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गाजर के अर्क से बना नकली देसी घी लैब टेस्ट में पास, जानें ये सेहत के लिए कितना खतरनाक?
Fake vs Real Desi Ghee: भारतीय रसोई में स्वाद और पोषण का दूसरा नाम देसी घी है, लेकिन इसी घी में हमेशा से मिलावटखोरों की नजर रही है। अब तो एक ऐसा नया और खौफनाक खेल सामने आया है जिसने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। IIT-BHU (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) की एक हालिया स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अब मिलावटखोर नकली घी में गाजर के पिगमेंट (अर्क) का इस्तेमाल कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि गाजर के अर्क से तैयार यह नकली देसी घी पारंपरिक लैब टेस्ट को भी चकमा देकर शुद्ध साबित हो रहा है। अगर आप भी बाजार से डिब्बा बंद घी खरीद रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। आइए जानते हैं मिलावट के इस नए खेल की पूरी इनसाइड स्टोरी और यह आपकी सेहत के लिए कितना बड़ा खतरा है।

देसी घी में मिलावट का नया खेल जिससे लैब टेस्ट भी खा रहे हैं धोखा
IIT-BHU की स्टडी के अनुसार, मिलावटखोरों ने घी की धोखाधड़ी को छिपाने के लिए एक नया तरीका निकाला है। वे मिलावटी घी में गाजर का पिगमेंट मिला देते हैं, जिससे घी का रंग और कुछ केमिकल मानक असली घी जैसे दिखने लगते हैं। इसका नतीजा यह हो रहा है कि कई पारंपरिक लैब्स भी इस मिलावट को पकड़ने में पूरी तरह फेल साबित हो रही हैं। अब घी की मिलावट सिर्फ सस्ते तेल या पाम ऑयल तक सीमित नहीं रही, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर इसे छिपाया जा रहा है।

क्या गाजर के अर्क वाला यह नकली घी सेहत के लिए फायदेमंद है?
भले ही गाजर में बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे सेहतमंद तत्व पाए जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि यह मिलावटी घी आपके लिए हेल्दी है। असल में, असली देसी घी बनाने की लागत बहुत ज्यादा होती है, जिससे बचने के लिए इसमें वनस्पति या रिफाइंड तेल मिलाया जाता है और रंग छिपाने के लिए गाजर का इस्तेमाल होता है। यह घी आपके दिल और ओवरऑल हेल्थ के लिए बेहद खतरनाक है क्योंकि यह सिर्फ एक धोखा है।

मिलावटखोरों पर सर्जिकल स्ट्राइक: अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पकड़ेगा चोरी
जब पारंपरिक तरीके गाजर के अर्क वाले इस नकली घी को पकड़ने में नाकाम रहे, तो IIT-BHU के वैज्ञानिकों ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। रिसर्चर्स ने FTIR स्पेक्ट्रोस्कोपी, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग पर आधारित एक नया AI (Artificial Intelligence) मॉडल तैयार किया है। यह एडवांस्ड एआई मॉडल घी की शुद्धता को 99.6 प्रतिशत तक की सटीकता के साथ जांच सकता है, जिससे अब मिलावटखोरों का बचना नामुमकिन होगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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