कच्‍ची हल्‍दी: दिलाए राहत गले की खराश, सर्दी-जुखाम और अपच से

अगर आप कच्‍ची हल्‍दी को नियमित अपने आहार में शामिल करेंगे तो आपको सर्दी-जुखाम, गले की खराब और अपच जैसी बीमारियों से हमेशा के लिये छुटकारा मिल सकता है।

हल्‍दी पावडर की जगह कच्‍ची हल्‍दी का प्रयोग करना काफी फायदेमंद हो सकता है। अगर आप कच्‍ची हल्‍दी को नियमित अपने आहार में शामिल करेंगे तो आपको, गले की खराब और अपच जैसी बीमारियों से हमेशा के लिये छुटकारा मिल सकता है।

कच्‍ची हल्‍दी देखने में बिल्‍कुल अदरक की तरह होती है। हल्दी में सूजन को रोकने का खास गुण होता है इसलिये यह गठिया रोगियों को जोंडो के दर्द से काफी आराम पहुंचाती है। आइये जानते हैं कच्‍ची हल्‍दी का कैसे प्रयोग करना चाहिये।

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सर्दी-खांसी और जुखाम: रात को सोने से पहले अगर आप हल्‍दी वाला दूध पियेंगे तो, ना सिर्फ अच्‍छी नींद आएगी बल्‍कि आपकी सर्दी भी दूर भाग जाएगी। इस दूध में गुड या शक्‍कर मिक्‍स कर सकते हैं।

एक चीज जो याद रखने वाली है , वह यह है कि इसको पीने के बाद पानी नहीं पीना होता है, नहीं तो यह बेअसर हो जाएगा।

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अपच: अगर कच्‍ची हल्‍दी को लहसुन और घी के साथ खाया जाए, तो पेट दर्द या फिर अपच से राहत मिलती है। कच्‍ची हल्‍दी को खाने से पहले उसे उबाल लें। आयुर्वेद की मदद से करें अपच का उपचार

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गले की खराश: कच्‍ची हल्‍दी गले की सूजन को कम करती है। इसका सेवन करने के लिये 1 छोटा चम्‍मच कच्‍ची हल्‍दी का पेस्‍ट लें और उसमें ½ छोटा चम्‍मच लहसुन का पेस्‍ट और 1 छोटा चम्‍मच गुड मिलाएं। इस मिरण को गरम करें और खाएं। इसको दिन में दो बार लेना चाहिये। READ: गले के दर्द के लिये 5 आसान आयुर्वेदिक उपचार

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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