Latest Updates
-
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन'
गणेश पूजा की विधि और रस्में
गणेश चतुर्थी, पूरे भारत में धूमधाम से मनाएं जाने वाले त्यौहारों में से एक है। इस त्यौहर को न सिर्फ मंदिरों और पंडालों में बल्कि घरों में भी मनाया जाता है। कई लोग अपने घरों में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करते है।
READ: गणेश चतुर्थी पर बनाइये ये स्वादिष्ट व्यंजन
गणेश पूजा में कई रोचक रस्में भी होती है। हर परिवार और समुदाय गणेश पूजा की इन रस्मों को अनुष्ठान के दौरान निभाता है। लेकिन कुछ रस्में और परंम्पराएं सभी के लिए कॉमन होती है।
READ: जानिये क्यूं मनाई जाती है गणेश चतुर्थी
गणेश चतुर्थी एक दिन का त्यौहार नहीं होता है इसे लगातार दस दिनों तक धूमधाम और उत्साह से मनाया जाता है। आप चाहें तो भगवान गणेश को अपनी सुविधा के अनुसार, ड़ेढ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या नौ दिन भी रख सकते है। यहां गणेश पूजा से जुड़े कुछ बुनियादी हिंदू अनुष्ठानों के बारे में बताया जा रहा है :

1 ) मूर्ति की स्थापना
सबसे पहले, भगवान गणेश की मूर्ति को ऊंचे स्थान पर सिहांसन पर स्थापित किया जाता है। परिवार के सदस्य, खासकर बच्चे इस मंच को सजाते है। आप इसकी साज - सज्जा में फूलों और रंगीन पन्न्यिों का इस्तेमाल भी कर सकते है। आप कई तरह के क्राफ्ट भी कर सकते है, झरना आदि से भी मूर्ति को आकर्षित बना सकते है।

2 ) पवित्र जल
मूर्ति को रखने के बाद, भगवान गणेश पर पवित्र जल जैसे - गंगाजल को छिडका जाता है और इस प्रक्रिया को प्राणप्रतिष्ठा कहा जाता है। हिंदू में मानते है कि इस प्रक्रिया से मूर्ति में प्राण आते है, इस दौरान वैदिक मंत्रों का उच्चारण भी किया जाता है।

3) रिद्धि और सिद्धि
कई परिवार भगवान गणेश की मूर्ति के साथ रिद्धि और सिद्धि की मूर्ति की स्थापना भी करते है। इन दो महिला देवियों की पूजा भी लगातार नौ दिन तक की जाती है।

4) गणपति आरती
गणेश पूजा के साथ आरती करना एक सबसे महत्वपूर्ण रस्म है। आरती वास्तव में कई गानों का संग्रह होती है जिसे भक्तिमय तरीके से लय में गाया जाता है। गणेश पूजा के सभी दिनों में सुबह और शाम को गणेश आरती का आयोजन किया जाता है। इस दौरान थाली में घी के दीए जलाकर रखे जाते है।

5) मोदक और लड्डू
भगवान गणेश, मोदक और लड्डुओं के सबसे बड़े शौकीन है। मिठाई को उनकी कमजोरी माना जाता है। यही कारण है कि भगवान गणेश की पूजा के दौरान मोदक और लड्डुओं का विशेष इंतजाम किया जाता है।

6) कडुवा मोदक
गणेश भगवान की आरती के दौरान थाली में सभी मोदकों को रखा जाता है, इसमें एक मोदक कडुवा मोदक भी रखते है। आरती के बाद इन मोदकों को सभी में बांटा जाता है। मानते है कि जिस व्यक्ति को यह मोदक मिलता है, उसका पूरा साल बहुत भाग्य वाला होता है।

7) विसर्जन
गणेश पूजा का अंतिम पडाव विर्सजन होता है। इस चरण में, भगवान गणेश की स्थापित मूर्ति को पास में स्थित जल स्त्रोत में प्रवाहित कर दिया जाता है, इस दौरान युवा नाचते गाते है और गुलाल से रंग खेलते है। इस यात्रा में भगवान गणेश के सभी मंगलमय गानों को बैंड बाजे के साथ गाया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications











