16000 हार्ट सर्जरी करने वाले डॉक्‍टर की दिल का दौरा पड़ने से मौत, इसके साइलेंट लक्षणों को ऐसे पहचानें

गुजरात के नामी कार्डियोलॉजिस्ट गौरव गांधी की 41 की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, अपने मेडिकल करियर में उन्‍होंने 16000 हार्ट सर्जरी करके कई लोगों की जान बचाई। 6 जून, मंगलवार की सुबह सीने में दर्द की वजह से डॉक्टर गांधी अपने घर में बाथरूम के पास गिर गए थे। इसके बाद इन्‍हें अस्पताल में ले जाया गया और जहां 45 मिनट के भीतर उनकी मौत हो गई।

पिछले कुछ सालों में कई यंग सेलिब्रिटी हार्ट अटैक से अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे में लोगों को एक ही बात परेशान कर रही है कि आखिर युवाओं में हार्ट अटैक के मामले इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं?

Cardiologist Gaurav Gandhi’s death: What test shows a silent heart attack

हाल की इस घटना मे जहां दिल का इलाज करने वाले डॉक्‍टर की जान दिल का दौरा पड़ने से चली गई, इस मामलें से हम सबको अलर्ट होने की जरुरत है। आइए जानते हैं क‍ि इस साइलेंट क‍िलर हार्ट की समस्‍या को कैसे पहचानें और समय रहते क्‍या कदम उठाए जाएं।

हार्ट ड‍िसीज के बारे में थे अवेयर

कार्डियोलॉजिस्ट गौरव गांधी फेसबुक पर 'हाल्ट हार्ट अटैक कैम्पेन' का हिस्सा भी थे। देशभर में हार्ट अटैक से हो रही मौतों के खिलाफ यह एक मुहिम है। डॉक्टर गांधी भी इसी मुहिम का हिस्सा थे और आम लोगों को इससे बचने और तौर-तरीके भी बताते थे।

अनहेल्दी लाइफस्‍टाइल है बड़ी वजह

युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ने की कई वजह हैं, लेक‍िन सबसे बड़ी वजह अनहेल्दी लाइफस्‍टाइल है, नीचे बताए कारक दिल के दौरे की संभावना को बढ़ा सकते हैं-

  • स्मोकिंग
  • शराब का सेवन
  • तनाव और चिंता का बढ़ना
  • टाइप 2 डायबिटीज
  • अन्हेल्दी फूड्स हैबिट्स
  • - हाई कोलेस्ट्रॉल
  • - हाई ब्लड प्रेशर

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

जब भी सीने में दर्द हो उसे एसिडिटी समझकर इग्‍नोर न करें और इन लक्षणों पर भी ध्‍यान दें।

  • सीने में दर्द और बेचैनी
  • कमजोरी महसूस होना
  • जबड़े, गर्दन और पीठ में दर्द
  • कंधे और पीठ में तकलीफ
  • सांस लेने में तकलीफ

ये टेस्‍ट कराएं

हार्ट फेलियर या हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। अगर आप अपने दिल का हाल जानना चाहते हैं या आप भी हार्ट पैशेंट हैं, तो आपको समय-समय पर खतरे को टालने के ल‍िए नीचे बताए टेस्ट करवाते रहना चाह‍िए।

  • ईसीजी या ईकेजी
  • स्ट्रेस टेस्ट
  • इकोकार्डियोग्राफी
  • कार्डिएक कैथीटेराइजेशन
  • ब्लड टेस्ट
  • सीटी स्कैन या एमआरआई

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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