Latest Updates
-
Navratri Va Durga Puja: नवरात्रि और दुर्गा पूजा में क्या अंतर है? एक ही देवी, फिर क्यों अलग हैं दोनों पर्व -
Navratri Recipes 2026: डायबिटीज के मरीज नवरात्रि व्रत में खाएं ये 5 शुगर फ्री रेसिपी, नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
मानसून में डायबिटीज के मरीज पैरों का ख्याल कैसे रखें? डॉक्टर से जानें आसान फुट केयर टिप्स -
Navratri 2026: गरबा में दिखना है स्टाइलिश? ट्राई करें ये 6 एवरग्रीन ब्लाउज डिजाइन -
पाकिस्तानियों से इतने साल ज्यादा जीते हैं भारतीय, WHO की रिपोर्ट में सामने आई औसत उम्र और मौत की वजह -
रूस में प्लेग का खौफ! महिला रिसर्चर की मौत के बाद 200 लोग किए गए क्वारंटीन, जानें कैसे फैलती है ये बीमारी -
World Cerebral Palsy Day 2026: बच्चों को विकलांग बना देती है यह बीमारी, जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज -
Indira Ekadashi Vrat Katha: इंदिरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, पितरों को मिलता है मोक्ष -
Indira Ekadashi 2026: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय...इंदिरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Navratri Vrat Recipes: नवरात्रि के लिए पहले ही बना लें ये स्वादिष्ट फलाहारी नमकीन, नौ दिन तक नहीं होगी खराब
बाहर ही नहीं घर पर भी लगाना चाहिए सनस्क्रीन, जानें वजह
यह तो हम सभी को पता है कि सनस्क्रीन सूरज की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से हमारी त्वचा की रक्षा करती है इसलिए घर से बाहर जाने से पहले हमें स्किन प्रोटेक्शन के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि न सिर्फ खुले वातावरण में बल्कि घर के अंदर रहने के दौरान भी चेहरे पर सनस्क्रीन लगाना बहुत जरूरी है। आज के टेक्नोलॉजी के जमाने में हम लोग 24 घंटे डिवाइसों से घिरे हुए हैं।
घर में रहने के दौरान भी हम सोते या बैठते वक्त लैपटॉप, मोबाइल फोन, टैबलेट का उपयोग करते हैं और इनसे निकलने वाली हानिकारक विकिरणों का दुष्प्रभाव हमारी त्वचा पर पड़ती है। डिजिटल पर बढ़ती निर्भरता की वजह से इसके दुष्परिणाम हमारी त्वचा को सबसे ज्यादा झेलने पड़ती है। इसलिए घर पर रहने के दौरान भी हमें सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना जरुरी होता है।

घर पर लगाना चाहिए सनस्क्रीन?
इन दृश्यमान नीले विकिरणों से त्वचा की सुरक्षा बहुत जरूरी है क्योंकि इससे समय से पहले चेहरे पर बढ़ती उम्र के प्रभाव को देखा जा सकता है और इसके साथ ही झुर्रियां, स्किन ढीली पड़ जाना और हाइपरपिगमेंटेशन की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। इस नीली रोशनी को हाई-एनर्जी विजिबल लाइट्स के नाम से जाना जाता है जो पराबैंगनी किरणों की तुलना में त्वचा की गहराई में प्रवेश करने की क्षमता रखती है जिससे स्किन को नुकसान पहुंचती है।

घर के अंदर और बाहर स्किन की देखभाल जरूरी
घर से बाहर हो या घर के अंदर, दोनों ही स्थिति में स्किन की देखभाल आवश्यक है। स्किन स्पेशलिस्ट रश्मि बताती है कि 'इस दुष्प्रभाव को कुछ हद तक सीमित रखने के लिए अपने डिजिटल उपकरणों पर ब्लू लाइट्स शील्ड का उपयोग सुनिश्चित करें और घर के अंदर रहने के दौरान भी चेहरे पर सनस्क्रीन लगाए।

किस प्रकार की सनस्क्रीन है बेहतर
विशेषज्ञों की मानें तो कैयोलिन क्ले और एलोवेरा युक्त सनस्क्रीन का उपयोग अपनी त्वचा की देखभाल के लिए करें जो त्वचा से गंदगी को दूर कर आपको 24/7 सुरक्षा प्रदान करती है।
उन्होंने यह भी कहा, यूवीए और यूवीबी किरणों से त्वचा की सुरक्षा के लिए एक फुल टेबल स्पून ऑर्गेनिक सनस्क्रीन का उपयोग करें और घर में रहने के दौरान भी हर दो या तीन घंटे में चेहरे को साफ कर इसे दोबारा से अप्लाई करें।



Click it and Unblock the Notifications
