Latest Updates
-
DHT: क्या है डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन? जानें बालों की रिग्रोथ के लिए कितनी कारगर है यह तकनीक -
Captain Smit Machchhar: कैप्टन 'स्मित मच्छर' के सरनेम का क्या है मतलब? जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी -
नुसरत भरूचा की रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर, एयरलिफ्ट कर बाली से लाई गईं मुंबई, वीडियो देख फैंस हुए परेशान -
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2026 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम
Truth About COVID Vaccine: कोविड वैक्सीन नहीं बनी मौत की वजह, ICMR-AIIMS की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
AIIMS ICMR Report On Vaccine: कोविड-19 महामारी के बाद अचानक युवाओं की मौतों के आंकड़े बढ़ गए हैं। इन मौतों का कारण कोविड वैक्सीनेशन को बताया जा रहा है। कोविड के बाद से हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के केसों में इजाफा हुआ है जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में शेफाली जरीवाला की कार्डियक अरेस्ट से मौत हुई इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। अब इस सवाल को लेकर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और एम्स (AIIMS) जैसी शीर्ष संस्थाओं की ओर से किए गए व्यापक वैज्ञानिक अध्ययनों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इन अध्ययनों के आधार पर बयान जारी कर बताया कि कोविड वैक्सीनेशन और अचानक हृदय संबंधी मौतों के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं पाया गया है। आइए जानते हैं क्या कहती है रिपोर्ट।
ICMR और AIIMS की रिपोर्ट क्या कहती है?
कोविड वैक्सीनेशन को दिल की बीमारी से होने वाली मौतों से जोड़ा जा रहा है। ऐसे में अब भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और एम्स (AIIMS) दोनों संस्थानों द्वारा किए गए अध्ययनों में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि कोविड-19 टीके पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी हैं।

साइड इफेक्ट्स के चांस न के बराबर
एक्सपर्ट ने बताया कि कोविड-19 के वैक्सीनेशन से गंभीर साइड इफेक्ट्स बहुत कम हैं। वहीं वैक्सीनेशन के कारण अचानक मृत्यु जैसी घटनाएं अत्यंत दुर्लभ हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि अचानक हृदय गति रुकने जैसी घटनाएं आमतौर पर अनुवांशिक कारणों, जीवनशैली, पहले से मौजूद बीमारियों या कोविड संक्रमण के बाद की जटिलताओं से जुड़ी हो सकती हैं।
टीकाकरण को लेकर अफवाहों से सावधान रहने की अपील
स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वो भ्रामक और झूठी फैलाई जाने वाली अफवाहों से बचने की जरूरत है। एक्सपर्ट ने बताया है कि कोविड वैक्सीनेशन को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर जो भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं, उनका वैज्ञानिक आधार नहीं है। ऐसे बयान जनता में भय फैलाने वाले हैं और स्वास्थ्य नीति के लिए हानिकारक भी। टीकाकरण के फायदे अब वैश्विक स्तर पर सिद्ध हो चुके हैं और भारत में भी इससे महामारी को नियंत्रित करने में अहम सफलता मिली है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
