Latest Updates
-
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: आज धनु और कर्क राशि के लिए बड़ा दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल -
Aaj Ka Rashifal 6 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Mother's Day पर मां का मुंह कराएं मीठा, बिना ओवन और बिना अंडे के घर पर तैयार करें बेकरी जैसा मैंगो केक
सुषमा स्वराज को खूब पसंद थी सिल्क और कॉटन की साड़ी, दिन के हिसाब से चुनती थी कलर
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (67) का मंगलवार रात एम्स में निधन हो गया। सुषमा स्वराज अपने राजनीतिक कॅरियर के दौरान किए गए कामों के अलावा अपने प्रखर व्यक्तित्व के लिए भी जानी जाती थी। यूं तो सुषमा स्वराज का रहन सहन काफी सादा था। लेकिन आम महिलाओं की तरह उन्हें भी तीज-त्योहार में सजना संवरना काफी पसंद था।
विदेशी दौरा हो या फिर संसद में तीखी बहस के दौरान सुषमा को हमेशा साड़ी में देखा गया था। साड़ी न सिर्फ उनके लिए एक परिधान था बल्कि वो उसे अपनी गरिमा से जोड़कर भी देखती थी। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सुषमा स्वराज ने साड़ी को पहचान दिलाई थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि सुषमा स्वराज हर दिन के अनुसार कलर देखकर साड़ी पहना करती थी।

साड़ी के साथ मैचिंग शॉल
सुषमा स्वराज साड़ी के साथ उसकी मैचिंग के शॉल ही कैरी करती थी। जो उन्हें बहुत एलिगेंट और सिम्पल लुक देता था। साड़ी के साथ शॉल को कैरी करने के भी उनकी एक अदा था। या तो कंधे पर एक साइड में भी शॉल को लटका लेती हैं और गले में दुपट्टे की तरह उसे कैरी करती थी। कभी कभी साड़ी के पल्लू के बजाय सिर ढकने के लिए भी वो अपनी शॉल को यूज़ करती हैं।

जैकेट साड़ी को बनाया ट्रेंड
साड़ी के साथ जैकेट पहनने के ट्रेंड को भी सुषमा स्वराज ने ही कहीं न कहीं फेमस किया था। कई विदेशी दौरों के दौरान सुषमा को साड़ी के साथ हाफ जैकेट में देखा गया था। वह शॉल की तरह जैकेट भी साड़ी के मैचिंग की ही कैरी करती थीं। यह उनका सिग्नेचर स्टाइल बन चुका था। इतना ही नहीं, उन पर यह लुक काफी फबता भी था।

सिल्क और कॉटन साड़िया थी फेवरेट
सुषमा के पास साड़ियों का बेहद क्लासी कलेक्शन था। सबसे ज्यादा उन्हें कॉटन और सिल्क की साड़ियां पसंद थीं। वह ज्यादातर इन्हीं में नजर आती थीं। वह कभी-कभार सूट भी पहनती थीं, लेकिन संसद में और विदेशी दौरों के दौरान वह हमेशा साड़ी में ही नजर आती थीं।

बेहद सिम्पल था सुषमा का स्टाइल
सुषमा स्वराज का स्टाइल बेहद सिंपल और एलीगेंट हैं। मांग में सिंदूर, माथे पर गोल लाल बिंदी एक हाथ में घड़ी और मोती की माला या मंगलसूत्र जैसी कम से कम ज्वेलरी पहनना सुषमा स्वराज का स्टाइल स्टेटमेंट बन चुका है। तो भारत की मोस्ट स्टाइलिश राजनेता में सुषमा स्वराज भी एक हैं। जो ना सिर्फ अपने तीखे और सुलझे हुए बयानों से बल्कि अपने फैशन की वजह से भी कई लोगों के दिलों पर राज करती हैं।

सजना संवरना पसंद था सुषमा स्वराज को
यूं तो आप सुषमा स्वराज को हमेशा ही मंगलसूत्र या मोती की माला पहनें और एक हाथ में घड़ी और एक हाथ में चूड़ी पहने देखेंगे लेकिन उनके घर अगर कोई फंक्शन हो या फिर कोई खास त्योहार हो तो वो पूरी तरह से सजी हुई ही नज़र आती हैं। नाक में नथ पहनने से लेकर शाइनी सिल्की आउटफिट उन्हें सब पसंद हैं। करवाचौथ जैसे खास त्योहार को जिसमें सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का व्रत रखती हैं, ऐसे मौकों पर वो हर आम महिला की तरह सजना सवरना और सोने के गहने पहनना पसंद करती हैं।

कलर कोड में रखती थी विश्वास
आपको जानकर हैरान होगी कि सुषमा स्वराज का ज्योतिष और रत्न विज्ञान में बहुत रुचि थी। वह ग्रह नक्षत्रों के अनुसार ही साड़ी का कलर चुनती थी और खाना खाती थी। हर सोमवार को वो सफेद रंग की साड़ी पहनने के साथ सफेद अन्न खाती थी। ( सोमवार को वो खाने में गोभी और सफेद चना खाती थी क्योंकि इसके पीछे तर्क ये था कि सोमवार का ग्रह स्वामी चंद्र यानी Moon होता है और इसका रत्न मोती होता है।) ऐसे ही वो मंगलवार को रेड या मेहरुन रंग पहनती थी और खाने में राजमा और गाजर खाती थी। इसी तरह शनिवार जो कि शनि देवता का दिन होता है इस दिन ब्लैक कलर पहनने के साथ नीलम की अंगूठी पहना करती थी।



Click it and Unblock the Notifications