मशहूर कॉमेडियन असरानी का निधन, फेफड़ों की बीमारी से दिवाली के दिन रुला गया हंसता चेहरा, जानें लक्षण और कारण

Bollywood Comedian Asrani Death: दिवाली के शुभ दिन पर मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। हंसी के बादशाह और मशहूर कॉमेडियन असरानी अब हमारे बीच नहीं रहे। अपने शानदार अभिनय और कॉमिक टाइमिंग से लाखों चेहरों पर मुस्कान लाने वाले असरानी ने इस बार सबको रुला दिया। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके कारण दिवाली के दिन यानी 20 अक्टूबर 2025 को उनका निधन हो गया।

असरानी के निधन की खबर ने पूरे फिल्म जगत और उनके चाहने वालों को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनकी हंसी, संवाद और अभिनय हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। इस बीच, डॉक्टरों का कहना है कि फेफड़ों की यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर को कमजोर करती है, और इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी होता है। आइए जानते हैं इस बीमारी के लक्षण और सावधानियां, जिन्हें समय रहते पहचानना जीवन बचा सकता है।

comedian asrani passes away

आनन-फानन में क्यों हुआ असरानी का अंतिम संस्कार

अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाने वाले असरानी अब हमारे बीच में नहीं रहे। उनकी मौत की खबर से मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। 84 साल की उम्र में असरानी ने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वो बीते कई दिनों से बीमार थे और दिवाली वाले दिन जिंदगी की जंग हार गए।

असरानी का आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया गया, यानी कि 20 अक्टूबर की सुबह उनका निधन हुआ और उसी शाम उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इस बात ने सबको हैरान कर दिया, इसी बीच असरानी के मैनेजर ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी को ये अपनी अंतिम इच्छा बताई थी कि बिना किसी को परेशान किए उनका अंतिम संस्कार जल्द कर दिया जाए।

इस बीमारी ने ली असरानी की जान

रिपोर्ट्स के अनुसार, असरानी को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और उनके फेफड़ों में पानी भर गया था। बता दें कि फेफड़ों में पानी भरना यानी फेफड़ों के एयर सैक (alveoli) में तरल पदार्थ जमा हो जाना। जब ऐसा होता है तो फेफड़े ठीक से ऑक्सीजन नहीं ले पाते, जिससे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। अगर समय रहते इलाज न मिले, तो यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

फेफड़ों में पानी भरने के प्रमुख लक्षण (Symptoms)

अगर शरीर में ये लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • सांस लेने में कठिनाई (खासकर लेटने पर)
  • छाती में भारीपन या दर्द
  • बहुत तेज सांस चलना या हांफना
  • खांसते समय झागदार या गुलाबी बलगम निकलना
  • दिल की धड़कन का तेज होना (Palpitations)
  • बेहोशी या चक्कर आना
  • रात में बार-बार सांस फूलने के कारण नींद न आना
  • थकान, कमजोरी और बेचैनी महसूस होना

फेफड़ों में पानी भरने के मुख्य कारण (Causes)

  • हृदय संबंधी कारण (Cardiogenic Edema)
  • हृदय की पंपिंग क्षमता कमजोर होना (Heart Failure)
  • ब्लड प्रेशर का अचानक बढ़ना
  • हृदयाघात (Heart Attack)
  • गैर-हृदय कारण (Non-Cardiogenic Edema)
  • फेफड़ों का संक्रमण (Pneumonia)
  • किडनी या लिवर फेलियर
  • वायरल इंफेक्शन या कोविड जैसी बीमारी
  • कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट
  • फेफड़ों में चोट या जलन

फेफड़ों में पानी भरने से बचाव के उपाय (Prevention Tips)

  • हृदय को स्वस्थ रखें - ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल में रखें।
  • धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं।
  • संतुलित आहार और योग-प्राणायाम करें।
  • कम नमक वाला भोजन खाएं।
  • रोज हल्की कसरत करें और वजन नियंत्रित रखें।
  • डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का नियमित सेवन करें।
  • सांस लेने में थोड़ी भी दिक्कत हो तो तुरंत जांच कराएं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Monday, October 20, 2025, 22:40 [IST]
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