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बरसात में बढ़ जाता है डेंगू-मलेरिया का खतरा? समय से पहचानें लक्षण और करें बचाव, वरना जा सकती है जान
Dengue Malaria Increase In Monsoon: बरसात का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं कई बीमारियों का खतरा भी साथ लेकर आता है। इस मौसम में सबसे बड़ी समस्या होती है मच्छरों का बढ़ना, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियां फैलती हैं। पानी का जमाव, गंदगी और नमी मच्छरों के प्रजनन के लिए सबसे अनुकूल माहौल बनाते हैं। यही कारण है कि बरसात को "वेक्टर जनित रोगों का सीजन" भी कहा जाता है। समय रहते इनके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय जान लेना बेहद जरूरी है।
कई बार छोटी सी लापरवाही बड़ी चूक बन जाती है और व्यक्ति की जान भी चली जाती है। अगर समय रहते लक्षणों को पहचान लिया जाए और उसका इलाज कर लिया जाए तो ऐसा नहीं है कि मरीज की मौत हो जाए। आइए जानते हैं कि बरसात के मौसम में क्यों बढ़ जाता है डेंगू और मलेरिया का खतरा और उनके लक्षण और इलाज।

क्यों बढ़ता है खतरा बरसात में?
बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियां फैल जाती हैं। कई बार ये जानलेवा भी साबित हो जाता है। जान लें कि इस मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां क्यों पैर पसार लेती हैं। दरअसल, इस मौसम में गड्ढों, टंकी, कूलर और गमलों में पानी भरने से मच्छरों के लार्वा तेजी से पनपते हैं। बारिश के बाद चारों ओर फैली नमी और गंदगी से मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है। दरअसल, बारिश के बाद का यह मौसम मच्छरों के जीवन चक्र और प्रजनन को तेज कर देता है। आइए जानते हैं डेंगू और मलेरिया के लक्षण।
डेंगू के लक्षण और पहचान
तेज बुखार का अचानक आना
आंखों के पीछे दर्द
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द (ब्रेक बोन फीवर)
त्वचा पर लाल चकत्ते
भूख न लगना और थकान

मलेरिया के लक्षण और पहचान
तेज बुखार और ठंड लगना
अत्यधिक पसीना आना
सिरदर्द और शरीर दर्द
कमजोरी और थकावट
कभी-कभी उल्टी और दस्त
घरेलू बचाव के उपाय
पानी जमा न होने दें - कूलर, टंकी और गमलों का पानी समय-समय पर बदलें।
नीम का धुआं या कपूर जलाएं - घर के कोनों से मच्छर भागते हैं।
मच्छरदानी और रिपेलेंट का प्रयोग करें - रात को सोते समय जरूर इस्तेमाल करें।
पूरी बाजू के कपड़े पहनें - खासकर बच्चों को ढककर रखें।
तुलसी और नीम का पौधा लगाएं - ये प्राकृतिक मच्छर भगाने वाले पौधे माने जाते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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