जानिये रेड वाइन पीने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ

हो सकता है इस जानकारी को पढ़ने के बाद आप ज्‍यादा वाइन पीने लगें या फिर आप खुद को वाइन पीने के लिये आजाद महसूस करने लगें। लेकिन यह बात बिल्‍कुल सच है कि वाइन पीने से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ होता है, यह हम नहीं बल्कि कई रिसर्च और क्‍लीनिकल स्‍टडीज ने कही है। पर इस बात को नोट कर लें कि हम यह लेख वाइन या शराब जैसे मादक पेय को बढ़ावा देने के लिये नहीं लिख रहे हैं, बल्कि वाइन के बारे में जो लोंगो की गलत धारणाएं हैं, उसे बदलने की कोशिश कर रहें हैं और इसके स्‍वास्‍थ्‍य लाभ की जानकारीभर दे रहे हैं।

ये होते हैं वाइन पीने के फायदे-

health benefits of drinking wine

1. जवानी रहे बरकरार - रोज वाइन पीने से बढ़ती हुई उम्र पर लगाम लगता है और बुढ़ापा पास नहीं फटकता। यह इसलिये क्‍योंकि वाइन में फाइटोकैमिकल, जैसे रिजवेरेट्रॉल और फ्लेवानॉइड पाए जाते हैं। ये दोनों प्रकृति के सबसे असरदार तत्‍व हैं, जो शरीर में फ्री रेडिकल से लड़ते हैं और शरीर को एजिंग से रोकते हैं। इसके अलावा रिसर्च के मुताबिक इसमें क्‍यूसिटीन कंपाउन्‍ड पाया जाता है, जो शरीर के इम्‍मयून सिस्‍टम को मजबूती प्रदान करता है और हर रोग से लड़ने की ताकत देता है।

2. आपकी बुद्धि को बनाए रखती है- वाइन को तेज दिमाग बनाने वाला पेय माना गया है। वे लोग जिनकी अवस्‍‍था ज्‍यादा हो गई है और याददाश्‍त कमजोर हो चली है, उन्‍हें रेड वाइन पीने की सलाह दी जाती है। विदेशो में डिमेंशिया, अल्‍जाइमर और पर्किंसन जैसी दिमागी बिमारियों के लिये डॉक्‍टर मरीज को रेड वाइन पीने को कहते हैं, क्‍योंकि यह एक प्राकृतिक दवाई है।

3. दिल को बनाती है मजबूत- कई अध्ययनों से सुझाव मिला है कि 30 से ऊपर के लोगों के लिए रेड वाइन न केवल रक्तचाप नियंत्रित करता है बल्कि ब्‍लॉकेज को भी दूर करता है। यह रक्त वाहिकाओं को साफ करने और शरीर में वसा जमने की वजह से होने वाले नुकसान को रोकने में लाभदायक होता है। रेड वाइन अंगूर से बना होता है जिसमें में एक तरल पदार्थ पाया जाता है, जो रक्त के थक्के रोकने में काफी मदद करता है।

4. कैंसर से बचाए- वाइन के सेवन से प्रोस्टेट कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी ठीक हो जाती है। इसमें पाया जाने वाला रिजवेट्रॉल, न केवल जवां बनाता है बल्‍कि यह कैंसर की सेल को ग्रो होने से भी रोकता है।पौरुष ग्रंथि के उतकों (टिश्यू) में पनपने वाला यह कैंसर प्राय: उम्रदराज लोगों में पाया जाता है। सामान्य तौर पर पौरुष ग्रंथि अखरोट जैसी होती है, लेकिन कैंसर की चपेट में आने के बाद इसके आकार में वृद्धि होने लगती है और पेशाब का प्रवाह रुकने लगता है।

5. पाचन शक्‍ति को बनाए मजबूत- रोजाना लेकिन थोड़ी वाइन लेने से पाचन शक्‍ति मजबूत होती है। इससे पेट में बना हुआ अल्‍सर भी काफी हद तक कम हो जाता है। रेड वाइन, पेट में पनप रहे कुछ खतरनाक तरह के बैक्‍टीरिया को भी ढूढ़ कर मारता है।

जरुरी टिप्‍स : खुद की पसंद की वाइन को चुनें

वैसे तो वाइन बहुत तरह की होती हैं, लेकिन वाइट वाइन के मुकाबले रेड वाइन ज्‍यादा स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक मानी जाती है। इसमें टैनिंन का हाई कंसन्‍ट्रेशन होता है, जो कि हर्बल टी में भी पाया जाता है। वाइन बनाने की कई दिनों की लगातार प्रक्रिया से, इसे गाढ़ा लाल रंग देती है। आप को इस बात को भी जानलेना जरुरी है कि बहुत ज्यादा रेड वाइन पीने से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे मोटापा हो सकता है, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कोलेस्ट्रॉल भी बढ सकता है। इसलिये रेड वाइन को शराब समझ कर नहीं बल्कि दवा सकझ कर पीजिये।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, May 1, 2012, 15:05 [IST]
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