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UP में 800kg मिलावटी टोमेटो सॉस जब्त, कहीं आप तो कैचप की जगह 'लाल जहर' तो नहीं खा रहे, ऐसे करें पहचान
कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक नकली टोमैटो सॉस बनाने वाली फैक्ट्री से करीब 800 किलो नकली टोमैटो सॉस जब्त किया। खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, नकली टोमैटो सॉस में टमाटर की जगह सिंथेटिक कलर, मकई का आटा और अरारोट का इस्तेमाल करके उसे पेस्ट को टमाटर सॉस की शक्ल देकर बेचा जा रहा था। इसके बाद इस नकली सॉस को सड़क किनारे लगने वाले ठेले से लेकर रेस्टोरेंट तक में सप्लाई हो रही थी।
इस तरह का मिलावटी सॉस स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। लंबे समय तक इसके सेवन करने से लिवर और किडनी को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है। अगर आपको भी टमाटर कैचप खाना खूब पसंद हैं, आप भी जानें कि नकली टोमैटो सॉस की पहचान कैसे करें।

नकली टौमेटो से हो सकते हैं ये नुकसान
डॉक्टर डायटीशियन अंजली पाठक ने नकली सॉस खाने के नुकसान बताए हैं, जो आपकी सेहत के लिए घातक हो सकती है।
- नकली सॉस में मौजूद सिंथेटिक कलर्स और केमिकल्स से पेट में जलन, एसिडिटी, और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लगातार सेवन से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परेशानियां भी हो सकती हैं।
- सिंथेटिक रंग और प्रिज़र्वेटिव्स कुछ लोगों में एलर्जी का कारण बन सकते हैं, जिससे खुजली, रैशेज़ और त्वचा पर दाने निकल सकते हैं। बच्चों में ये समस्याएं ज्यादा देखने को मिल सकती हैं।
- नकली सॉस में मौजूद प्रिज़र्वेटिव्स जैसे सोडियम बेंज़ोएट और पोटेशियम बाइसल्फ़ाइट लिवर और किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। लंबे समय तक सेवन करने से लिवर में विषाक्तता (टॉक्सिसिटी) और किडनी फेलियर का खतरा बढ़ सकता है।
- कुछ सिंथेटिक रंगों को कैंसरकारी (कार्सिनोजेनिक) माना गया है। इनका बार-बार सेवन शरीर में टॉक्सिन्स को जमा कर सकता है, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं।
असली और नकली टोमैटो सॉस की पहचान कैसे करें?
रंग देखें
असली टोमैटो सॉस का रंग गहरा लाल या भूरे रंग की तरफ होता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक टमाटर का रंग होता है। नकली सॉस का रंग बहुत चमकीला लाल या गाढ़ा हो सकता है, जो सिंथेटिक रंगों के कारण होता है।
स्वाद पर ध्यान दें
असली टोमैटो सॉस में टमाटर का खट्टापन और प्राकृतिक मिठास होती है, जबकि नकली सॉस में स्वाद तेज और अप्राकृतिक हो सकता है। नकली सॉस में अक्सर स्वाद को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त चीनी और केमिकल मिलाए जाते हैं।
गाढ़ापन
असली सॉस की गाढ़ी स्थिरता होती है, लेकिन यह बहुत ज्यादा चिपचिपा नहीं होता। नकली सॉस में अरारोट या कॉर्न स्टार्च मिलाया जाता है, जिससे यह बहुत ज्यादा गाढ़ा और चिपचिपा महसूस हो सकता है।
खुशबू
असली सॉस में टमाटर की हल्की प्राकृतिक महक होती है। नकली सॉस में कभी-कभी केमिकल या अत्यधिक मीठी गंध हो सकती है।
सामग्री की जांच करें
खरीदने से पहले लेबल पर सामग्री सूची (Ingredients) देखें। असली सॉस में टमाटर, नमक, मसाले, और कुछ प्रिज़र्वेटिव्स होते हैं। अगर लेबल पर बहुत से रसायनों, सिंथेटिक कलर्स, और एडिटिव्स का जिक्र हो, तो वह नकली हो सकता है।
पानी में टेस्ट करें
थोड़ी मात्रा में सॉस को एक गिलास पानी में डालें। असली सॉस तुरंत पानी में घुल जाएगा, जबकि नकली सॉस में स्टार्च और अरारोट होने की वजह से यह पानी में तैरता हुआ दिख सकता है या नीचे बैठ सकता है।
आयोडीन टेस्ट
एक चम्मच टोमैटो सॉस पर कुछ बूंदें आयोडीन की डालें। आयोडीन का घोल आप किसी भी केमिस्ट से ले सकते हैं। अगर सॉस का रंग नीला या काला हो जाता है, तो इसका मतलब है कि उसमें स्टार्च की मिलावट का संकेत है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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