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बंगलुरु के मार्केट में बिक रही है प्लास्टिक की चीनी, लोगों के उड़े होश
अब मुनाफाखोरों ने अपने फायदे के लिये चीनी में महीन प्लास्टिक मिलाना शुरु कर दिया है। कर्नाटक में बंगलुरु में प्लास्टिक की चीनी बिक रही है और लोंगो के होश उड़ रहे हैं।
बाजार में प्लास्टिक के बनें चावल, कंकड़ से भरी दालें, रंग पुती हुई सब्जियां काफी अरसे से बिक रहे हैं। लेकिन अब एक नई बात सामने आ गई है, वह यह कि अब मुनाफाखोरों ने अपने फायदे के लिये चीनी में महीन प्लास्टिक मिलाना शुरु कर दिया है।
जो लोग कल को धडल्ले से दूध, खीर या चाय में चीनी मिलाते थे, वे आज बड़ा ही संभल संभल कर चीनी खरीदने लगे हैं।

आंध्र प्रदेश में प्लास्टिक के चावल बिकने की काफी खबर उड़ी थी। अभी यह मामला पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ था कि बंगलुरू में भी शक्कर में प्लास्टिक की मिलावट कर के बेचने की खबर आ गई है।

आइये जाने कैसे हुआ खुलासा
चाय में शक्कर के साथ प्लास्टिक मिली हुई, इसका खुलासा कर्नाटक के गडग शहर में हुआ। यहां एक परिवार में महिला चाय बना रही थी, कुछ देर के बाद जब उसने चीनी डाली तो उसमें से कुछ जलने की गंध आने लगी। जब बर्तन देखा गया तो, उसमें प्लास्टिक के कण जल रहे थे और बर्तन पूरा काला पड़ चुका था।
बाद में परिवाजन ने बाजार से लाई हुई चीनी को जब देखा तो पाया कि उसमें चीनी के कण मिले हुए हैं। परिवार वाले डिमांड कर रहे हैं कि जिस मील से वे चीनी लाते हैं, उस मील के तुरंत बंद कर दिया जाना चाहिये।

सरकार ने दिये जांच के ऑर्डर
चीनी में प्लास्टिक होने की बात जब सामने आई तो कर्नाटका सरकार ने तुरंत ही मामले की जांच करने की सलाह दे डाली। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने चीनी का सैंपल लिया है और जांच के लिये भेज दिया है।

कौन कर रहा है ये मिलावट
चीनी में मिलावट कहां की जा रही है इसका जल्द ही खुलासा किया जाएगा। क्या यह गड़बडी सीधे मील से हो रही है या फिर इसके पीछे रिटेल शॉप का हाथ है?
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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