दिवाली पर पटाखों के धुएं से आ सकता है अस्थमा अटैक, बचने के लिए फॉलो करें 5 टिप्स

Asthma Prevention Tips In Diwali: दिवाली का त्योहार रोशनी, मिठास और खुशियों का त्योहार है। लेकिन अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। दरअसल, इस दौरान पटाखों से निकलने वाले धुंए से हवा बेहद खराब हो जाती है, जिससे अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, प्रदूषण और ठंडी हवा भी अस्थमा के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। इसके कारण अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में तकलीफ, जलन या खांसी की समस्या हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि अस्थमा के मरीज अपना खास ख्याल रखें। कुछ उपाय अपनाकर अपनी सेहत को बिगड़ने से बचा सकते हैं। लेकिन कुछ आसान उपाय अपनाकर अपनी सेहत को बिगड़ने से बचा सकते हैं। इस विषय पर हमने डॉ हरीश चाफले, सीनियर कंसल्टेंट चेस्ट फिजिशियन, ब्रोंकोस्कोपिस्ट, इंटेंसिविस्ट और स्लीप डिसऑर्डर स्पेशलिस्ट, ग्लेनएगल्स हॉस्पिटल्स, परेल, मुंबई से बात की। आइए, जानते हैं दिवाली पर अस्थमा के मरीजों के लिए खास टिप्स -

अस्थमा क्या है?

अस्थमा एक ऐसी स्थिति है, जिसमें फेफड़ों की नलिकाएं सूज जाती हैं और संकरी हो जाती हैं, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। इसके मुख्य कारण प्रदूषण, धूल, ठंडी हवा, संक्रमण, धुआं या तेज खुशबू हैं। अस्थमा के सामान्य लक्षणों में सांस फूलना, सीने में जकड़न, खांसी और सांस लेने पर सीटी जैसी आवाज आना शामिल हैं। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो अस्थमा का अटैक, निमोनिया या अस्पताल में भर्ती होने जैसी स्थिति भी बन सकती है।

दिवाली पर क्यों बढ़ती है अस्थमा के मरीजों की परेशानी?

दिवाली में पटाखों से निकलने वाला धुआं और जहरीले कण हवा में मिलकर प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ा देते हैं। यह धुआं अस्थमा के मरीजों के फेफड़ों पर बुरा असर डालता है और सांस लेना मुश्किल बना देता है। साथ ही अगरबत्ती, परफ्यूम और दीयों की खुशबू भी कई बार ट्रिगर का काम करती है।

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दिवाली पर अस्थमा के मरीज ऐसे रखें अपना ख्याल

घर से बाहर जाने से बचें

दिवाली के दौरान अस्थमा के मरीजों को बिना किसी वजह घर से बाहर नहीं जाना चाहिए। अगर बाहर निकलना पड़े, तो N95 मास्क पहनें। साथ ही, घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें ताकि प्रदूषित हवा अंदर न आ सके।

इनहेलर हमेशा पास रखें

दिवाली पर अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है, इसलिए अपनी दवा और इनहेलर को हमेशा अपने साथ रखें। इसके अलावा, अपने परिवार के लोगों को भी बताएं कि आपात स्थिति में इनहेलर कैसे इस्तेमाल करना है।

घर का वातावरण स्वच्छ रखें

दिवाली पर पटाखों के धुएं से प्रदूषण बढ़ जाता है, जिससे आसपास की हवा बेहद खराब हो जाती है। इसलिए बचाव के लिए घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और रोजाना सफाई करें। घर में फफूंदी (mold) या धूल जमने न दें।

पटाखों से दूर रहें

अस्थमा के मरीजों को पटाखों से दूर रहना चाहिए। इससे निकला धुआं अस्थमा पेशेंट्स के लिए खतरनाक हो सकता है। इसके कारण सांस लेने में परेशानी, जलन, खांसी और सांस फूलने की समस्या हो सकती है। इसलिए जितना हो सके इससे दूर रहें।

खानपान का ध्यान रखें

दिवाली के दौरान अस्थमा के मरीजों अपने खानपान का खास ध्यान रखना चाहिए। तेल, मसाले, और प्रोसेस्ड फूड से परहेज करें। इसके अलावा, खूब पानी पिएं और हल्का, पौष्टिक खाना खाएं। रोजाना सांस संबंधी एक्सरसाइज करें ताकि फेफड़े मजबूत रहें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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