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नमक से पाइये बेहतरीन सुंदरता
पृथ्वी पर जीवन के लिये नमक अत्यन्त महत्वपूर्ण है। वास्तव में इसके दसियों हजार प्रयोग हैं। यह साफ करने के काम आता है और इसका खाद्य पदार्थों का जायका बढ़ाने का उपयोग किसे अच्छा नहीं लगता। हमरा शरीर भी कई प्रक्रियाओं के लिये नमक पर निर्भर करता है जिसमें पानी का नियन्त्रण, शर्करा सन्तुलन और हृदय की सामान्य धड़कन शामिल है। लेकिन क्या आपको पता है कि आप अपने शरीर पर नमक का प्रयोग सौन्दर्य के लिये भी कर सकते हैं। नमक के शरीर पर उपयोग के निम्नलिखित 8 लाभों पर गौर कीजिये।

1- नमक द्वारा स्ऩान
सम्भवतः नमक के सबसे बढ़िया उपयोगों में एप्सम द्वारा स्नान है। तकनीकी रूप से यह खाने वाला नमक (सोडियम क्लोराइड) नहीं होता लेकिन एप्सम (मैग्नीशियम सल्फेट) लवण की श्रेणी में आता है। आप शुद्ध नमक में ठीक उसी प्रकार भीग सकते है जैसे कि आप समुद्र में तैरते हैं। नमक के स्नान से शरीर में जलन कम होती है और माँसपेशियों तथा जोड़ों के दर्द में कमी आती है। पूरे टब के लिये 1 कप प्रयोग करें। अपनी पसन्द के अनुसार सुगन्धित तेलों या जड़ी-बूटियों का प्रयोग करें।

2- नमक से सफाई करना (रगड़ कर)
नमक के प्राकृतिक रगड़ से मृत त्वचा हट जाती है और रेशम जैसी चिकनी त्वचा उभर आती है। नमक का स्क्रब बनाने के लिये एक-चौथाई कप नमक लेकर उसमें आधा या तीन चौथाई कप बादाम, शीशम या अरण्ड का तेल मिलायें। सुगन्धित करने के लिये अपना मनपसन्द सुगन्धित तेल मिलायें। इस मिश्रण की पर्याप्त मात्रा लेकर तलवों में रगड़ें। पैरों के बाल हटाने से पूर्व इसे लगाना अच्छा होता है लेकिन बालों को हटाने से पूर्व इसे अवश्य धो लें।

3- चेहरे पर लगाने के लिये
जिन लोगों की त्वचा तैलीय होती है या दाने निकलते हैं उनके लिये एक साधारण लेप भी जलन कम करता है, तेल को सन्तुलित करता है और घावों को तेजी से भरता है। एक भाग नमक को तीन भाग गुनगुने पानी में घोलें। तीन चम्मच शुद्ध शहद मिलायें। चेहरे पर धीरे-धीरे लगाकर 15 मिनट के बाद गुनगुने पानी से धुलें।

4- डियोड्रेन्ट
प्राकृतिक खाद्य दुकानों में नमक के क्रिस्टल वाले डियोड्रेन्ट उपलब्ध रहते हैं। नमक जीवाणुओं को समाप्त करता है और जीवाणु ही बदबू के कारक होते हैं। इसलिये यह लाजमी है। अगर आपको घर का बना हुआ बोकिंग सोडा पर आधारित डियोड्रेन्ट चाहिये तो बदबू कम करने के लिये एक चम्मच नमक मिलायें।

5- मन्जन
नमक के जीवाणुरोधी गुण इसे घर पर बना सस्ता मन्जन साबित करते हैं। तीन भाग बेकिंग सोडा के साथ एक भाग नमक मिलायें। आप इसे पाउडर के रूप में प्रयोग कर सकते हैं या फिर थोड़ी सी ग्लिसरिन डालकर पेस्ट बना सकते हैं। आप पुदीना, लौंग या अंगूर के सुगन्धित तेल की कुछ बूँदें भी डाल सकते हैं। साधारण, किफायती और असरदार।

6- माउथवाश
नमक पानी से गरारे करने पर गले में खराश से राहत मिलती है और यह सर्वोत्तम माउथवाश है। इससे न केवल आप खतरनाक रसायनों से बच जायेंगें बल्कि अपने स्वास्थ्य के लिये हानिकारक प्लास्टिक बोतलों से भी बच जायेंगे। नमकीन पानी रासायनिक माउथवाश उत्पाद से बहुत किफायती होने के साथ-साथ जीवाणुनाशक क्षमता में भी असरदार है। अगर आप पुदीने वाली तरो-ताजा स्वाद भी चाहते हैं तो एक या दो बूँद पुदीने के सत्व को डालें।

7- नाक की सफाई
आयुर्वेदिक क्रियाओं में से एक नाक की सफाई से साँस लेना बेहतर होता है और एलर्जी कम होने के साथ साइनस में संक्रमण भी कम होता है। विशेष रूप से नेति क्रिया के लिये निर्मित बर्तन में समुद्री नमक को गुनगुने पानी में डालकर सिर को हल्का सा तिरछा करके पानी को नाक में डालें (ध्यान रहे कि काला नमक का उपयोग न करें, अन्यथा जलन होगी।) सिर को तिरछा करने से पानी नाक के एक तरफ से जाकर साइनस में भरने के बाद दूसरे तरफ से बाहर निकलेगा। इसमें कुछ अभ्यास की आवश्यक्ता होगी। लेकिन एक बार जब ये आप को आ जायेगा तो साँस की समस्या होने पर यह वरदान साबित होगा।

8- घावों के भरने में
नमक के जीवाणुरोधी गुण के कारण इसे घावों के प्रथम उपचार में प्रयोग किया जाता है। इसमें चुभन जरूर होती है और आप ताजे घाव पर नमक लगाना भी नहीं चाहेंगें। लेकिन जब खून का बहनी रुक जाये तो घाव पर इसे लगाने से घाव साफ हो जाता है और जल्दी ठीक होता है।



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