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Amalaki Ekadashi 2025: आमलकी एकादशी पर भूलकर भी न खाएं ये चीजें, टूट सकता है व्रत!
What to eat and avoid in Amalaki Ekadashi 2025 : आमलकी एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह व्रत फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है और इसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का उत्तम अवसर माना जाता है। इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है, क्योंकि इसे भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है। इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी 10 मार्च 2025 को मनाई जाएगी।
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ आंवले के वृक्ष की भी पूजा की जाती है। आमलकी एकादशी व्रत के दौरान भक्त विशेष आहार नियमों का पालन करते हैं। आइए जानते हैं कि इस दिन क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए।

आमलकी एकादशी पर क्या खाएं?
आंवला (आमलकी) का सेवन करें - इस एकादशी का नाम ही 'आमलकी' है, इसलिए इस दिन आंवले का सेवन शुभ माना जाता है। आंवले को कच्चा, जूस के रूप में, मुरब्बा या चटनी के रूप में खाया जा सकता है।
साबूदाना - व्रत में हल्का और पचने में आसान भोजन करना चाहिए। साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना खीर या साबूदाना टिक्की का सेवन कर सकते हैं।
फल और मेवे - आमलकी एकादशी व्रत में ताजे फल जैसे केला, सेब, पपीता, अंगूर, और नारियल का सेवन कर सकते हैं। मेवे जैसे बादाम, अखरोट, किशमिश और मखाने भी उपयुक्त होते हैं।
दूध और दूध से बने उत्पाद - दूध, दही, पनीर, छाछ, लस्सी आदि का सेवन किया जा सकता है। इससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है।
सेंधा नमक का उपयोग - इस दिन सामान्य नमक का प्रयोग वर्जित होता है, इसलिए व्रत के भोजन में सेंधा नमक का उपयोग करें।
सिंघाड़े या कुट्टू के आटे से बनी रोटी या पकवान - व्रत में गेहूं या चावल का सेवन नहीं किया जाता, इसलिए कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूड़ी या पराठा बनाया जा सकता है।
शकरकंद और अरबी - उबली या हल्की तली हुई शकरकंद और अरबी व्रत के अनुकूल होती हैं।
आमलकी एकादशी पर क्या नहीं खाएं?
अनाज और दालें - इस दिन चावल, गेहूं, जौ, मक्का, और अन्य अनाज वर्जित होते हैं। साथ ही, दालों का सेवन भी नहीं किया जाता।
मसालेदार और तली-भुनी चीजें - अधिक तेल-मसाले वाले खाद्य पदार्थों से बचें, क्योंकि व्रत में सात्विक भोजन ग्रहण करने की परंपरा है।
लहसुन और प्याज - इनका सेवन तामसिक माना जाता है, इसलिए व्रत में इन्हें खाने की मनाही होती है।
मांसाहार और शराब - किसी भी प्रकार के मांस, मछली, अंडे और शराब का सेवन इस दिन पूरी तरह निषेध होता है।
तामसिक भोजन - बासी, बहुत अधिक तीखा या अधिक गरिष्ठ भोजन करने से बचें, क्योंकि यह व्रत के शुद्धता नियमों के
आमलकी एकादशी व्रत में सात्विक और हल्का भोजन ग्रहण करना चाहिए। इस दिन आंवले का सेवन विशेष रूप से शुभ माना जाता है। व्रत के नियमों का पालन करके भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त की जा सकती है और शरीर को भी शुद्ध और ऊर्जावान रखा जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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