Rajesh Khanna Birthday: राजेश खन्‍ना के आइकॉनिक डायलॉग्स, जिसने काका को बना दिया बॉलीवुड का 'सुपरस्‍टार'

Rajesh Khanna Birthday: भारत के पहले सुपर स्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना की आज 81वीं जयंती है। पंजाब में जन्मे राजेश खन्ना ने 1965 में हिंदी सिनेमा पर एक अलग ही छाप छोड़ी, जिसे मिटा पाना नामुमकिन है। लेकिन राजेश खन्ना की फिल्में और उनके डायलॉग हमेशा याद किए जाते रहेंगे। आज राजेश खन्‍ना का जन्‍मदिन हैं। इस मौके पर उन्‍हें याद करते हुए उनके कुछ यादगार डायलॉग्स पर नजर डालते हैं।

Rajesh Khanna Birtdahy Specia

1. आराधना

आराधना ही वो फिल्म थी जिसने राजेश खन्ना की सफलता की नींव गढ़ी थी। फिल्म के रोमांटिक गाने आज भी बहुत मशहूर हैं वहीं इस फिल्म के डायलॉग को भी काफी पसंद किया गया था-

" एक छोटा सा जख्म बहुत गहरा दाग बन सकता है और और एक छोटी सी मुलाकात जीवन भर का साथ बन सकती है।"

2. अवतार मूवी

अवतार एक फैम‍िली ड्रामा थी। ज‍िसमें एक बूढ़े माता-पिता के गरीबी से अमीरी का सफर को द‍िखाया गया है। इस मूवी का एक डायलॉग खूब मशहूर हुआ था-

" सेठ जिसे तुम खरीदने चले हो उसके चेहरे पर लिखा है नॉट फॉर सेल"

 Happy Birthday Rajesh Khanna

3. बावर्ची

ऋषिकेश मुखर्जी की इस फिल्म में राजेश खन्ना ने एक बावर्ची का किरदार निभाया था जो अपने निराले स्वभाव से घर के अजीबों गरीब लोगों को बदल देता है। ये बांग्ला फिल्म 'गाल्पा होलओ सात्यी' से प्रेरित थी। इस फिल्म के डायलॉग ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया था।

" किसी बड़ी खुशी के इंतजार में हम ये छोटी छोटी खुशियों के मौके खो देते हैं।"

 Happy Birthday Rajesh Khanna

4. अमर प्रेम

अमर प्रेम मूवी में राजेश खन्ना शर्मिला टैगोर संग नजर आए थे। दोनों की कैम‍िस्‍ट्री खूब पसंद की गई थी। फ‍िल्‍म का एक डायलॉग खूब ह‍िस्‍ट हुआ था।

" मैंने तुमसे कितनी बार कहा मुझसे ये आंसू नहीं देखे जाते, पुष्पा आई हेट टियर्स.."

5. सफर

साल 1970 में राजेश खन्ना की फिल्म सफर रिलीज हुई थी इस फ‍िल्‍म में राजेश खन्ना एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे होते हैं, और वे इस डायलॉग को डॉक्टर से कहते हैं, जब डॉक्टर उन्हें अस्पताल में एडमिट होने की सलाह देता है।

" मैं मरने से पहले मरना नहीं चाहता "

6. रोटी

फिल्म रोटी के जरिए दिखाया गया था क‍ि कैसे गरीबों को एक रोटी के ल‍िए जद्दोजेहद करनी पड़ती है। भूखा पेट कैसे गरीब आदमी को कमजोर बना देता है। इस फ‍िल्‍म का ये डायलॉग भी यही बयां करता है-

" इंसान को दिल दे, दिमाग दे, जिस्‍म दे पर कमबख्‍त ये पेट न दे"

 Happy Birthday Rajesh Khanna

7. आनंद

इस फिल्म में राजेश खन्ना के एक एक डायलॉग ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया था। जिंदगी क‍ितनी अनमोल हैं और इसका हर पल क‍ितना कीमती। इस फिल्‍म के सबसे फेमस डायलॉग को गुलजार ने लिखा था और इसके लिए उन्हें बेस्ट डायलॉग का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। वो डायलॉग था-

" अरे ओ बाबू मोशाय, हम तो रंगमंच की कठपुलतियां हैं जिसकी डोर उस ऊपर वाले के हाथों में हैं, कब कौन कहां उठेगा ये कोई नहीं जानता। बाबू मोशाय जिंदगी बड़ी होनी चाहिए लंबी नहीं"

Story first published: Friday, December 29, 2023, 0:01 [IST]
Desktop Bottom Promotion