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अब मात्र एक गोली से होगा मधुमेह का इलाज

अग्रणी वैग्यानिक प्रोफेसर एरिक हेल्मरहोस्ट और उनके सहकर्मियों ने पिछले दस साल में इंसुलिन के आणविक नक्शे को आजमाने की कोशिश के तहत चिकित्सीय आंकड़ों पर लाखों तत्वों को लेकर काम किया। प्रोफेसर हेल्मरहोस्ट ने कहा, एक कंप्यूटर पर सिलिको में हमने 30 लाख पदार्थ ढांचों की तलाश की ताकि यह देखा जा सके कि वे इस नक्शे में कितने सटीक बैठते हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें एक पदार्थ ढांचा मिल गया जिसका वे अपने सपने के रूप में विकास कर रहे हैं। ताकि मधुमेह में सुई का इस्तेमाल बंद हो सके। हेल्मरहोस्ट ने कहा हमारी खोज एक नयी रासायनिक चीज का विकास है, हमने एक छोटा चिकित्सीय अणु खोजा और विकसित किया है, इसे गोली के रूप में बतौर इंसुलिन लिया जा सकता है। प्रोफेसर हेल्मरहोस्ट ने कहा कि टाइप 2 मधुमेह को निशाना बनाने के लिए उनके चिकित्सीय अणु को बाजार में स्थान मिलेगा।
यह खोज विश्वभर में बढ़ रही मधुमेह की समस्या के इलाज में क्रांति लाने में मददगार साबित हो सकती है। उन्होंने कहा सच्चाई यह है कि टाइप 2 से पीडि़त करीब एक तिहाई लोगों में किसी चरण में इंसुलिन चिकित्सा की आवश्यकता नहीं रहेगी। इंसुलिन का यह विकल्प उन लोगों को आकर्षित करेगा जो इंजेक्शन या पंप के जरिए इंसुलिन नहीं लेना चाहते। हेल्मरहोस्ट ने कहा कि उन्हें इसके प्रति पहले से ही लोगों का अच्छा रुझान मिल चुका है। चीन और ब्रिटेन के समूहों ने प्रौद्योगिकी में रुचि दिखाई है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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