कुंडली में मौजूद चांडाल दोष बर्बाद कर सकता है वैवाह‍िक जीवन, इसे खत्‍म करने के उपाय जानें

कुंडली में गुरु चांडाल योग बनता है तो राहु गुरु के अच्छे प्रभाव को समाप्त कर देता है। कुंडली में गुरु चांडाल योग जातक को हमेशा बुरे परिणाम ही देता है। खासतौर से यह योग वैवाहिक जीवन में विघ्‍न डालता है। कुंडली में गुरु चांडाल का योग व्यक्ति की शादीशुदा जिंदगी में खुशहाली की जगह विवाद और कलह को उपजता है।

इस दोष से पीड़ि‍त व्‍यक्ति के विवाहेत्तर संबंध बनने लगते हैं। गुरु चांडाल योग की वजह से जातकों में चारित्रिक दोष के संकट से भी गुजरना पड़ता है और इनका वैवाहिक जीवन शून्‍य पर आ जाता है। ये दोष जातक के सोचने-समझने की क्षमता को भी प्रभावित करती है।

What is Guru Chandal Yog, Know Remedies, Effect and Puja vidhi

कैसे बनता है गुरु चांडाल दोष?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु चांडाल दोष को बेहद अनिष्टकारी योग माना जाता है। जब किसी जातक की कुंडली में बुद्धि के देवता गुरु और पाप ग्रह कहे जाने वाले राहु की युति होती है तब गुरु चांडाल दोष का निर्माण होता है। गुरु चांडाल दोष यह व्यक्ति के शुभ गुणों को घटा देता है और नकारात्मक गुण बढ़ा देता है। हालांक‍ि चांडाल दोष व्‍यक्ति को अत्‍यंत चतुर व प्रभावी बनाने का काम करता है लेक‍िन इसके प्रभाव से व्‍यक्ति सनकी भी हो जाता है।

कभी-कभी यह कैंसर का कारण भी बन जाता है। अगर किसी महिला की कुंडली में यह योग हो तो वैवाहिक जीवन नरक बन जाता है।

गुरु चांडाल दोष के लक्षण

  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में गुरु चांडाल दोष निर्मित होता है उन्हें अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
  • ऐसे जातकों को अक्सर चारित्रिक लांछन का दंश झेलना पड़ता है। जिसकी वजह से जातक को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है।
  • जिनकी कुंडली में गुरु चांडाल दोष होता है उन्हें भूमि या भवन, परिवार और मित्र का सुख प्राप्त नहीं होता।
  • इस दोष के चलते बुद्धिमान छात्र भी पढ़ाई के दौरान एकाग्रता में अभाव मनन शक्ति में कमी जैसी समस्‍याओं से परेशान रहते है।
  • इसके अलावा जो लोग नौकरी करते हैं उन्हें भी कार्यस्थल पर बहुत सारी परेशानियां झेलना पड़ती है।
  • गुरु चांडाल दोष की वजह से पिता और पुत्र के बीच अक्सर तनाव पूर्ण माहौल बना रहता है।
  • गुरु चांडाल दोष की वजह से जातक को अक्सर आर्थिक तंगी बनी रहती है।
  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु चांडाल दोष का अधिक नकारात्मक प्रभाव कन्या, कुंभ, वृषभ, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों पर देखने को मिलता है।

गुरु चांडाल दोष के उपाय

- गुरु चांडाल दोष के निवारण के लिए ज्योतिषी की सलाह पर रुद्राक्ष अथवा पीला पुखराज धारण करना लाभकारी माना जाता है।
- गुरु चांडाल दोष के दुष्प्रभाव से बचने के लिए सबसे अच्छा उपाय सूर्य देव की उपासना करना और उन्हें अर्घ्य देना माना जाता है।
- जिन जातकों की कुंडली में गुरु चांडाल दोष है उन्हें अपने माथे पर पीले चंदन से तिलक लगाना चाहिए। साथ में हल्दी की माला भी धारण करना चाहिए।
- इस दोष के निवारण के लिए भगवान शिव की उपासना सर्वोत्तम मानी गई है। के साथ ही भगवान विष्णु के सहस्त्रनाम का पाठ भी लाभकारी माना जाता है।
- अपने गुरु और माता-पिता की सेवा करने से गुरु चांडाल दोष का प्रभाव कम हो सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

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