Latest Updates
-
Fry Pan Method Fish Masala Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा फिश मसाला -
Pahadi Green Superfood Kafuli Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और पौष्टिक स्वाद -
टीम इंडिया की जर्सी पाकर इमोशनल हुए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, कही ये बड़ी बात, देखें Video -
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क
Summer Drink: इन 3 रीजनल ड्रिंक को पीने से चिलचिलाती गर्मी में मिलेगी राहत, जानिए रेसिपी और फायदे
ठंडा-ठंडा नींबू पानी या जीरे के तड़के के साथ खट्टी-खट्टी छाछ और एक गिलास शक्करयुक्त ग्लूकॉन-डी। ये सभी गर्मियों में पीए जाने वो सबसे कॉमन ड्रिंक है, जो गर्मी को मात देने के साथ आपको हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। लेकिन बहुत से लोग आज भी भारत के अलग-अलग राज्यों में मिलने ऐसे कई स्थानीय लोकल ड्रिंक के बारे में अनजान हैं, जिन्हें पीने से न सिर्फ लू को मात दी जा सकती है, बल्कि आप खुद को रिफ्रेशिंग और एनर्जेटिक फील करेंगे। आइए जानते हैं ऐसे ही 3 लोकल ड्रिंक और उनकी रेसिपी के बारे में।

बुरांश का जूस
पहली नज़र में बुरांश का जूस, स्ट्रॉबेरी और गुलाब से सजे मॉकटेल की तरह दिखता है। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पाया जाने वाला बुरांश (रोडोडेंड्रोन फूल) की पंखुड़ियों से बने इस स्वादिष्ट मीठे और खट्टे पेय को गढ़वाली और कुमाऊंनी लोग गर्मियों में पीते हैं। बुरांश का जूस पीने से शरीर को ठंडक और गर्मी से राहत मिलती है। इसलिए गर्मियों में इस जूस को पीना लाभकारी होता है। सिकनेस मोशन जैसी समस्याओं को निपटाने के अलावा ये डिहाइड्रेशन से बचाता है।
रेसिपी: बुरांश का फूल पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है। ये ऑनलाइन स्क्वैश के रुप में उपलब्ध हैं। स्क्वैश के एक भाग को दो से गिलास में ठंडे पानी या सोडा के साथ मिलाकर और नींबू के रस और पुदीने से गार्निश करके पी सकते हैं।

सोलकढ़ी
सोलकढ़ी, कोंकण क्षेत्र का प्रमुखता से पिया जाने वाला पेय है। जो सूखे कोकम फल और नारियल के दूध से बनता है। गुलाबी रंग में दिखने वाला ये ड्रिंक दिखने में जितना सुखद लगता है, पीने में भी उतना स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट होता है। स्थानीय लोग इसे 'आमसोल' भी कहते हैं। इसमें मौजूद कूलिंग एजेंट गर्मियों में शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है।
रेसिपी: सोलकढ़ी बनाने के लिए सबसे पहले कोकम को 1/2 कप गुनगुने पानी में 30 से 45 मिनट के लिए भिगो दें। अब कोकम को निचोड़कर उसमें से रस निकाले। एक कप कद्दूकस किए हुए नारियल को थोड़े से पानी के साथ मिक्सी में पीस लें और फिर इस पेस्ट से 'दूध' निकाल लें। फिर से पानी डालें और प्रक्रिया को तब तक दोहराएं जब तक कि सारा नारियल का दूध न निकल जाए। एक ओखली और मूसल में, हरी मिर्च, हरा धनिया, जीरा, एक लौंग या दो लहसुन और एक चुटकी सेंधा नमक को एक साथ पीस लें। अंत में इस ड्रिंक को तैयार करने के लिए एक कटोरे में कोकम कॉन्संट्रेट, मसाले का मिश्रण और नारियल का दूध मिलाएं और पुदीने से गार्निश करें। सोलकढ़ी को एक या दो घंटे के लिए फ्रिज में रख दें ताकि मसाले अंदर तक चले जाएं और अब ठंडा-ठंडा परोसें।

जिगरठंडा
जिगरठंडा एक ठंडा पेय है जो भारत के दक्षिण भारत के तमिलनाडु के मदुरई शहर में काफी लोकप्रिय है। जैसा कि नाम से ही मालूम चलता है, इसे पीते है जिगर यानी कलेजा ठंडा हो जाता है। कोई नहीं जानता कि यह पेय तमिलनाडु में कैसे पहुंचा? माना जाता है कि यह मुस्लिम शासकों के शासनकाल में प्रचलन में आया। मुस्लिमों के शासनकाल में अरबी शब्दों 'जिगर' और 'ठंडाल' से बना था 'जिगरठंडा'। लेकिन मदुरई में ये ड्रिंक काफी फेमस है। जिगरठंडा' को दूध, आइसक्रीम और शक्कर के अलावा इसके दो खास इंग्रेडिएंट हैं- बादाम का गोंद और सर्सपरिला की जड़। ये सभी सामग्री डिटॉक्सिफाइंग और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाने जाते है। जो गर्मी में राहत देते हैं।
रेसिपी: बादाम के गोंद के टुकड़ों को कटोरी भर पानी में रातभर भिगोने के बाद सुबह गोंद के ये टुकड़े फूलकर जेली जैसे हो जाते हैं। फिर दूध को अच्छी तरह उबालकर काफी गाढ़ा कर लिया जाता है। फिर इसमें जरूरत के अनुसार शक्कर, बादाम का गोंद और 'नन्नारी' सायरप (जो रेडीमेड मिलता है।) मिलाया जाता है। गिलास में ऊपर से थोड़ी आइसक्रीम मिलाई जाती है। जैसे उत्तर भारत में फालूदा होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications