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कभी नहीं होगा अल्जाइमर अगर खाएंगे ये 10 फूड

अल्जाइमर रोग को 'भूलने का रोग' भी कहते है। इस बीमारी के लक्षणों में याददाश्त की कमी होना, निर्णय न ले पाना, बोलने में दिक्कत आना तथा फिर इसकी वजह से सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं की गंभीर स्थिति आदि शामिल हैं। रक्तचाप, मधुमेह, आधुनिक जीवनशैली और सर में कई बार चोट लग जाने से इस बीमारी के होने की आशंका बढ़ जाती है। यह बीमारी अक्सर 60 वर्ष की उम्र के आसपास होती है और फिलहाल इसका कोई इलाज भी नहीं है।
दिमाग में एक सौ अरब कोशिकाएं (न्यूरान) होती हैं। हरेक कोशिका बहुत सारी अन्य कोशिकाओं से संवाद कर एक नेटवर्क बनाती हैं। इस नेटवर्क का काम विशेष होता है। कुछ सोचती हैं, सीखती हैं और याद रखती हैं। अल्जाइमर रोग में कोशिकाओं की उद्योग का हिस्सा काम करना बंद कर देता है, जिससे दूसरे कामों पर भी असर पड़ता है। जैसे-जैसे नुकसान बढ़ता है, कोशिकाओं में काम करने की ताकत कम होती जाती है और अंततः वे मर जाती हैं।

अल्जाइमर से दिमाग की कोशिकाएँ नष्ट हो जाती हैं, जिसके कारण याददाश्त, सोचने की शक्ति और अन्य व्यवहार बदलने लगते हैं। इसका असर सामाजिक जीवन पर पड़ता है। समय के साथ साथ यह बीमारी बढ़ने लगती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने अपने शोध में पाया है कि भोजन, आहार और लाइफस्टाइल से आप अल्जाइमर रोगों को रोक सकते हैं। ऐसे में अल्जाइमर रोगों से बचने के लिए हेल्दी फूड के साथ-साथ नियमित व्यायाम भी करें। आइए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे फूड जिससे आप मानसिक रोग और अल्जाइमर को रोक सकते हैं।

1. साबुत अनाज
साबुत अनाज खाने से यह सुनिश्चित होता है कि आपका आहार अन्य आवश्यक पोषक तत्वों में समृद्ध है, जो आपके शरीर और दिमाग को स्वस्थ रखते हैं। प्रसंस्कृत खाद्य को आपके दिमाग का सबसे बड़ा दुश्मन कहा जाता है। पूरे अनाज से वजन नियंत्रित करने, रक्तचाप को कम करने और हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। बदले में यह मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार लाता है और अल्जाइमर को रोकने
में मदद करता है।

2. बीन्स
बींस में खूब फाइबर पाए जाते हैं, जो ग्लूकोज लेवल को स्थिर करते हैं और आपके मस्तिष्क में ऊर्जा को बढ़ाते हैं। यह मस्तिष्क को स्थिर करता है और इसके कामकाज को ठीक से काम करने देता है।

3. ब्लूबेरी
बेरी, विशेष रूप से ब्लूबेरी अल्जाइमर के इलाज के लिए बहुत प्रभावी है। यह स्मृति हानि को रोकती है और मस्तिष्क के स्वास्थ्य में सुधार करती है। ये मस्तिष्क के संज्ञानात्मक कार्य को भी सुधार करती है।

4. ऑलिव ऑइल
यह स्वस्थ तेलों में से एक है जिसे आप अपनी डायट में शामिल कर सकते हैं। तेल में मौजूद घटक मस्तिष्क के संज्ञानात्मक कार्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। यह स्मृति में सुधार भी करता है और आपको अल्जाइमर रोग से दूर रखने में मदद करता है।

5. केला
केले में एक कमाल की चीज होती है ट्रिप्टोफान। यह न केवल मूड ठीक करता है, बल्कि डिप्रेशन को दूर करता है। इसमें मौजूद विटामिन बी-6 दिमागी तंदरूस्ती देता है यानी याद्दाश्त बढ़ाने के लिए उत्तम है अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगो के लिए लाभदायक है।

6. मछली
मछली खा सकें तो अच्छा है नहीं तो उसका तेल तो जरूर खाएं। मछली प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर होती है, जिससे मस्तिष्क का विकास होता है। खासकर सॉल्मन और ट्यूना मछली खाना ज्यादा फायदेमंद रहता है। मछली में पाया जाने वाला एक विशेष प्रकार का फैटी एसिड दिमाग की कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाता है।

7. टमाटर
टमाटर लाइकोपेन से भरपूर होता है। ये न सिर्फ शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने से बचाता है, बल्कि अल्जाइमर के खतरे को भी कम करता है।

8. अंडे
अंडे में विटामिन बी12 और कोलाइन प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह मस्तिष्क की कोशिकाओं का निर्माण करता है, जिससे याददास्त बढ़ती है।

9. ब्रोकली
ब्रोकली में विटामिन के सहित ढेरों पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाने में मददगार होते हैं।

10. ग्रीन टी
ग्रीन टी में मौजूद पॉलीफिनोल नाम का एंटी ऑक्सीडेंट होता है जो बढ़ती उम्र पर लगाम लगाता है। ग्रीन टी याद्दाश्त बढ़ाने में भी कारगर पाई गई है। यह दिमाग के लिए बढ़िया है तो अल्जाइमर रोग और पाकिसन रोग की दुश्मन है।



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