Latest Updates
-
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार
बनारसी साड़ी के नाम पर कहीं सस्ती कॉपी तो नहीं खरीद लाएं, ऐसे करें असली-नकली की पहचान
Banarasi Silk Saree : साड़ियों में कभी बनारसी साड़ी का फैशन कभी आउट नहीं होता है। शादी-ब्याह में दुल्हन हो या दुल्हन की मां बनारसी साड़ी हर किसी की पहली पसंद होती है। एक असली बनारसी साड़ी की कीमत हजारों में शुरू होती है। उसका दाम उस पर की गई कारीगरी पर निर्भर करता है।
बनारसी साड़ियों की लोकप्रियता ने बाजार में इनके नकली प्रॉडक्ट की भरमार पैदा कर दी है। इसलिए अगर भी बाजार में बनारसी साड़ी खरीदने निकली हैं, तो जरूरी है कि बनारसी साड़ी खरीदने से पहले जान लें कि यह असली है या नकली। यहां पहचानने के कुछ सिंपल तरीके बता रहे हैं-

चमकदार और मुलायम
असली बनारसी साड़ियों की मुख्य पहचान सिल्क की चमकदार और मुलायम बनारसी सिल्क के धागों के साथ होती है। इसके लिए साड़ी के किनारों या पल्लू के कोनों को देखें और चमकदारी और मुलायमी की जांच करें।
पल्लू की लंबाई देखें
असली बनारसी साड़ी पर बने डिजाइन भी पारंपरिक होते हैं। बनारसी साड़ी के पल्लू में हमेशा 6 से 8 इंच लंबा प्लेन सिल्क फैब्रिक होता है। अगर बनारसी साड़ी पर मुगल पैटर्न से प्रेरित अमरू, अंबी और दोमक जैसे पैटर्न का मतलब आपके पास असली बनारसी साड़ी है।

अंगूठी में डालकर आर- पार हो जाती है
बनारसी सिल्क की साड़ी पर अगर बहुत ज्यादा जरी का काम ना हो तो वह बेहद मुलायम और हल्की होती है। कहते हैं इसको अंगूठी में डालकर आर- पार किया जा सकता है।
छूकर पता करें
असली बनारसी सिल्क को अगर आप देर तक उँगलियों से छूकर देखते हैं तो आपको गर्माहट महसूस होगीद्य इसके अलावा बनारसी सिल्क की साड़ी रोशनी के हिसाब से रंग बदलती है। आप इसको अलग- अलग एंगल से देखेंगे तो आपको अलग- अलग रंग दिखाई देंगे।
जी आई टैग
भौगोलिक संकेत वाला जी आई टैग बनारस की सिल्क साड़ी की पूरी पहचान बता देगा। साड़ी पर इस टैग के आ जाने से नकल करने वाले आसानी से बनारसी सिल्क के नाम पर साड़ी नहीं बेच सकेंगे। अब आप क्यू-आर कोड की मदद से साड़ी की डिटेल ले सकेंगे। लेकिन अपनी पुरानी साड़ी की पहचान के लिए आपको ये तरीके अपनाने होंगे।



Click it and Unblock the Notifications