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Priyanka Gandhi Oath Saree : MP प्रियंका गांधी ने केरल की पांरपरिक कसावु साड़ी पहन ली शपथ, जानें इसकी खासियत
Priyanka Gandhi Oath Saree : प्रियंका गांधी वाड्रा ने 28 नवंबर को संसदीय पारी का आगाज करते हुए वायनाड सांसद के तौर पर शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रियंका केरल की संस्कृति में ढली हुई नजर आई। दरअसल प्रियंका गांधी ने लोकसभा सांसद के रुप में केरल की कसावु साड़ी पहनकर शपथ ली। इस ट्रेडिशनल साड़ी का रंग क्रीम कलर था और बॉर्डर गोल्डन कलर का था।
बता दें कि मलयाली संस्कृति में कसावु साड़ी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साड़ी को शादी ब्याह के अलावा कई पांरपारिक उत्सव में पहना जाता है। आइए जानते हैं इस साड़ी की विशेषता।

कसावु साड़ी की खासियत
केरल में कसावु साड़ी संस्कृति का एक प्रतीक है कसावु का मतलब जरी होता है जो कि सोने या चांदी के धागों से बना होता है। साड़ी की बुनावट सफेद कपड़े से होती है, जिसमें सुनहरे धागों से बॉर्डर सजाया जाता है। यह सुनहरा बॉर्डर इसे विशिष्ट और आकर्षक बनाता है। कसावु साड़ी शुद्ध हाथ से बुने हुए सूती कपड़े से बनाई जाती है, जो इसे हल्का और आरामदायक बनाता है। अब कुछ आधुनिक वेरिएंट में रेशम का भी उपयोग होता है।
बॉर्डर और पल्लू में इस्तेमाल किया गया सुनहरा धागा (जरी) असली सोने या चांदी का हो सकता है। पारंपरिक कसावु साड़ी में असली जरी का उपयोग होता था, लेकिन अब यह महंगा होने के कारण कृत्रिम जरी का भी इस्तेमाल किया जाता है।
बुनने में लगता है एक हफ्ते का समय
कसावु साड़ी को हाथ से बुनने में आमतौर पर 7-10 दिन लगते हैं, लेकिन अगर डिजाइन जटिल हो, तो इसे बनाने में 3 सप्ताह तक का समय लग सकता है। जरी से बॉर्डर और पल्लू पर बारीक काम करने में काफी समय लगता है। यह काम पूरी तरह से कारीगरों की कुशलता पर निर्भर करता है। कसावु साड़ी पूरी तरह हाथ से बनती है, जिसमें धागों को रंगने, बुनने और जरी का काम करने की प्रक्रिया शामिल होती है। यह इसे समय और मेहनत वाला बनाता है।
संस्कृति और धर्म का प्रतीक
केरल की संस्कृति पर आरंभ से ही धर्म और परंपराओं का गहरा प्रभाव रहा है। सफेद रंग पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक है, जबकि सुनहरे बॉर्डर (कसावु) को समृद्धि और देवत्व से जोड़ा जाता है। ओणम, विषु, और शादी जैसे खास अवसरों पर सफेद और गोल्डन साड़ी पहनना शुभ माना जाता है। यह परिधान भगवान विष्णु और अन्य देवताओं के प्रति भक्ति प्रकट करने का एक तरीका है।
जलवायु भी है एक वजह
केरल की गर्म और आर्द्र जलवायु में सूती कपड़े आरामदायक होते हैं। सफेद साड़ी की कपास और इसकी हल्की बनावट वाली ये साड़ी गर्म मौसम के लिए उपयुक्त होती है।



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