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Baisakhi 2024: बैसाखी पर क्यों खाया जाता है सत्तू, सेहत और धर्म से जुड़ा है कनेक्शन
Why Do Eat Sattu on Satuani Festival : बैसाखी के त्योहार को पंजाबी समुदाय में खूब धूमधाम से मनाया जाता है। सिख इसे अपने अंतिम गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्म दिवस के मौके पर मनाता हैं। बैसाखी वसंत फसल से जुड़ा त्योहार है इसी के साथ और सिख समुदाय के नव वर्ष की भी शुरुआत होती हैं।
इस दिन सूर्य का प्रवेश मेष राशि मे होता है। मेष राशि में सूर्य का प्रवेश होने के साथ ही भीषण गर्मी बढ़ने लगती हैं। इस दिन सेहत को ठंडक देने वाली चीज दान भी दिया जाता है। बैसाखी पर सत्तू का सेवन और दान करने की परांपरा हैं। बैसाखी को बिहार में बैसाखी को सतुआन कहा जाता है और इस दिन सत्तू खाने की परंपरा हैं।

आइए जानते हैं बैसाख और सतुआन पर सत्तू का सेवन करने के महत्व और इसे खाने के फायदे-
ज्योतिषीय वजह
ज्योतिष में चने के सत्तू का संबंध सूर्य, मंगल और गुरु जोड़ा जाता है। सूर्य के मेष राशि में आने पर सत्तू और गुड़ खाना चाहिए और इनका दान भी करना चाहिए। जो इस दिन सत्तू खाते हैं और इनका दान करते हैं उसका कुंडली में सूर्य मजबूत होता है। इसके अलावा शनि, मंगल और गुरु इन ग्रहों की शांति भी होती है।
शरीर की तपिश दूर करता है सत्तू
इस पर्व पर सत्तू का सेवन करने का वैज्ञानिक कारण भी है। गर्मी के दिनों में सूर्य की तपिश से शरीर का पित्त कुपित हो जाता है। इससे निजात पाने के लिए लोग सत्तू पीकर सूर्य की गर्मी से होने वाले दुष्प्रभाव से शरीर का बचाव करते हैं।
आइए जानते हैं गर्मी में सत्तू पीने के फायदे-

वेटलॉस में मिलती है मदद
गर्मियों में सत्तू का सेवन करने से वेटलॉस में मदद मिलती है। क्योंकि सत्तू में फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है।
लू से भी बचाता है
सत्तू की तासीर ठंडी होती है, जो गर्मियों में लू और डिहाइड्रेशन की समस्या से बचाता है।
कब्ज से छुटकारा दिलाएं
गर्मी में सत्तू को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। सत्तू में खूब फाइबर होता है जो पेट को साफ रखने के साथ भी कब्ज की समस्या को दूर करता है। एसिडिटी और गैस की समस्या से भी नहीं होने देता है।
बॉडी डिटॉक्स करता है
सत्तू बॉडी को डिटॉक्स करने के साथ ही पेट से टॉक्सिन को निकालता है। यह शरीर को एनर्जी भी देता है और मजबूत भी बनाता है।
डायबिटीज मरीजों के लिए लाभदायक
गर्मी के मौसम में रोजाना सत्तू खाने या सत्तू का शरबत पीने से शुगर लेवल कंट्रोल रहता है। सत्तू में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसका सेवन डायबिटीज के मरीज भी कर सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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