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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने सिंगल एक्स-रे के यूज से भविष्य में हार्ट डिजीज की जताई आशंका

दुनियाभर में मौत का प्रमुख कारण दिल की बीमारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक हर साल 17.9 मिलियन लोगों की जान दिल की बीमारी से होती है। जिसके कारण शोधकर्ताओं को दिल की बीमारी और इसके जोखिम कारकों के इलाज और रोकथाम के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया जाता है। एक चेस्ट के एक्स-रे का यूज करते हुए, शोधकर्ताओं ने एक नया सीखने का मॉडल विकसित किया है जो दिल के दौरे या एथेरोस्क्लेरोटिक दिल की बीमारी के कारण होने वाले स्ट्रोक से मरने की 10 साल की संभावना की भविष्यवाणी करता है।
रिसर्च के मुताबिक प्रौद्योगिकी को CXR-CVD खतरे के रूप में जाना जाता है। अमेरिका में राष्ट्रीय कैंसर इस्टिट्यूट द्वारा डिज़ाइन किए गए एक विशेष परीक्षण में इसका रिसर्च और प्रशिक्षण किया जा रहा है। इसने लगभग 11,430 बाह्य रोगियों के एक दूसरे इंडिपेंडेंट समूह का भी उपयोग किया। जिनमें सभी लोगों के सीने का एक्स-रे किया गया। जिसने उन्हें स्टेटिन थेरेपी के लिए संभावित रूप से योग्य बनाया, जो दिल के दौरे के जोखिम को कम करने में मदद करने के लिए एक तरह का निवारक है।
अध्ययन के निष्कर्ष उत्तरी अमेरिका के रेडियोलॉजिकल सोसायटी की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किया गया था। डीप लर्निंग एक प्रकार की उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) है जिसे बीमारी से संबंधित पैटर्न के लिए एक्स-रे को ढुंढने के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स दिल की बीमारी की घटनाओं के 10 साल के जोखिम का अनुमान लगाने की सलाह देते हैं ताकि यह स्थापित किया जा सके कि प्राथमिक रोकथाम के लिए स्टैटिन किसे पाना चाहिए। इस जोखिम की गणना एथेरोस्क्लेरोटिक दिल की बीमारी जोखिम स्कोर का यूज करके की जाती है। एक सांख्यिकीय मॉडल जो आयु, लिंग, जाति, सिस्टोलिक हाई ब्लड प्रेशर, धूम्रपान, टाइप 2 डायबीटिज और खून का परीक्षण सहित कई चीजों पर विश्वास किया जाता है। 7.5 प्रतिशत पेशेंट्स के लिए स्टैटिन दवा की सलाह की जाती है।
ASCVD जोखिम की गणना करने के लिए जरूरी चर अक्सर उपलब्ध नहीं होते हैं, जो जनसंख्या-आधारित स्क्रीनिंग के लिए दृष्टिकोण को आकर्षक बनाता है। रिसर्चर्स के मुताबिकएक टीम ने सिंगल चेस्ट एक्स-रे इनपुट का यूज करके एक डीप लर्निंग मॉडल को ट्रेंड किया। उन्होंने प्रोस्टेट, फेफड़े, कोलोरेक्टल और ओवेरियन कैंसर स्क्रीनिंग ट्रायल में 40 हजार प्रतिभागियों से 147,400 के लगभग चेस्ट एक्स-रे का यूज करके दिल की बीमारी से मृत्यु के जोखिम की भविष्यवाणी करने के लिए CXR-CVD जोखिम के रूप में जाने वाला मॉडल विकसित किया है।
डॉक्टर्स के मुताबिक लंबे समय से माना जाता है कि एक्स-रे पारंपरिक नैदानिक निष्कर्षों से जानकारी पाते हैं। शोधकर्ताओं ने 11,430 आउट पेशेंट के दूसरे स्वतंत्र समूह का यूज करके मॉडल का परीक्षण किया। 11,430 रोगियों में से, 1,096 को 10.3 सालों के मध्यकाल में एक प्रमुख प्रतिकूल हृदय संबंधी घटना का सामना करना पड़ा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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