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बॉडी पार्ट्स ही नहीं, स्किन को भी किया जा सकता है डोनेट
भारत में बर्न इंजरीज बेहद ही आम है। कभी तेजाब तो कभी दहेज या फिर किसी दुर्घटना में व्यक्ति की स्किन बहुत बुरी तरह जल जाती है। ऐसे में उसके लिए खुद से ठीक हो पाना संभव नहीं होता है। स्किन के जल जाने के बाद अक्सर व्यक्ति का आत्मविश्वास भी काफी कमजोर हो जाता है। बता दें कि स्किन व्यक्ति का सबसे बड़ा अंग है, जो हमें गर्मी, ठंड, यूवी किरणों आदि से बचाता है।
छोटी-छोटी टूट फूट को स्किन कुछ ही वक्त में खुद से ठीक कर लेती है। लेकिन जब यह बुरी तरह से जल जाती है तो ऐसे में इसे ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि आप अपने अन्य अंगों की तरह ही स्किन को भी डोनेट कर सकते हैं। अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको स्किन डोनेशन के बारे में विस्तारपूर्वक बता रहे हैं-

स्किन डोनेशन इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
स्किन व्यक्ति के शरीर का सबसे बड़ा अंग है। यह हमें गर्मी और ठंड के साथ-साथ केमिकल्स, यूवी किरणों व बैक्टीरिया आदि से बचाने के लिए एक शील्ड की तरह काम करती है। अमूमन स्किन डैमेज होने पर खुद को आसानी से रिपेयर कर लेती है। लेकिन जब स्किन बहुत बुरी तरह से जल जाती है या डैमेज्ड हो जाती है, तो ऐसे में इसके लिए खुद मदद के बिना ठीक करना असंभव होता है। ऐसे में गंभीर रूप से जली हुई चोटों के उपचार के लिए एलोग्राफ्ट्स के साथ उसे कवर किया जाता है। यह वास्तव में डोनर की स्किन होती है। दरअसल, अगर चोट लगे हुए या फिर जले हुए एरिया को तुरंत अन्य स्किन विकल्प के साथ कवर नहीं किया जाता है, तो रोगी को संक्रमण यहां तक कि मृत्यु होने का खतरा होता है। इसलिए किसी व्यक्ति की जिन्दगी बचाने के लिए स्किन डोनेशन करना काफी अहम् साबित हो सकता है। ऐसी स्किन वास्तव में एक अस्थायी ड्रेसिंग है, लेकिन यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह रोगी की अपनी त्वचा को पुनर्जीवित करने में मदद करती है।
स्किन डोनेशन कैसे कर सकते हैं?
बहुत से लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं होती है कि मृत्यु होने पर त्वचा को उसी तरह से दान किया जा सकता है जैसे कि आप कॉर्निया, ऑर्गन या फिर टिश्यूज को करते हैं। डोनर स्किन को लगभग पांच साल तक भी फ्रीज करके रखा जा सकता है। यहां तक कि बड़े शहरों में स्किन बैंक की सुविधा भी उपलब्ध है। ऐसे में डोनर की स्किन को आसानी से स्टोर किया जा सकता है और समय पड़ने पर इसे उन सभी पीड़ितों को उपलब्ध करा सकता है जिन्हें इसकी आवश्यकता है। बता दें कि त्वचा केवल पीठ, जांघों और पैरों से ली जाती है और यह किसी भी तरह से शरीर को विकृत नहीं करती है। मृत्यु के 6 घंटे के भीतर त्वचा दान की जा सकती है।
स्किन डोनेशन में कितना समय लगता है?
स्किन डोनेशन की प्रक्रिया काफी सरल है। इसमें लगभग 45 मिनट का समय लगता है। स्किन डोनेशन की प्रक्रिया के दौरान एक्सपर्ट पीठ, पेट और पैरों की स्किन को हटा देते हैं। दरअसल, हमारी त्वचा में 8 परतें होती हैं, लेकिन केवल 1/8वीं यानी त्वचा की सबसे ऊपरी परत ही काटी जाती है। हटाई गई त्वचा की मोटाई बहुत कम होती है। जिसके कारण शरीर का कोई विरूपण नहीं होता है। श्रद्धांजलि देने आए लोगों को यह दिखाई भी नहीं देता है।
स्किन डोनर कौन बन सकता है?
किसी भी लिंग या फिर ब्लड ग्रुप का व्यक्ति स्किन डोनर बन सकता है। 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति स्किन डोनर बन सकता है। भले ही आपको मधुमेह या उच्च रक्तचाप हो, तब भी आप स्किन डोनेट कर सकते हैं। इतना ही नहीं, जिन लोगों के शरीर पर टैटू या पियर्सिंग है वे भी अपनी स्किन डोनेट कर सकते हैं। केवल एचआईवी और हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी, एसटीडी, सामान्यीकृत संक्रमण और सेप्टिसीमिया (निमोनिया, टीबी, आदि), किसी भी प्रकार के स्किन इंफेक्शन या स्किन कैंसर से पीड़ित रह चुके लोग स्किन डोनेट नहीं कर सकते हैं। बता दें कि मृत्यु के छह घंटे के भीतर त्वचा दान की जा सकती है।



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