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देव उठनी एकादशी व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं? फलाहार में भी इन चीजों से करें परहेज
What food are allowed and not allowed in tulsi gyaras Vrat : देवउठनी एकादशी व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु चार माह की योग-निद्रा के बाद जागते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह दिन कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को आता है, जो इस बार 12 नवंबर को मनाई जाएगी।
इस दिन व्रत में खानपान का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस व्रत के दौरान कुछ बातों का खासतौर से ध्यान रखा जाता है। पद्म, स्कंद और विष्णु धर्मोत्तर पुराण का कहना है कि एकादशी व्रत में अन्न नहीं खाना चाहिए। इस व्रत में उपवास करने वाले को व्रत से खानपान के नियमों का खास पालन करना होता है। आइए जानते है इस व्रत के दौरान क्या खाया जाता है और क्या नहीं?

क्या खाएं?
साबुदाना - साबुदाना खिचड़ी, साबुदाना वड़ा, या साबुदाना खीर बना सकते हैं।
फल - आप ताजे फल जैसे केला, सेब, अनार, और नारियल खा सकते हैं।
मखाना - मखाने का सेवन किया जा सकता है। इसे भूनकर या खीर में बनाकर खा सकते हैं।
सिंघाड़े और कुट्टू का आटा - इन आटों से बनी रोटियां, पूड़ी, और हलवा खा सकते हैं।
आलू - उबले या तले आलू का सेवन कर सकते हैं, इसे सेंधा नमक और काली मिर्च के साथ स्वादिष्ट बनाया जा सकता है।
दूध - दूध का सेवन कर सकते हैं। इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
मिठाई - व्रत के लिए बनी मिठाइयाँ जैसे लौकी या मखाने की खीर, और नारियल बर्फी खा सकते हैं।
सूखे मेवे - बादाम, काजू, अखरोट, किशमिश, और मखाने आदि का सेवन कर सकते हैं।
क्या नहीं खाएं?
अनाज - गेहूं, चावल, और अन्य अनाज व्रत में नहीं खाए जाते।
दालें और बीन्स - किसी भी प्रकार की दालें और बीन्स व्रत में निषेध मानी जाती हैं।
नमक - साधारण नमक के बजाय केवल सेंधा नमक का उपयोग करें। साधारण नमक व्रत में वर्जित होता है।
प्याज और लहसुन - प्याज और लहसुन का उपयोग व्रत में वर्जित होता है।
मसाले - साधारण मसालों का उपयोग न करें; केवल हल्दी, सेंधा नमक, और काली मिर्च का ही उपयोग करें।
चाय और कॉफी - कुछ लोग इसे व्रत में वर्जित मानते हैं, परंतु यह व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है।
दही या मठ्ठा- देवउठनी एकादशी व्रत में दही या मठ्ठा पीने से परहेज करना चाहिए क्योंकि ये व्रत कार्तिक माह में आता है और इस माह में लोगों को दही और मठ्ठा न पीने की सलाह दी जाती है। जबकि दूध का सेवन आप कर सकते हैं।
देवउठनी एकादशी का व्रत रखते समय इस बात का ध्यान रखें कि जितना संभव हो, सात्त्विक और हल्का भोजन ही करें ताकि व्रत के लाभ प्राप्त किए जा सकें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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