Latest Updates
-
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता -
दिल को हेल्दी रखते हैं ये 5 योगासन, हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही बना लें रूटीन का हिस्सा -
World Heart Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हृदय दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की थीम
वैरिकोज वेन्स की तकलीफ से छुटकारा दिलाए ये घरेलू उपचार
वैरिकोज वेन्स एक बहुत ही आम समस्या है, जिसमें पैरों की नसें एक जगह पर इकठ्ठी हो जाती हैं और त्वचा के नीचे से साफ दिखाई देने लगती हैं। जब पैरों की नसों में मौजूद वाल्व, कमजोर हो जाते हैं, तो नसें कमजोर होकर फैलने लगती हैं या फिर ऐंठ जाती हैं, इसे वैरिकोज वेन्स की समस्या कहते हैं।
READ: किस बीमारी में खाएं कौन सा फल?
पैरों की नसों की यह वाल्व, पैरों से रक्त को नीचे की ओर से ऊपर ले जाने का काम करती हैं, लेकिन इन वॉल्व के खराब हो जाने की वजह से रक्त ऊपर की ओर नहीं चढ़ पाता और पैरों में ही जम जाता है। यह समस्या ज्यादातर पैरों में ही होती है। एक अनुमान के अनुसार वैरिकोज नसों की समस्या से 25 प्रतिशत महिलाएं और 10 प्रतिशत पुरुष प्रभावित होते हैं।
READ: सफेद दाग का अचूक इलाज
वैसे तो यह शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकती हैं, लेकिन ज्यादातर जांघों और टांगों में दिखाई देती हैं। इससे पैरों में दर्द, सूजन, जलन, बेचैनी, झुनझुनाहट या भारीपन का एहसास होता है। आपको यह तब हो सकता है जब आप लंबे समय तक लगातार खडे़ होने वाले काम करें, आनुवंशिकता, कब्ज, गर्भावस्था, मोटापा, गर्भनिरोधक गोलियां, रजोनिवृत्ति के दौरान होने वाले हार्मोंनल परिवर्तन
READ: हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के डाईट टिप्स
वैरिकोज वेन्स को ठीक करने के लिये मेडिकल और सर्जिकल उपचार भी उपलब्ध हैं, लेकिन वो काफी महंगे होते हैं। इस तकलीफ से आराम पाने के लिये आप चाहें तो घरेलू उपचार का सहारा ले सकते हैं। यहां वैरिकोज वेन्स से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय दिये गये हैं।

1. एप्पल साइडर वेनिगर
यह शरीर की सफाई करने वाला प्राकृतिक उत्पाद है और रक्त प्रवाह और रक्त परिसंचरण में सुधार करने में मदद करता है। इससे नियमित रूप से अपने पैरों की मालिश करें। इस विधि को रात में सोने से पहले और उठने के बाद में फिर करें। कुछ महीनों तक ऐसा करने से आपकी नसें ठीक हो सकती हैं। दूसरे उपचार के लिये आप चाहें तो एक गिलास पानी में दो चम्मच वेनिगर को मिलाकर पीये। इस मिश्रण को दिन में दो बार पिये और लाभ देखें।

2. जैतून का तेल
जैतून के तेल की मालिश से रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में मदद मिलती है, इससे दर्द और सूजन कम होता है। जैतून के तेल में विटामिन ई तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर उसे थोड़ा सा गर्म कर लें। इस गर्म तेल से नसों की मालिश कई मिनट तक एक से दो महीने के लिए करें।

3. लहसुन
लहसुन, रक्त वाहिकाओं में हानिकारक विषाक्त पदार्थों को निकालने और रक्त परिसंचरण में सुधार करने में मदद करती है। छह लहसुन की कली कूट कर एक साफ जार में डाल लें। तीन संतरे का रस लेकर उसे जार में मिलाये। फिर इसमें जैतून के तेल की मिलायें। इस मिश्रण को 12 घंटे के लिए रख दें। फिर इस मिश्रण से कुछ बूंदों को हाथों पर लेकर 15 मिनट के लिए सूजन वाली नसों पर मालिश करें। इस पर सूती कपड़ा लपेट कर रातभर के लिए छोड़ दें। इस उपाय को कुछ महीनों के लिए नियमित रूप से दोहाराये। इसके अलावा अपने आहार में ताजे लहसुन को शामिल करें।

4. रेंड़ी का तेल
रेंड़ी के तेल को हल्का गरम कर लें और उससे प्रभावित क्षेत्र पर मालिश करें।

5. पार्सले
पार्सले एक हर्ब है जिसका प्रयोग शायद ही एक पारंपरिक भारतीय पाकशैली में होता है। पर अब इसका प्रयोग काफी डिशेज़ में स्वाद बढ़ाने के लिये किया जाता है। मुठ्ठी भर पार्सले को बारीक काट कर उसे 1 कप पानी के साथ 5 मिनट के लिये उबालें। फिर पानी को हल्का ठंडा करें और उसमें गुलाब और गेंदे के तेल की कुछ बूंदे डालें। फिर इस मिश्रण को कुछ मिनटों के लिये फ्रिज में ठंडा होने के लिये रखें। उसके बाद इसको कॉटन बॉल से नसों पर लगाएं। ऐसा रोजाना कुछ महीनों तक करें।

6. गेंदे का फूल
1 कप गेंदे के फूल को 4 कप पानी के साथ 5 मिनट तक उबालें। फिर उसमें कॉटन का कपड़ा भिगो कर उससे प्रभावित जगह की सिकाई करें। दिन में कई महीनों तक यह उपचार करने से आप जरुर लाभ देखेंगे। आप चाहें तो गेंदे के फूल की ताजी पंखुडियां भी खा सकते हैं।

7. लंबे समय तक ना बैठें
अगर आप को ऑफिस में लंबे समय तक बैठना है तो कोशिश करें की बीच में थेाड़ा सा ब्रेक ले कर चल लें। ऐसा करने से खून का प्रवाह बढ़ जाएगा।



Click it and Unblock the Notifications
