दीपिका कक्कड़ ने ल‍िवर सर्जरी के बाद करवाया ब्रेस्‍ट कैंसर टेस्‍ट, Mammography किसे और क्यों करवानी चाहिए?

Actor Dipika Kakar undergoes mammography : टीवी इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस और 'ससुराल सिमर का' फेम दीपिका कक्कड़ इन दिनों अपनी सेहत को लेकर काफी चर्चा हैं। हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू और व्लॉग के जरिए यह खुलासा किया कि लिवर की सर्जरी के बाद उन्होंने मैमोग्राफी (Mammography) टेस्ट भी करवाया है। दीपिका की यह पहल ना सिर्फ उनकी स्वास्थ्य के प्रति सजगता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि महिलाएं समय-समय पर अपने शरीर की जांच करवाकर गंभीर बीमारियों से समय रहते बच सकती हैं।

लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर मैमोग्राफी क्या है, क्यों करवाई जाती है और किन महिलाओं को यह करवानी चाहिए?

Actor Dipika Kakar undergoes mammography

मैमोग्राफी क्या होती है?

मैमोग्राफी एक प्रकार की एक्स-रे जांच है जो महिलाओं के स्तनों की अंदरूनी बनावट को जांचने के लिए की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान करना होता है, जब लक्षण स्पष्ट रूप से नजर नहीं आते।

इसमें बहुत कम मात्रा में रेडिएशन का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे स्तन के ऊतकों की साफ तस्वीर मिलती है। यह जांच किसी भी प्रकार की गांठ, असामान्य परिवर्तन, सूजन या अन्य लक्षणों को पहचानने में सहायक होती है।

दीपिका कक्कड़ ने क्यों करवाई मैमोग्राफी?

हाल ही में दीपिका कक्कड़ की लिवर सर्जरी हुई थी, और सर्जरी के बाद वह लगातार अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे रही हैं। दीपिका ने बताया कि उन्होंने नियमित हेल्थ चेकअप के हिस्से के रूप में मैमोग्राफी करवाई, क्योंकि ब्रेस्ट हेल्थ भी महिलाओं के लिए एक अहम विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं अक्सर दूसरों की देखभाल में खुद को नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन समय रहते स्वास्थ्य की जांच करवाना बेहद जरूरी है।

मैमोग्राफी की जरूरत किसे पड़ती है?

मैमोग्राफी की जरूरत 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को खासतौर पर पड़ती है, क्योंकि इस उम्र के बाद ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में यह जांच इससे कम उम्र में भी करवाई जा सकती है:

- परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास हो।
- स्तनों में कोई गांठ, दर्द या असामान्य लक्षण दिखें।
- हार्मोनल थैरेपी चल रही हो।
- स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता के उद्देश्य से नियमित चेकअप करना हो।

मैमोग्राफी कैसे की जाती है?

मैमोग्राफी के दौरान महिला को एक मशीन के सामने खड़ा किया जाता है। मशीन स्तन को हल्के से दबाकर दोनों ओर से एक्स-रे इमेज लेती है। इसमें कुछ सेकंड का समय लगता है और थोड़ी असहजता या हल्का दर्द हो सकता है, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है।

क्या मैमोग्राफी से ब्रेस्ट कैंसर की पहचान हो जाती है?

मैमोग्राफी से स्तन में होने वाले शुरुआती बदलावों की पहचान की जा सकती है, जो कैंसर की तरफ इशारा कर सकते हैं। अगर किसी असामान्यता का संदेह होता है, तो डॉक्टर आगे की जांच जैसे बायोप्सी या अल्ट्रासाउंड की सलाह भी दे सकते हैं। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि मैमोग्राफी कैंसर की शुरुआती स्टेज में पहचान कर जीवन बचाने में मदद कर सकती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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