दिन में कितने आम खाने चाहिए ताकि आपको फोड़े फुंसी न हों

जब भी आप आम खाते हैं तब आपको फोड़े फुंसी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। तो आप गर्मियों के मौसम के इस फल का आनंद किस तरह उठायें कि आपको ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े?

By Radhika Thakur

आम सभी का पसंदीदा फल है। यही एक ऐसा फल है जो चॉकलेट या आइसक्रीम का स्थान ले सकता है परन्तु दुर्भाग्य से यह मौसमी फल है।

इससे भी ख़राब बात यह है कि जब भी आप आम खाते हैं तब आपको फोड़े फुंसी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

तो आप गर्मियों के मौसम के इस फल का आनंद किस तरह उठायें कि आपको ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े? क्‍या आपने कभी सोचा है कि दिनभर में कितने आम खाएं कि चेहरा दानों से खराब ना हो। आइये जानते हैं यह बात कहां तक सच है...

 कितने आम खाएं कि आपको फोड़े फुंसियां न हों?

कितने आम खाएं कि आपको फोड़े फुंसियां न हों?

"ऐसी कोई सीमा नहीं है जिसके अनुसार आम खाने से आपको फोड़े फुंसियां नहीं होते - वास्तव में आम खाने से फोड़े होते ही नहीं हैं बल्कि गर्मी में बैक्टीरिया के प्रसार के कारण ये समस्याएं होती हैं।"

ईमानदारी से कहें तो आम खाने की ऐसी कोई सीमा नहीं है जिससे फोड़े फुंसियों को रोका जा सके।

चेहरे पर आने वाली फुंसियों का कारण आम नहीं

चेहरे पर आने वाली फुंसियों का कारण आम नहीं

आपके चेहरे, गरदन और शरीर पर आने वाले फोड़े फुंसियों का कारण आम नहीं है। आम खाने पर यदि आपको फोड़े फुंसी होते हैं तो यह एक संयोग मात्र है। क्योंकि आम गर्मियों के मौसम में आते हैं और इस मौसम में गर्मी से होने वाले फोड़े और रैशेस की समस्या भी बहुत आम होती है।

 बैक्टीरियल इंफेक्शन से होते हैं फोडे

बैक्टीरियल इंफेक्शन से होते हैं फोडे

वास्तव में ये फोड़े त्वचा की सतह के नीचे बालों की जड़ों या तेल ग्रंथियों में होने वाले बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण होते हैं। डॉक्टर्स और शोधकर्ताओं के अनुसार गर्म और नम स्थितियां फोड़े फुंसी के लिए उपयुक्त होती हैं। यही कारण है कि गर्मियों में यह एक आम समस्या होती है। फुरुन्क्लेस के नाम से पहचाने जाने वाले इस इंफेक्शन में पहले वह स्थान लाल होता है और कुछ दिन बाद सफेद होने लगता है क्योंकि त्वचा के नीचे पस एकत्रित होने लगता है।

आम को फोड़े फुंसियों के साथ क्यों जोड़ा जाता है

आम को फोड़े फुंसियों के साथ क्यों जोड़ा जाता है

"क्योंकि आम का सेवन गर्मियों में किया जाता है जब त्वचा के संक्रमण और फोड़े फुंसियों की समस्या सबसे अधिक होती है।" आम मौसमी फल है और यह बाज़ार में गर्मियों के मौसम में आता है जब तापमान बहुत अधिक होता है। अधिक तापमान के कारण नमी का स्तर, त्वचा के संक्रमण, फोड़े और हीट रैशेस जैसी समस्याएं बहुत अधिक होती हैं। इसी वजह से लोग यह मानने लगे कि फोड़े फुंसियों के लिए आम ज़िम्मेदार है।

 आम खाने से मुंहासों की समस्या

आम खाने से मुंहासों की समस्या

इसके अलावा अधिक मात्रा में आम खाने से मुंहासों की समस्या भी हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आम में ग्ल्य्समिक सूचकांक बहुत अधिक मात्रा में होता है और जिन खाद्य पदार्थों में ग्ल्य्समिक सूचकांक अधिक मात्रा में होता है उनके सेवन से मुंहासों की समस्या होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि शुगर और ग्ल्य्समिक युक्त खाद्य पदार्थ से इन्सुलिन का उतपादन बढ़ जाता है।

आम में शुगर की मात्रा अधिक होती है

आम में शुगर की मात्रा अधिक होती है

हालाँकि हमारे पोषण विशेषज्ञों के अनुसार आम में कई तरह के पोषक तत्व जैसे विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन बी12, फोलेट और पोटैशियम आदि पाए जाते हैं। अत: अच्छा होगा कि आम का सेवन सीमित मात्रा में करें जैसे आप प्रोसेस्ड फ़ूड का सेवन सीमित मात्रा में करते हैं क्योंकि इनसे भी शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ती है।

हमारी सलाह

हमारी सलाह

आम स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है और फोड़े फुंसी की चिंता किये बिना इसका सेवन कर सकते हैं परन्तु फिर भी हम आपको सलाह देते हैं कि सावधान रहें और इसकी सीमित मात्रा का सेवन करें।

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