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PCOS के साथ ऐसे कम करें वजन
फर्टिलिटी की समस्या महिलाओं की वैवाहिक जिंदगी में भूचाल ला सकती है। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी पीसीओएस भी महिलाओं में होने वाली ऐसी समस्या है, जो न सिर्फ फर्टिलिटी को कम करती है बल्कि चेहरे के बाल, महांसे, डिप्रेशन और वनज को भी बढ़ा देती है। रिसर्च से यह बात सामने आई कि महिलाएं अपना वजन कम करके इस सिंड्रोम से निजात पा सकती हैं। हालांकि यह बिल्कुल भी आसान नहीं है, पर कोशिश करने में कोई बुराई नहीं है।
पीसीओएस के साथ वजन कम करने के लिए सबसे पहले आपको अपने शरीर और जिंदगी पर इसके असर को समझना होगा और फिर मजबूत इच्छाशक्ति के साथ इसका सामना करना पड़ेगा। यह सिंड्रोम आमतौर पर अनुवांशिक होता है और जीन के जरिए आने की संभावना 50 प्रतिशत होती है। हालांकि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह अनुवांशिक है या नहीं।
आप इससे लड़कर एक स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं। यह सिंड्रोम हर उस महिला को प्रभावित कर सकता है, जिन्होंने मासिक धर्म अवस्था को पूरा नहीं किया है। हार्मोन लेवल और इंसुलीन में होने वाले बदलाव से यह सिंड्रोम होता है। पीसीओएस की सबसे बड़ी चिंता होती है वजन का बढ़ जाना और आप इससे आसानी से निजात पा सकते हैं। बस आपको इसका सही तरीका पता होना चाहिए। आइए हम आपको बताते हैं कि पीसीओएस से ग्रस्त महिलाएं कैसे वजन को बढ़ने से रोक सकती हैं।

आहार पर नियंत्रण रखें
अगर आप सिंड्रोम से ग्रस्त हैं तो सामान्य डाइट प्लान काम नहीं करेगा। इसलिए आपको फिजिशियन से परामर्श लेना चाहिए और जानना चाहिए कि वजन को नियंत्रण में रखने के लिए आपके लिए सबसे अच्छा भोजन क्या रहेगा। अपने आहार पर नियंत्रण करके आप वजन पर नियंत्रण रख सकते हैं।

डाइट प्लान तैयार करें
अगर आप पीसीओएस के साथ वजन कम करना चाहते हैं तो आपको पता होना चाहिए कि यह सिंड्रोम इंसुलीन की रूकावट से जुड़ा हुआ है। आपको लीन मीट, व्हाइट ब्रेड, वेजटेबल आदि कम कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन लेना चाहिए। ये वजन कम करने में आपकी मदद करेंगे।

पौष्टिक आहार
पीसीओएस के साथ वजन कम करने का डाइट प्लान अगर तैयार है तो इस बात को सुनिश्चित करें कि इससे आपको जरूरी पोषण मिलता हो। हाई ग्लाइसेमिक वैल्यू वाले फूड पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यह इंसुलीन के प्रति शरीर का प्रतिरोध बढ़ा देता है।

नियमित व्यायाम
अगर पीसीओएस के साथ वजन कम करना चाहते हैं तो नियमित व्यायाम काफी कारगर होगा। एरोबिक और कार्डियोवेस्कुलर व्यायाम करें, जिससे ज्यादा से ज्यादा कैलोरी बर्न होगी। साथ ही ज्यादा मस्कुलर फिगर से बचने के लिए मसल्स का व्यायाम भी करें।

दवाई की लें मदद
पीसीओएस से लड़ते समय दवाई के संबंध में अपने फिजिशियन से परामर्श लें। इंसुलीन के प्रतिरोध और हार्मोनल बैलेंस में दवाई आपकी मदद कर सकता है। इससे आप ज्यादा प्रभावी तरीके से वजन कम कर सकते हैं।

बाधाओं से बचें
अगर आप पीसीओएस के साथ वजन कम करने को लेकर गंभीर हैं तो स्मोकिंग और क्रैश डाइट से बचें। अध्ययन से पता चला है कि स्मोकिंग से शरीर में इंसुलीन और टेस्टोस्टोरेन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे वजन बढ़ता है। इसके अलावा कम कैरोली लेने से भी पूरे स्वास्थ पर असर पड़ता है।

अपने डाइट पर कड़ाई से अमल करें
पीसीओएस के साथ वजन कम करने का यह सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। अपने डाइट पर कड़ाई से अमल करें, न कि नए-नए प्रयोग करें।



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