Latest Updates
-
सुबह खाली पेट जौ का पानी पीने से दूर होंगी ये 5 समस्याएं, जानें इसे बनाने का तरीका -
Baglamukhi Jayanti 2026: बगलामुखी जयंती कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
फैटी लिवर में कौन सा योग करें? जानें लिवर को साफ और मजबूत रखने के लिए योगासन -
May 2026 Vrat Tyohar: वट सावित्री, शनि जयंती सहित मई माह में पड़ रहे हैं कई व्रत-त्योहार, देखें पूरी लिस्ट -
Swapna Shastra: सपने में मरे हुए व्यक्ति को देखने का क्या मतलब होता है? जानें ये शुभ होता है या अशुभ -
Bael Juice Benefits: गर्मियों में रोजाना पिएं एक गिलास बेल का जूस, सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे -
Who Is Divyanka Sirohi: कौन हैं एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही? जिनका 30 साल की उम्र में हार्ट अटैक से हुआ निधन -
Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ यात्रा आज से शुरू, रजिस्ट्रेशन से हेलीकॉप्टर बुकिंग तक जानें सभी जरूरी नियम -
बालों की ग्रोथ के लिए इस तरह करें केले के छिलके का इस्तेमाल, कुछ ही दिनों में घुटनों तक लंबे हो सकते हैं बाल -
दीपिका कक्कड़ की MRI रिपोर्ट में मिले 2 नए सिस्ट, अब होगी इम्यूनोथेरेपी, जानें क्या है ये ट्रीटमेंट
सिर्फ जूस ही नहीं क्रैनबेरी की सब्जी और चटनी भी है सेहत के लिए बढ़िया, जानें बनाने का तरीका
क्रैनबेरी (Cranberry) जिसे हिंदी में करौंदा कहा जाता है, छोटे अम्ली य जामुन के सामान फल होते हैं जो सदाबहार झाड़ियों पर फलते हैं। पोषक तत्वों से भरपूर करौंदा खाने से कई फायदे होते है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुणों की अच्छीौ मात्रा होने के कारण इसे सुपर फूड माना जाता है। करौंदा के जूस का उपयोग भी विभिन्न प्रकार की परेशानियों को दूर करने में किया जाता है। इसके अलावा ये सांस संबंधी परेशानियों,किडनी में पथरी, कैंसर और हार्ट डिजीज से राहत दिलाने में भी मदद करता हैं। इसके अलावा करोंदा पेट संबंधी समस्याओं और डायबिटीज को रोकने में भी सहायक है, ये दांतों से संबंधित परेशानियों को भी कम कर सकता हैं।

करौंदा में कौन-से पोषक तत्व होते है
क्रैनबेरी फल में एंटीऑक्सीरडेंट,विटामिन सी, और सैलिसिलिक एसिड काफी अच्छीब मात्रा में पाए जाते हैं। एक कप करोंदा में मात्र 45 कैलोरी होती है और 100 ग्राम करौंदा में 87.13 ग्राम पानी होता है। जो हमें ऊर्जा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है। इनमें उपस्थित खनिजों में कैल्शियम , मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फोरेस, सोडियम, पोटेशियत, और जिंक शामिल है। करौंदा में थायमीन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन बी 6, विटामिन ई और विटामिन के भी होता है।
करौंदा को हम कई तरह से इस्तेमाल कर सकते है। जी हां, करौंदा के जूस या इसे कच्चे खाने के बारे में तो आपने सुना ही होगा। लेकिन आज हम आपको करौंदा की सब्जी और इसकी चटनी बनाने का तरीका भी बताने वाले है। सेहत से भरपूर ये दोनों ही चीजे खाने में भी बहुत टेस्टी होती है। तो आइए जानते है इसे बनाने का तरीका-
करौंदे की सब्जी
सामग्री
करौंदे - आधा कप
हरी मिर्च - 10
नमक - आधा चम्मच या स्वादानुसार
अचार मसाला पाउडर (ऐच्छिक)- आधा चम्मच
जीरा- आधा चम्मच
चीनी - 2 छोटे चम्मच
तेल - आधा छोटा चम्मच

विधि
- करोंदों को अच्छी तरह रगड़ कर धो लें और फिर लम्बाई में आधा काट कर उसके बीज निकाल लें। फिर हरी मिर्च को भी धो कर मोटा मोटा काट लें। इसके बाद एक कढ़ाई में तेल गरम करके उसमें जीरा डाल दें। जब वो फूल जाए तब उसमें अचार का मसाला डाल दें। सूखा अचार का मसाला बाज़ार में आसानी से मिल जाता है खासकर गर्मियों में, नहीं तो उसकी जगह हल्दी, धनिया और गरम मसाला डाल लें। अब इसमें कटे हुए करोंदे, मिर्च और नमक डाल कर मिला लें। आंच धीमी करके इसको ढक कर पकाएं जब तक कि करोंदे मुलायम नहीं हो जाते। अब इसमें चीनी डाल कर मिला लें। जब चीनी घुल जाए तब एक बार नमक चैक कर लें और आंच बंद कर दें। इस तरह आपके करोंदे की सब्ज़ी बनकर तैयार हो जाएगी।
करौंदे की चटनी
सामग्री
• करौंदे - 100 ग्राम
• हरी मिर्च - 4 से 5
• हरा धनिया - 1 कप (धुले हुए पत्ते)
• लाल मिर्च - एक चौथाई छोटा चम्मच
• हींग - 1-पिंच
• जीरा - 1/2 छोटा चम्मच
• नमक - 1 छोटा चम्मच या स्वादानुसार
•
• विधि
• हरा धनिया पहले अच्छे से साफ कर लें, और फिर उसे कुछ देर तक पानी में भिगोकर रखें, ताकि उसमें से सारी मिटटी निकल जाए। फिर हरा धनिया चाकू या कैंची की मदद से बड़ा-बड़ा काट लें। हरी मिर्च के भी दो-दो टुकड़े कर लें। फिर मिक्सर जार में कटा हुआ हरा धनिया, मिर्च और करौंदा ड़ाल दें। साथ ही नमक, जीरा, हींग और आधा कप पानी ड़ाल दें और इसे बारीक पीस लें। फिर चटनी को जार से निकालकर एक प्याले में ड़ाल दें। इस तरह आपकी ये चटनी बनकर तैयार हो जाएगी। इस चटनी को पराठे के अलावा सैंडविच और पकौड़े के साथ भी खा सकते है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications