गंदे मौजे सूंघने की आदत से शख्‍स के फेफड़ों में हुआ फंगल इंफेक्‍शन, न‍िकला आंखों से खून, क्‍या है ये बीमारी?

चीन में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति को अपनी गंदी सॉक्स सूंघने की आदत के चलते फेफड़ों में गंभीर फंगल इंफेक्शन हो गया। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों ने बताया कि ली क्यू नाम के इस शख्स को एस्परगिलस नामक फंगस के स्पोर्स सांस के जरिए फेफड़ों में चले जाने से एस्परगिलोसिस नाम की बीमारी हो गई।

ली क्यू रोजाना काम के बाद अपने पसीने से गीले सॉक्स सूंघने की आदत में था। कुछ समय बाद उसे लगातार रात में कड़ी खांसी होने लगी और आंखों से खून निकलने जैसा लक्षण भी दिखा। जब कफ सिरप लेने के बावजूद आराम नहीं मिला, तो वह इलाज के लिए साउथवेस्ट हॉस्पिटल ऑफ द आर्मी मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंचा। वहां कराए गए सीटी और एमआरआई स्कैन में उसके दाएं फेफड़े में गंभीर संक्रमण की पुष्टि हुई।

Aspergillosis Its Causes and Symptoms

क्या है एस्परगिलस फंगस?

नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के अनुसार, एस्परगिलस एक प्रकार का फंगस है जो मिट्टी, धूल, सड़ी हुई पत्तियों और गीले कपड़ों में पनपता है। स्वस्थ लोगों में एस्परगिलोसिस बहुत ही दुर्लभ होता है, लेकिन जिन लोगों को पहले से फेफड़ों से जुड़ी कोई बीमारी है, जैसे अस्थमा, या जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, जैसे कैंसर के मरीज, उन्हें इसका खतरा ज्यादा होता है।

ली क्यू के सॉक्स में जमा हुआ पसीना, नमक और यूरिया फंगस के पनपने के लिए आदर्श माहौल बन गया। जब वह इन्हें सूंघता था, तब फंगस के छोटे-छोटे स्पोर्स उसकी सांस के साथ फेफड़ों में चले गए और धीरे-धीरे संक्रमण फैलने लगा।

एस्परगिलोसिस के लक्षण

एस्परगिलोसिस के शुरुआती लक्षण आम सर्दी-खांसी जैसे लग सकते हैं, लेकिन समय के साथ स्थिति गंभीर हो सकती है। इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:

- सांस लेने में तकलीफ

- खून या म्यूकस के थक्के के साथ खांसी

- लगातार बुखार

- बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन घटना

- सामान्य काम करते हुए भी थकान महसूस होना

- अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह फेफड़ों को सीधा नुकसान पहुंचा सकता है और जानलेवा साबित हो सकता है।

कैसे करें बचाव?

विशेषज्ञों का कहना है कि फंगस से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता बेहद जरूरी है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि मोजों को रोजाना बदलें और अच्छी तरह धोकर धूप में सुखाएं, ताकि फंगस पनपने का कोई मौका न मिले। खासतौर पर बरसात और गर्मी के मौसम में, जब पसीना अधिक आता है, इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

अगर पैरों में लगातार खुजली, जलन या बदबू आ रही हो, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इसके अलावा:

- बुखार होने पर खुद से दवाई न लें, बल्कि डॉक्टर से परामर्श लें।

- अगर वजन बिना किसी वजह के घट रहा हो, तो इसे अनदेखा न करें।

- बिना काम किए भी अगर लगातार थकान महसूस हो, तो यह शरीर में किसी गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है। तुरंत चिकित्सीय जांच करानी चाहिए।

निष्कर्ष

छोटी-छोटी आदतें भी कभी-कभी बड़े खतरे का कारण बन सकती हैं। इसलिए अपनी स्वच्छता पर ध्यान दें और स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। गंदे कपड़ों या सॉक्स से दूर रहना और समय पर सही इलाज करवाना ही फेफड़ों के संक्रमण से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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