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राजमा-छोले खाने के बाद गैस से फूल जाता है पेट, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया इससे बचने का तरीका
हम में से ज्यादातर लोग फलियां और सूखे बींस का सेवन का खाना खूब पसंद करते हैं। लेकिन इनका सेवन करने के बाद भारीपन, सूजन और गैस का अनुभव होना भी आम सी बात है। इन्हें खाने के बाद हम में से कई लोग ब्लोटिंग का दोष बीन्स पर डाल देते है। जबकि कभी आपने सोचा है कि ड्राई बीन्स को खाने के बाद आप आसानी से पचा क्यों नहीं पाते हो? कहीं आप इसे पकाने या भिगोने के समय कोई गलती तो नहीं कर रहे हों। अगर आप वास्तव में बीन्स को ठीक से भिगोकर और पकाकर नहीं खा रहे हैं, तो इसे पचाना आपके लिए बहुत कठिन हो सकता है।
पोषण विशेषज्ञ शोनाली सभरवाल की नई किताब ब्यूटी डाइट: ईट योर वे टू ए फैब न्यू यू के अनुसार, राजमा, मूंग, उड़द, चना, और मसूर जैसी ड्राई बीन्स या फलियों को भिगोकर अगर सही तरीके से पकाया जाएं तो इन्हें खाने के बाद ब्लोटिंग और अपच की समस्या से बचा जा सकता है।

ज्यादा फाइबर की मात्रा की वजह से होता है अपच
बीन्स में फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जो सूजन का कारण बन सकता है। खासतौर से उन लोगों को ज्यादा परेशानी होती है, जिन्हें बहुत ज्यादा फाइबर खाने से एलर्जी है। अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में पोषण विशेषज्ञ ने साबुत बीन्स को लेकर कुछ सुझाव दिए हैं। जिन्हें अगर आप ध्यान में रखें, तो पाचन संबंधी समस्याओं का समाना नहीं करना पड़ेगा।
जानें भिगोने का सही तरीका
विशेषज्ञों का कहना है कि 'साबुत बीन्स को अच्छी तरह से भिगो देना चाहिए। उन्हें लगभग 7-8 घंटे के लिए भिगोना आवश्यक है। बेहतर होगा कि आप इन्हें रात भर भिगो कर रखें।
- अब सुबह उठकर भीगी हुई फलियों को निकाल कर पानी फेंक दें। इससे गैस की समस्या नहीं होगी।
- जानकारों का कहना है कि 'आप चाहें तो इन्हें गर्म पानी में करीब एक घंटे के लिए भिगो भी सकते हैं। इससे यह अपने आकार से दोगुने तक फूल जाएगा। वह कहती हैं कि पकाए जाने पर उनका आकार बनाए रखने का यह एक बेहतर तरीका है।
- अगर आप बीन्स को पचा नहीं पा रहे हैं, तो उन्हें प्रेशर कुकर में पकाएं। यह विधि उन्हें अधिक सुपाच्य बना देगी।
- जैसे ही यह पक जाए, इसके ऊपर दिखाई देने वाले झाग को हटा दें।
- अंत में नमक और कोई भी एसिड बनाने वाली सामग्री जैसे टमाटर, सिरका डालें। यह बीन्स को नरम होने से रोकता है।
- उन्हें मीठा करने के लिए पकाते समय लाल कद्दू, गाजर और प्याज जैसी सब्जियां डालें। बड़ी मात्रा में सब्जियां और कम पानी यानी लगभग एक कप पानी डालें।

दाल भिगोने के फायदे-
बीन्स को एक रात पहले भिगोने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे आपके खाना पकाने का समय कम हो जाता है। इसके अलावा इसे भिगोने से यह समान रूप से पक जाता है. यह विधि पाचन तंत्र पर बीन्स के नकारात्मक प्रभाव को भी कम करती है। अगर आप दाल को गलत तरीके से पका कर खाएंगे तो पेट में गैस जरूर बनेगी, जानिए इसे भिगोकर क्यों खाते हैं।
अधिकांश बीन्स का उपयोग फसल के दो वर्षों के भीतर करना सबसे अच्छा होता है। हालांकि फसल की तारीख जानना आसान नहीं है, इसलिए सुपरमार्केट में ज्यादातर ड्राई बीन्स के पैकेट पर खरीद की तारीख छपी होती है। खरीदने से पहले इसे जरूर देख लें।
तो अगर आपको भी सूखे मेवे खाने के बाद इसे पचाने में दिक्कत महसूस हो रही है तो पोषण विशेषज्ञ के बताए अनुसार इसे पकाने का सही तरीका अपनाएं और फलियों का आनंद लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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