मधुमेह से पीड़ित हैं तो इन 10 फलों से रहें दूर

By Shakeel Jamshedpuri

संतुलित आहार से शरीर को काफी फायदा पहुंचता है और स्वास्थ भी ठीक रहता है। अगर आप अपने आहार में फलों को शामिल करते हैं तो इससे आपको विटामिन, कार्बोहाइड्रेट और मिनरल्स जैसे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। हालांकि अगर आप मधुमेह से ग्रस्त हैं, तो कुछ फलों को खानों से बचना होगा। वैसे तो फल सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है, पर अगर आप मधुमेह से ग्रस्त हैं तो फिर इसका बुरा असर भी पड़ सकता है।

फल पोषण और ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत है। हालांकि हर फल में एंटीऑक्सीडेंट और पौष्टिक तत्व की मात्रा अलग-अलग होती है। इससे होने वाला फायदा व्यक्ति के शरीर की जरूरतों पर निर्भर करता है। अगर कोई मधुमेह से पीड़ित है तो अलग-अलग फल शरीर में ब्लड सूगर लेवल को अलग-अलग मात्रा में बढ़ाता है। अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि आप उन फलों के सेवन से बचें, जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा देता है।

ज्यादातर फलों को ब्लड शुगर लेवल में बदलाव लाने की क्षमता के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। मधुमेह के रोगी किसी भी फल को खाने से पहले उसका जीआई इंडेक्स वैल्यू जरूर देख लें। जीआई का अर्थ होता है ग्लाइकेमिक इंडेक्स। अगर यह 55 या उससे कम है तो मधुमेह के रोगी इसे खा सकते हैं। स्ट्रॉबेरी, नाशपाती और एप्पल ऐसे कुछ फल हैं जिनमें कार्बोहाइड्रेट कम मात्रा में होता है और इसे मधुमेह के रोगी खा सकते हैं।

आम:

आम:

फलों का राजा आम को विश्व का सबसे स्वादिष्ट फल माना जाता है। इसमें बड़ी मात्रा में शुगर पाया जाता है, जिससे मधुमेह के रोगी को इससे बचना चाहिए। इसके नियमित सेवन से ब्लड शुगर लेवल काफी बढ़ जाता है।

चीकू:

चीकू:

इसे सापोडिला के नाम से भी जाना जाता है। इसका जीआई वैल्यू 55 से ज्यादा होता है। अगर आप मधुमेह के रोगी हैं तो इसे अपने आहार में शामिल न करें। यह शुगर और कार्बोहाइड्रेट से भरा होता है।

अंगूर:

अंगूर:

वैसे तो अंगूर फाइबर, विटामिन और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों से भरा होता है, पर इसमें बड़ी मात्रा में शुगर भी पाया जाता है। मधुमेह के रोगी को इससे दूर ही रहना चाहिए। तीन ओंस अंगूर में भी करीब 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है।

अनन्नास:

अनन्नास:

इसका जीआई वैल्यू बहुत जाता होता है और इसे मधुमेह के रोगी कभी भी अपने आहार में शामिल न करें। एक छोटे कप के बराबर अनन्नास में भी करीब 20 ग्राम और उससे भी ज्यादा कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है।

सीताफल:

सीताफल:

भले ही इसमें बड़ी मात्रा में विटामिन सी, कैल्सियम, आइरन और फाइबर पाया जाता हो, पर मधुमेह के रोगी को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। करीब 100 ग्राम सीताफल में भी 23 ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है।

खुबानी:

खुबानी:

इसका जीआई वैल्यू 57 के बरीब होता है। मधुमेह के रोगी के लिए यह घातक हो सकता है। आधे कप खुबानी में भी करीब 8 ग्राम कार्ब पाया जाता है।

केला:

केला:

केले का जीआई वैल्यू 46 से 70 के बीच होता है और आधे कप केले में करीब 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। पूरी तरह से पका केला मधुमेह के रोगी को नहीं खाना चाहिए।

तरबूज:

तरबूज:

इसमें फाइबर और कैलोरी कम होता है और इसका जीआई वैल्यू 72 के करीब होता है। साथ ही इसमें विटामिन ए और सी भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। हालांकि आधे कप तरबूज में करीब 5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है।

पपीता:

पपीता:

इसका जीआई वैल्यू 59 के करीब होता है और इसमें बड़ी मात्रा में कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। अगर इसे फल को मधुमेह रोगी के आहार में शामिल किया भी जाए तो इसकी मात्रा बहुत कम होनी चाहिए, ताकि ब्लड शुगर लेवल ने बढ़े।

सूखा बेर:

सूखा बेर:

मधुमेह के रोगी को जिन फलों से बचना चाहिए उनमें से सूखा बेर भी प्रमुख है। खजूर के नाम से भी जाने जाने वाले इस फल का जीआई वैल्यू 103 होता है। एक चौथाई कप से भी करीब 24 ग्राम कार्बोहाइड्रेट मिलता है।

Story first published: Wednesday, December 11, 2013, 19:00 [IST]
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