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7 आहार जो बचाएं स्ट्रोक से
स्ट्रोक जिसे हम लकवा भी कहते हैं, उसके पड़ने से शरीर के प्रभावी क्षेत्र की संवेदन-शक्ति समाप्त हो जाती है तथा उस भाग को घुमाना-फिराना मुश्किल हो जाता है। लकवा तब लगता है जब अचानक ही हमारे दिमाग कि किसी भी हिस्से में रक्त पहुंचना बंद हो जाता है या फिर दिमाग की कोई खून की नली फट जाती है और मस्तिष्क की कोशिकाओं के आस-पास की जगह पर खून भर जाता है। ऐसे में इंसान अपनी बोलने और समझने की क्षमता को खो बैठता है और साथ में उसके शरीर का एक हिस्सा अकड़ जाता है।
क्या आप जानते हैं कि स्ट्रोक किस-किस को हो सकता है? वैसे तो स्ट्रोक किसी भी व्यक्ति को हो सकता है लेकिन ज्यादातर यह आदमियों को होता है जो कि 55 साल की उम्र पार कर चुके हों, वे लोग जिनके परिवार में किसी को लकवा मार चुका हो, हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह रोगी, मोटापे से ग्रस्थ व्यक्ति, हृदय रोगी, अत्यधिक कोकीन, शराब का प्रयोग करने वाले व्यक्ति, आदि को स्ट्रोक होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
चेहरे का स्ट्रोक अत्यंत व्यापक रोग है और हर आयु में हो सकता हैं, जिसमें आधा चेहरा किसी दिन सबेरे या नहाने के बाद लकवा ग्रस्त हो जाता है। यह प्राय: आधे चेहरे पर व्याप्त मुखतंत्रिकाओं के चारों ओर ठंढ लगने से होता है। तुरंत इलाज होने पर इस बीमारी से बचना संभव है।
स्ट्रोक होने के लक्षण? स्ट्रोक होने के तुरंत बाद ही दिरमाग की कोशिकाएं मरने लगती हैं और संकेत साफ दिखाई देने लगते हैं। जिसमें से बेहोशी आना, चलने में परेशानी, बोलने में दिक्कत, कमजोरी, शरीर में अकड़न, शरीर का सुन्न होना, डबल विजन, धुंधला दिखाई पड़ना और तेज सिरदर्द होना आम संकेत होते हैं।
एक बडी़ रिसर्च के अनुसार पता चला है कि आज की हमारी बदलती हुई लाइफस्टाइल और खान-पान, इस बीमारी के लिये सबसे अधिक जिम्मेदार है। रिसर्च में बताया गया है कि बाहर का अनहेल्दी फूड खाने से 58 प्रतिशत तक स्ट्रोक होने की संभावना हो सकती है जबकि यदि अपने आहार में साबुत अनाज, फल, सब्जियां और मछली आदि का सेवन किया जाए तो 30 प्रतिशत तक स्ट्रोक से बचने की संभावना होती है। तो आइये जानते हैं कुछ ऐसे आहारों के बारे में जो हमें स्ट्रोक से बचा सकता है।

बीन्स और फोलेट वाले आहार
बीन्स ना केवल हार्ट के लिये अच्छे होते हैं बल्कि यह मस्तिष्क के लिये भी प्रभावी होते हैं। बीन्स में विटामिन बी और फोलेट पाया जाता है जो कि 20 प्रतिशत तक की स्ट्रोक की समस्या को पैदा होने से रोकता है।

ओट, बादाम और सोया
ये तीन खाघ पदार्थ कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करते हैं। इन तीनों में ही जमी हुई चर्बी सबसे कम होती है जो कि एलडीएल यानी की बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को 28 प्रतिशत तक कम करते हैं।

एंटीऑक्सीडेंट
सब्जियों और फलों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट धमनियों की सूजन और प्लाक को बनने से रोकता है। एंटीऑक्सीडेंट से खून की धमनियों में रक्त प्रवाह अच्छी प्रकार से होता है।

पोटैशियम वाले खाघ पदार्थ
केला खाइये क्योंकि इसमें पौटेशियम अधिक होता है, जो कि एक्सपर्ट के अनुसार यदि आपके शरीर में रोजाना 1.5 ग्राम से कम पोटैशियम पहुंचता है तो आपको स्ट्रोक होने की गुंजाइश बढ जाएगी।

कम वसा वाला दूध
कम वासा वाले दूध और उससे बने पदार्थो में पौटेशियम, मैगनीशियम और कैल्शिम अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो कि प्राकृतिक रूप से कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम कर देगा। इसलिये यदि दूध कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है तो अपने आप ही स्ट्रोक होने के चांस कम हो जाएंगे।

मैग्नेशियम रिच फूड जैसे जौ और भुट्टा
ऐसा आहार जिसमें भारी मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता हो, उसके खाने से 30 प्रतिशत तक स्ट्रोक होने की संभावना कम हो जाती है।

साल्मन तथा अन्य मछली
मछली खाने से ओमेगा 3 फैटी एसिड प्राप्त होता है जिससे खून की नली में खून का प्रवाह अच्छे से होता है और खून जमने से रूकता है।



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