BMCRI की 47 स्‍टूडेंट्स एक्‍यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस की वजह से अस्‍पताल में हुई भर्ती, लक्षण और बचाव जानें

BMCRI Students Hospitalized after Acute Gastroenteritis : कर्नाटक की राजधानी बैंगलोर से चौंकान्‍ने वाली खबर सामने आ रही है। राज्‍य के सबसे नामी मेडिकल इंस्‍टीट्यूट में से एक बैंगलोर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (BMCRI) के कलासिपाल्या गर्ल्स हॉस्टल की 47 स्‍टूडेंट्स को शुक्रवार को उल्‍टी और दस्त की शिकायत के बाद विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इस मामले के सामने आने के बाद अस्‍पताल प्रशासन में हडकंप मच गया। जानकारी के मुताबिक पानी की कमी के चलते छात्राएं प्यासी रह रही थीं जिससे उनमें ड्रिहाइड्रेशन हो गया। अस्पताल प्रशासन की तरफ से BMCRI के डीन और निदेशक डॉ. रमेश कृष्ण के ने कहा है क‍ि सभी छात्राएं एक्‍यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस की वजह से दस्‍त और उल्‍टियों की शिकार हुई थी। अब सभी की हालत में सुधार है।

Bangalore Medical College Students Hospitalised after Acute Gastroenteritis know Foods to eat for recovery

आइए जानते हैं क‍ि क्‍या होता है एक्‍यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस और इससे पीड़ित मरीजों को क्‍या खाना चाह‍िए और इसके लक्षण और बचाव क्‍या है?

एक्‍यूट गैस्ट्रोएन्टराइटिस क्‍या है?

गैस्ट्रोएन्टराइटिस अलग-अलग प्रकार होते हैं। एक्‍यूट गैस्ट्रोएन्टराइटिस की बीमारी दूषित भोजन या पानी के सेवन, बैक्‍टीरिया और वायरल के वजह से होती है। इस स्थिति में पेट और छोटी आंत में सूजन आ जाती है। इसके अलावा इसमें शरीर में म्‍यूकस की मात्रा बढ़ने के वजह से पेट में मरोड़े उठना, दस्‍त और उल्‍टी जैसे लक्षण देखने को म‍िलते हैं।

सामान्‍य लक्षण

मेडिकल न्‍यूज टूडे के मुताबिक गैस्ट्रोएन्टराइटिस के कुछ सामान्‍य लक्षण होते हैं, जिन्‍हें नोटिस करके आप इस बीमारी का अंदाजा लगा सकते हैं।

-दस्त
-भूख न लगना
-पेट में सूजन
-दर्द
-उल्‍टी आना
-चक्कर आना
-बुखार
- डिहाइड्रेशन

इन गंभीर स्थितियों में मरीजों को तत्‍काल मेडिकल हेल्‍प लेनी चाह‍िए-

- मानसिक स्थिति में बदलाव, जैसे एनर्जी में कमी या भ्रम होना
- बड़े बच्चों और वयस्कों में तेज़ बुखार, या शिशुओं में कोई भी बुखार
- 2 दिन से ज्‍यादा समय तक दस्त रहना
- बार-बार उल्टी होना
- एक दिन में छह बार से ज्‍यादा पतला मल आना
- मलाशय या पेट में तेज दर्द
- काला मल
- रक्त या मवाद युक्त मल आना

बचाव

- हमेशा खाना खाने से पहले अच्‍छे से हाथ धोएं।
- डायपर चेंज करने या टॉयलेट के इस्‍तेमाल के बाद हाथ जरुर धोएं।
- सब्जियां और फलों को साफ पानी से धोकर खाएं।
- अधपका खाना खाने से बचे।
- बासी खाना न खाएं।
- संक्रम‍ित व्‍यक्ति के मल या उल्‍टी के संपर्क में आए टॉयलेटऔर फर्श को अच्‍छे से साफ करें।
- संक्रम‍ित व्‍यक्ति के कपड़ों या बिस्‍तर को हाथ लगाने से पहले ग्‍लव्‍स जरुर पहनें।

मरीजों को क्‍या खाना चाह‍िए?

आंत के इस इंफेक्‍शन में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ है जो आपके पेट को ठीक करने में मदद कर सकते हैं।आइए जानते हैं इस समस्‍या से जूझ रहे मरीज को क्‍या खाना चाह‍िए और क्‍या नहीं?

- दस्त आने पर अधिक मात्रा पेय पदार्थों का ही सेवन करें।
- ओआरएस का सेवन करें ताक‍ि शरीर में इलेक्‍ट्रोलाइट्स की पूर्ति की जा सकें।
- पुदीने की चाय पेट के फ्लू के लक्षणों को दूर करने में मदद करती है। आप इसे पी सकते हैं।
- लंच में चावल और दही खाएं। दही पेट के गुड बैक्‍टीर‍िया को बनाने में मदद करता हैं जो इंफेक्‍शन की वजह से कम हो जाते हैं।
- गर्म पानी में 8-10 लौंग उबालकर रोजाना पीने से पेट का फ्लू ठीक हो जाता है ।
- नारियल पानी पीएं, ये रिहाड्रेड करने के साथ टेशियम, सोडियम, मैग्‍नीशियम और फास्‍फोरस जैसे पोषक तत्‍वों से भरपूर होता है, जो आंतों के ल‍िए फायदेमंद हैं।
- तरबूज, स्ट्रॉबेरीज, खरबूजा और आडू जैसे पानी से भरपूर फल खाएं।

इन चीजों का सेवन करने से बचे

- कॉफी कैफीनयुक्‍त ड्रिंक होता है जो पेट में डिहाइड्रेशन को बढ़ा सकता हैं।
- शराब पीने से पेट दर्द और जलन की समस्‍या बढ़ सकती हैं।
- दूध से बनी चीजें पचाने में दिक्‍कत आ सकती है क्‍योंक‍ि दूध पीने से गैस की दिक्‍कत होती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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