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कुछ खाते ही आ जाती है आपके बच्चें को उल्टी, इसके पीछे कोई वजह तो नहीं!
बड़ों की अपेक्षा बच्चे अधिक जल्दी बीमार पड़ते हैं। ऐसे में पैरेंट्स का परेशान होना लाजमी है। अक्सर जब बच्चे बीमार होते हैं तो वे उल्टी करना शुरू कर देते हैं। जिसके कारण वे बहुत अधिक कमजोर व थका हुआ महसूस करते हैं। इस स्थिति में पैरेंट्स तुरंत डॉक्टर के पास भागते हैं या फिर तरह-तरह के उपाय अपनाने लग जाते हैं। हालांकि, आपको पहले बच्चे के उल्टी करने के कारणों के बारे में भी पता होना चाहिए।
बच्चों के उल्टी करने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, मसलन पेट का फ्लू या अपच आदि। कभी-कभी बच्चे का उल्टी करना इतना अधिक चिंता का विषय नहीं होता है और अधिकांश बच्चों का इलाज घर पर ही किया जा सकता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बच्चे के उल्टी करने के पीछे के कारणों और उसके कुछ आसान उपायों के बारे में बता रहे हैं-

गैस्ट्रोएंटेराइटिस के कारण उल्टी
गैस्ट्रोएंटेराइटिस को आम भाषा में पेट का फ्लू या पेट का संक्रमण भी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जो नोरोवायरस, एस्ट्रोवायरस और एंटरोवायरस के कारण उत्पन्न हो सकती है। इसमें बच्चे को उल्टी के अलावा, मतली, दस्त और कभी-कभी बुखार जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। अगर हल्का गैस्ट्रोएंटेराइटिस है तो यह कुछ दिनों में कम हो जाता है। वहीं, कई बार बच्चे का शरीर गंभीर रूप से डिहाइड्रेट हो सकता है और उसे मेडिकल हेल्प की जरूरत होगी।
फूड एलर्जी के कारण उल्टी
कई बच्चे ऐसे होते हैं, जिन्हें कुछ खास तरह के फूड आइटम्स से एलर्जी होती है और इसलिए जब वे ऐसी चीजों का सेवन करते हैं तो उनका शरीर एकदम अलग तरह से रिएक्ट करता है और उन्हें उल्टी होती है। बच्चों में फूड एलर्जी के कारण उल्टी होना बेहद ही आम है। अमूमन बच्चों को मूंगफली, ट्री नट्स, मछली, गेहूं, अंडे, दूध और सोया जैसे खाद्य पदार्थों से एलर्जी हो सकती है। फूड एलर्जी होने पर उल्टी के अलावा पेट दर्द, दस्त और सांस लेने की समस्याएं भी हो सकती हैं।
फूड पॉइजनिंग के कारण उल्टी
कई बार खाना खराब हो जाता है और बच्चे अनजाने में उसे खा लेते हैं। ऐसे में फूड पॉइजनिंग के कारण बच्चे उल्टी करना शुरू कर देते हैं। उल्टी, मतली, बुखार और पेट में दर्द बच्चों में फूड पॉइजनिंग के कुछ लक्षण हो सकते हैं। ये लक्षण तो कुछ घंटों में गायब हो सकते हैं या इन्हें कम होने में कुछ दिन लग सकते हैं। अक्सर फूड पॉइजनिंग होने पर बच्चे को दवाई देने की जरूरत हो सकती है।
मोशन सिकनेस के कारण उल्टी
कुछ बच्चों को मोशन सिकनेस की भी समस्या होती है। ऐसे में बच्चा जब भी कार या प्रैम में होता है, तो वह उल्टी कर देता है। ऐसे बच्चों को वास्तव में मोशन से समस्या होती है और इसके लिए उन्होंने कार, बस आदि में ले जाने से परहेज करना चाहिए। यह स्थिति खुद ब खुद ठीक हो जाती है।

एपेंडिसाइटिस के कारण उल्टी
कई बार कुछ मेडिकल कंडीशन के कारण भी बच्चे उल्टी करते हैं। मसलन, एपेंडिसाइटिस के कारण ना केवल बच्चे को दर्द होता है, बल्कि अपेंडिक्स में सूजन आ जाती है। कुछ मामलों में, अपेंडिक्स फटने के कारण इंफेक्शन भी फैल सकता है। ऐसे में बच्चे को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।उल्टी एपेंडिसाइटिस के लक्षणों में से एक है, जो इलाज न किए जाने पर घातक हो सकता है।
अपनाएं ये उपाय
अगर बच्चे को बार-बार उल्टी हो रही है तो आप कुछ आसान उपायों को अपनाकर स्थिति को पहले से अधिक बेहतर बना सकते हैं। मसलन-
* बच्चे को हर पांच से दस मिनट में एक बार पानी पिलाएं। यदि वे तरल पदार्थ लेने में असमर्थ हैं, तो आइस चिप्स या जमे हुए जूस बार को चूसने के लिए दें।
* आप डॉक्टर की सलाह पर बच्चे को ओआरएस यानी ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन भी दे सकते हैं। यह बच्चे को बेहतर महसूस करने में मदद करेगा।
* अगर बच्चे को गैस्ट्रोएन्टेराइटिस के कारण बार-बार उल्टी हो रही है तो ऐसे में उसे अदरक देना लाभकारी हो सकता है। आप बच्चे को हल्की अदरक की हर्बल चाय बनाकर दे सकते हैं।
* बच्चे को नींबू या नींबू पानी दिया जा सकता है। नींबू भी उल्टी के लक्षणों से राहत दिलाने में काफी मदद करता है।
* अगर बच्चे को लगातार उल्टी हो रही है तो बिल्कुल भी लापरवाही ना बरतें। आप उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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