Latest Updates
-
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य
Harela 2025 Mehndi Design: मेहंदी के रंगों में बसी संस्कृति की खुशबू, हरेले पर यूं लगाएं लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन
Harela 2025 Mehndi Design: हरेला, उत्तराखंड का एक प्रमुख पर्व है जो हरियाली, समृद्धि और प्रकृति के संरक्षण का प्रतीक है। प्रकृति की गोद में बसा एक अनुपम त्योहार हरेला, उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और हरियाली को दर्शाता है। इस दिन महिलाएं और बालिकाएं अपने हाथों में मेहंदी रचाकर न केवल अपनी सुंदरता को निखारती हैं, बल्कि पृथ्वी माता को आभार भी प्रकट करती हैं।
हरेला की हरियाली से प्रेरित मेहंदी डिजाइनों में पत्तियां, फूल, बेल-बूटे और पारंपरिक प्रतीक शामिल होते हैं, जो इस पर्व की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भावना को दर्शाते हैं।
शिवलिंग और बेलपत्र डिजाइन (Shivling with Bel Patra)
हरेला सावन के महीने में आता है। मान्यता के अनुसार, यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह से जुड़ा है।
ऐसे में हरेले के अवसर पर मेहंदी में शिवलिंग, बेलपत्र और पार्वती के चित्रों वाले डिजाइन लगाना धार्मिक आस्था और परंपरा को सुंदरता से जोड़ने का प्रतीक है।

प्रकृति से जुड़ाव
इस दिन महिलाएं और बालिकाएं अपने हाथों में मेहंदी रचाकर न केवल अपनी सुंदरता को निखारती हैं, बल्कि पृथ्वी माता के प्रति आभार भी प्रकट करती हैं। हरेला की हरियाली से प्रेरित मेहंदी डिजाइन में पत्तियां, फूल, बेल-बूटे और पारंपरिक प्रतीक शामिल होते हैं, जो इस पर्व की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भावना को दर्शाते हैं।

प्रकृति और हरियाली का उत्सव
हरेला मुख्यतः प्रकृति, हरियाली और नए जीवन का पर्व है। मेहंदी भी एक प्राकृतिक पौधा है, और इसे लगाने से हम प्राकृतिक चीजों से जुड़ाव महसूस करते हैं।

सिंपल मेहंदी डिजाइन
हरेले पर अगर आप मेहंदी लगाने का सोच रहे हैं तो आप ये सिंपल सा डिजाइन आपके लिए बेस्ट है। हरियाली के बीच खिले फूल सभी का दिल जीत लेते हैं। उत्तराखंड में काम बहुत होता है ऐसे में कम समय में अच्छा डिजाइन लगाने की इच्छा को दिल में न रखें और इस डिजाइन के साथ हरेले के खास दिन पर हाथों में रचाएं मेहंदी।

शिव-पार्वती वाला डिजाइन
हरेले के पर्व को शिव-पार्वती के मिलन को के लिए भी जाना जाता है। इस खास दिन पर महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाती हैं और हरेले के पावन पर्व को मनाती हैं।

आप भी अपने हाथों पर शिव-पार्वती वाले इस डिजाइन को बनाकर खास तरह का मेहंदी डिजाइन लगा सकती हैं। फिर देर किस बात की जल्दी से लगाएं और दिन को बनाएं खास।



Click it and Unblock the Notifications