससे कुंभ, मीन और मकर राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का प्रभाव है। लेकिन 29 मार्च 2025 को शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे साढ़ेसाती की स्थिति बदल जाएगी। आइए जानते हैं कि आने वाले वर्षों में किन राशियों पर साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा।

Shani Sade Sati Impact on Zodiac Signs in Upcoming 12 Years Kis Rashi Par Hogi Shani Ki Tedhi Nazar

साढ़ेसाती समाप्त होने वाली राशियां

29 मार्च 2025 को शनि के मीन राशि में प्रवेश करने से:
- मकर राशि: साढ़ेसाती समाप्त हो जाएगी, जिससे मकर राशि के जातकों को राहत मिलेगी।
- कुंभ राशि: उतरती साढ़ेसाती रहेगी, जिससे इसका प्रभाव धीरे-धीरे कम होगा।

साढ़ेसाती शुरू होने वाली राशियां

- मेष राशि: 29 मार्च 2025 से चढ़ती साढ़ेसाती शुरू होगी।
- मीन राशि: इस राशि पर मध्य साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा।

शनि के प्रभाव के प्रमुख समय

1. 3 जून 2027
- शनि मेष राशि में प्रवेश करेगा।
- मेष, वृष और मीन राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा।

2. 20 अक्टूबर 2027
- शनि वक्री होकर मीन राशि में लौटेगा।
- मीन, मेष और कुंभ राशि पर फिर से साढ़ेसाती का असर होगा।

3. 23 फरवरी 2028
- शनि फिर से मेष राशि में गोचर करेगा।
- मेष, मीन और वृष राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा।

4. 8 अगस्त 2029
- मेष, वृष और मिथुन राशि पर साढ़ेसाती का असर शुरू होगा।

5. 31 मई 2032
- वृष, मिथुन और कर्क राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा।

6. 13 जुलाई 2034
- मिथुन, कर्क और सिंह राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव शुरू होगा।

7. 27 अगस्त 2036
- कर्क, सिंह और कन्या राशि पर साढ़ेसाती का असर रहेगा।

शनि की साढ़ेसाती से कैसे बचें?

साढ़ेसाती के दौरान कठिनाइयों का सामना करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं:
1. शनिदेव की पूजा करें और "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का जाप करें।
2. शनिवार के दिन जरूरतमंदों को दान करें।
3. पीपल के पेड़ की पूजा करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
4. न्यायपूर्ण और ईमानदारी से जीवन व्यतीत करें।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

Story first published: Monday, November 18, 2024, 15:39 [IST]
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