Latest Updates
-
डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन कैसे डालती है दिमाग पर असर, 60 साल बाद रिसर्च में हुआ खुलासा -
चेहरे से झाइयां हटाने के लिए शहद का इन 3 तरीकों से करें इस्तेमाल, फेस पर आएगा इंस्टेंट निखार -
चेहरे के अनचाहे बालों और मूंछों से हैं परेशान? आजमाएं ये जादुई उबटन, पार्लर जाना भूल जाएंगे -
Kamada Ekadashi 2026: 28 या 29 मार्च, कब है कामदा एकादशी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
नवरात्रि में जन्मीं बेटियों के लिए मां दुर्गा के 108+ सबसे सुंदर नाम और उनके अर्थ, देखें लिस्ट -
Ram Navami 2026 Upay: राम नवमी पर प्रभु राम को प्रसन्न करने के लिए करें ये 5 उपाय, सुख-सौभाग्य में होगी वृद्धि -
क्या लग सकता है 'एनर्जी लॉकडाउन'? LPG से पेट्रोल तक बाबा वेंगा की 3 भविष्यवाणियां जो सच होती दिख रहीं -
Ram Navami Wishes in Marathi: राम जन्मोत्सवाच्या हार्दिक शुभेच्छा! मराठी में दें रामनवमी की शुभकामनाएं -
Ram Navami 2026 Wishes: जिनके मन में श्री राम हैं...राम नवमी पर अपने प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Ram Navami 2026 Sanskrit Wishes: 'अस्तु शुभं रामनवमी', अपनों को भेजें ये खास संस्कृत श्लोक और संदेश
Chicken vs. Fish: चिकन या मछली दोनों में से किसमें होता है ज्यादा प्रोटीन?
Difference Between Fish And Chicken : जब भी हम प्रोटीन से भरपूर नॉनवेज फूड की बात करते हैं, तो दिमाग में फिश और चिकन का सबसे पहले नाम आता है। इन दोनों ही चीजों में प्रोटीन का बेहतर स्रोत होता है। अगर बात करें स्वाद की, तो दोनों ही लाजवाब हैं। फिश और चिकन को कई तरीकों से खाया जाता है। वजन कम करने वाले लोग अक्सर इन्हें ग्रिल्ड करके खाते हैं। जहां चिकन को प्रोटीन का तगड़ा स्रोत माना जाता है, वहीं मछली को प्रोटीन के साथ ओमेगा-3 फैटी का भंडार बताया जाता है।
लेकिन इन्हें खाने वालों की पसंद अलग-अलग होती है। जहां कुछ लोगों को चिकन खाना पसंद होता है, वहीं कुछ लोगों को सिर्फ फिश खाना पसंद होता है। वैसे आपको बता दें कि दोनों में ही बनावट, स्वाद और पकाने के तरीके में खूब अंतर होता है। दोनों में ही न्यूट्रिशियन खूब होता है और सवाल उठता है कि दोनों में से बेहतर कौन सा होता है?

चिकन और मछली में होता है ये फर्क
मछली और चिकन में काफी अंतर होता है। जहां मछली यानी फिश की गिनती सी-फूड में होती है। वहीं चिकन पोल्ट्री फूड में आता है। दोनों में पहला अंतर स्वाद और बनावट का होता है। फिश चिकन की तुलना में अधिक सॉफ्ट होता है इसमें खूब फाइबर पाया जाता है। वहीं मछली खाते समय, यह आमतौर पर कांटे लगने का डर होता है। मछली का स्वाद इस पर निर्भर करता है कि आप कौनसी ब्रीड की फिश खा रहे हैं। यह मीठा भी हो सकता है और इसमें हल्का मक्खन जैसा स्वाद भी आ सकता है।
वहीं बात करें चिकन की तो इसका स्वाद थोड़ा फीका होता है। इसके पकाने में सीज़निंग, सॉस और मैरिनेड के जरिए स्वादिष्ट बनाया जाता है। दूसरी ओर, चिकन की बनावट आमतौर पर सख्त होती है
किसमें होता है ज्यादा प्रोटीन
चिकन में बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं। चिकन की एक सर्विंग 27 ग्राम प्रोटीन एक अलावा विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। वहीं मछली में प्रोटीन का बढ़िया मात्रा पाई जाती है, जो मसल्स ग्रोथ के लिए बेहतर होता है।
किसमें कैलोरी होती है ज्यादा?
चिकन और फिश की कैलोरी का बात करें, तो दोनों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। चिकन और मछली दोनों में कम फैट और कम कैलोरी होती है और यह प्रोटीन का एक अच्छा सोर्स है। इसमें विटामिन, आयरन और ओमेगा थ्री फैट सहित भरपूर पोषण पाया जाता है। लेकिन सैल्मन और टूना फिश में कैलोरी काफी अधिक होती है, इन्हें फ्राय करके खाने से फैट बढ़ जाता है।
फिश या चिकन कौन है ज्यादा बेहतर ऑप्शन?
चिकन की तुलना में फिश खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इसकी वजह यह है कि इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड खूब होता है। ऐसा माना जाता है कि मछली के सेवन से हार्ट दुरूस्त रहता है और यह वेटलॉस के लिए भी अच्छा ऑप्शन है। एक रिसर्च के मुताबिक हफ्ते में तीन बार मछली खाने से वजन कम करने में मदद मिलती है। वहीं चिकन प्रोटीन का भंडार है और वेटलॉस करने वालों को चिकन ब्रेस्ट खाना बेहतर माना जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











