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दिल्ली में जहरीली हवा का कहर! AQI 400 पार, जानें किन लोगों को बरतनी चाहिए सबसे ज्यादा सावधानी
How to stay safe from Delhi pollution: दिल्ली की हवा एक बार फिर जहर बन चुकी है। राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया है, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। हालात इतने खराब हैं कि सुबह-शाम धुंध की मोटी परत के बीच सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। जहरीली हवा की लिस्ट में नोएडा पहले नंबर पर है और दिल्ली, गाजियाबाद व गुरुग्राम दूसरे और तीसरे नंबर है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति सांस की बीमारियों, अस्थमा, एलर्जी और हृदय संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए बेहद खतरनाक है।
इस जहरीली हवा से बचने की बहुत जरूरत है क्योंकि इससे फेफड़े सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। आइए जान लेते हैं कि वो कौन से लोग हैं जिन्हें इस प्रदूषित हवा से बचने की सबसे ज्यादा जरूरत है और इससे कैसे अपना बचाव करें।
दिल्ली-एनसीआर में AQI कितना
आइए जान लेते हैं कि दिल्ली-एनसीआर और उसके आसपास के क्षेत्रों में AQI कितना है। आज CPCB के डेटा के अनुसार, दिल्ली के आनंद विहार में AQI 412 के पार है जो सबसे ज्यादा खराब स्थिति है। इस हवा में सांस लेने का मतलब है कि आप एक दिन में 100 से ज्यादा सिगरेट पी रहे हैं। नोएडा का AQI 394 दर्ज किया गया है, वहीं गाजियाबाद का AQI 390 दर्ज किया गया है।

किन लोगों को बरतनी चाहिए सबसे ज्यादा सावधानी
बच्चे और बुजुर्ग: कमजोर इम्यून सिस्टम और सांस की नलियों की संवेदनशीलता के कारण इन पर प्रदूषण का असर जल्दी होता है।
अस्थमा या सांस के मरीज: जहरीली हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM 2.5) फेफड़ों में जाकर स्थिति और बिगाड़ सकते हैं।
हृदय रोगी: प्रदूषण के कण रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे हृदयघात का खतरा बढ़ जाता है।
गर्भवती महिलाएं: जहरीली हवा भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकती है, इसलिए बाहर निकलने से बचें।
घर में हवा को शुद्ध रखने के उपाय
एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
घर के अंदर मनी प्लांट, स्नेक प्लांट और एलोवेरा जैसे इंडोर प्लांट लगाएं।
खिड़कियां दिन में सीमित समय के लिए ही खोलें ताकि प्रदूषण अंदर न आए।
दिन में पर्याप्त पानी पिएं और विटामिन-C से भरपूर आहार लें ताकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।
सरकार और प्रशासन की अपील
दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दें और सड़कों पर कूड़ा या पत्ते जलाने से बचें। साथ ही, स्कूलों में प्रदूषण से बचाव के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है।
डॉक्टरों की चेतावनी
दिल्ली के कई अस्पतालों में प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि सुबह की सैर फिलहाल टाल दें और बच्चों को स्कूल भेजते समय मास्क जरूर पहनाएं। इसके अलावा, बाहर निकलते समय एन95 या एन99 मास्क का प्रयोग करना सबसे बेहतर है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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