Vidya Balan Weight Loss: कैसे विद्या बालन ने बिना ज‍िम क‍िए घटाया वजन, इस डाइट से एक्‍ट्रेस हुई फैट से फ‍िट

Vidya Balan Weight Loss : विद्या बालन इन दिनों सुर्खियों में हैं, एक तो एक्‍ट्रेस की मूवी भूल-भुलैया 3 र‍िलीज को तैयार है इसके अलावा एक्‍ट्रेस का ट्रांसफॉर्मेशन भी खूब चर्चा का विषय बना हुआ है।

हाल ही में एक इंटरव्यू में एक्‍ट्रेस बताया कि आखिर कैसे एक्सरसाइज क‍िए ब‍िना उन्होंने अपना इतना सारा वजन घटा लिया। एक्‍ट्रेस के पास वजन घटाने का नया फार्मूला लोगों को बताया, जिसे जान आप भी इसे ट्राय करना चाहेंगे।

Vidya Balan Weight Loss

वेटलॉस की वजह बताई

विद्या ने बताया क‍ि उन्‍होंने वेटलॉस के ल‍िए डाइटिंग और एक्सरसाइज भी किया है। ऐसा भी हुआ है क‍ि मेरा वजन कम हो जाता था लेकिन दोबारा बढ़ जाता। बिना कुछ खाएं भी मेरा वजन बढ़ जाता था। विद्या बालन ने बताया, 'हम सभी को सेहतमंद रहने के ल‍िए सब्जियां खाने की सलाह जरूर म‍िलती है। सभी सब्जियां शरीर के लिए बेहद फायदेमंद भी होती हैं लेकिन ये जरुरी नहीं है क‍ि हर सब्‍जी हर किसी के बॉडी को सूट करें। ऐसे में यह भी पता होना जरूरी है कि कौन सी सब्जी हमारी बॉडी को सूट करेंगी, वो ही हमारे ल‍िए फायदेमंद होती है। इससे बॉडी मेंटेन करने में प्रॉब्लम नहीं आएगी और वजन भी नहीं बढ़ेगा।'

इस डाइट से कम क‍िया वेट

विद्या बालन ने अपने वेट लॉस के सफर को लेकर एक दिलचस्प बात शेयर की। उन्होंने बताया कि इस साल की शुरुआत में चेन्नई के एक न्यूट्रीशनल ग्रुप से मुलाकात की, जिन्होंने उनकी स्वास्थ्य समस्याओं की गहराई से समझा और बताया क‍ि उनका वेट गेन फैट से नहीं, बल्कि इंफ्लेमेशन यानी सूजन से है।

विद्या ने बताया कि उन्हें एक खास डाइट प्लान दिया गया, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स शामिल किए गए और सूजन को बढ़ाने वाले फूड्स को हटा दिया गया। विद्या के मुताबिक, उन्हें नहीं पता था कि उनकी बॉडी के लिए पालक और रोटी जैसे फूड्स सही नहीं हैं। इस नए आहार को अपनाने के बाद, बिना किसी कठिन वर्कआउट या मेहनत के उनका वजन कम हो गया। इंफ्लेमेशन डाइट बॉडी की इम्यून रिस्पॉन्स को नियंत्रित करने वाले फूड सके।

कैसे इंफ्लेमेशन बनता है मोटापे की वजह

जब शरीर में इंफ्लेमेशन होती है, तो इससे मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो सकता है। मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे शरीर कम कैलोरी बर्न करता है और अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में जमा होने लगती हैं। इंफ्लेमेशन से हॉर्मोन, जैसे इंसुलिन और कोर्टिसोल, असंतुलित हो सकते हैं। इंसुलिन संवेदनशीलता घटने से ब्लड शुगर स्तर बढ़ता है, जिससे वजन बढ़ सकता है। उच्च कोर्टिसोल स्तर से भूख और मीठा व फैटी फूड्स खाने की इच्छा भी बढ़ती है। ज‍िसकी वजह से पेट के आसपास फैट जमा होने लगता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, October 30, 2024, 18:01 [IST]
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