Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
Parasitic Twin: एम्स में चार पैरों वाले लड़के की हुई दुर्लभ सर्जरी, दुनिया में ऐसे सिर्फ 42 मामले
what is parasitic twin : कई बार आपने सुना होगा कि कोई बच्चा चार पैर या तीन हाथ के साथ पैदा हुआ है। यह एक दुर्लभ जेनेटिक विकार है, जिसे मेडिकल साइंस की भाषा में पैरासिटिक ट्विन कहा जाता है। दुनियाभर में 10 लाख में से किसी एक बच्चे में यह स्थिति पाई जाती है। हाल ही में दिल्ली एम्स में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां डॉक्टरों ने 17 साल के पैरासिटिक ट्विन की सफल सर्जरी कर उसे एक सामान्य जीवन दिया।

चार पैर के साथ पैदा हुआ लड़का
यह लड़का जन्म से ही चार पैर के साथ पैदा हुआ था, जिनमें से दो अविकसित जुड़वां भाई के अंग थे। उसे इन अतिरिक्त अंगों में स्पर्श, दर्द और तापमान का अहसास होता था। हालांकि, उसकी आंत और मूत्राशय सामान्य रूप से काम कर रहे थे, लेकिन पेट से जुड़े दो अतिरिक्त पैरों के कारण उसे काफी सामाजिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस वजह से उसने अपना अधिकांश बचपन अकेले बिताया।
एम्स में हुई सर्जरी
लड़के के परिजनों को एक रिश्तेदार ने एम्स जाने की सलाह दी। वहां डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम ने कई मेडिकल जांचें कीं और सीटी स्कैन में उसके पेट में एक बड़ा सिस्टिक मास पाया गया। पूरी तैयारी और विचार-विमर्श के बाद दो भागों में सर्जरी की गई। पहले चरण में सर्जनों ने अतिरिक्त पैर और पेट के मांस को हटाया, फिर दूसरे चरण में बाकी सुधारात्मक प्रक्रियाएं कीं।
सर्जरी के तुरंत बाद मरीज की स्थिति में सुधार दिखने लगा। ऑपरेशन के पहले दिन से ही उसने खाना शुरू कर दिया और तीसरे दिन नली हटा दी गई। चौथे दिन उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इन डॉक्टरों की टीम ने किया सर्जरी
इस सफल सर्जरी के लिए कई विशेषज्ञों की टीम ने योगदान दिया। इनमें प्रमुख ऑपरेटिंग सर्जन डॉ. असुरी कृष्णा, डॉ. वीके बंसल, डॉ. सुशांत सोरेन, डॉ. ब्रिजेश कुमार सिंह, डॉ. अभिनव कुमार, प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. मनीष सिंघल और डॉ. शशांक, एनेस्थेसिया टीम से डॉ. गंगा प्रसाद और डॉ. राकेश, तथा रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. अतिन और डॉ. अंकिता शामिल थे।
पैरासिटिक ट्विन क्या होता है?
पैरासिटिक ट्विन को कोंडोइंड ट्विन या एबनॉर्मल ट्विन भी कहा जाता है। गर्भावस्था के दौरान जुड़वा भ्रूण के विकास की प्रक्रिया में असामान्यता के कारण यह स्थिति उत्पन्न होती है। एक भ्रूण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जबकि दूसरा अधूरा रह जाता है और विकसित भ्रूण के शरीर से जुड़ा रहता है। इस वजह से बच्चे के शरीर में अतिरिक्त अंग विकसित हो सकते हैं, जैसे कि चार पैर या तीन हाथ।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
