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आ गई गर्मी! इस मौसम में कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स पीने से बचें, केंद्र ने दी हिदायत
Dos and Don'ts for Heat wave : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीसीसीएचएच) ने भीषण गर्मी में चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक से बचने की सलाह दी है। भारतीय मौसम विभाग ने ओडिशा और झारखंड में रेड अलर्ट, जबकि विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में गर्म हवाओं की चेतावनी जारी की है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, सौराष्ट्र, कच्छ और गुजरात के कुछ हिस्सों में येलो अलर्ट है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी में कोल्ड ड्रिंक पीना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इन कार्बोनेटेड पेय पदार्थों में अधिक मात्रा में चीनी होती है, जो शरीर में डीहाइड्रेशन बढ़ाकर स्वास्थ्य को खतरे में डाल सकती है। ऐसे में, नारियल पानी, लस्सी और ताजे फलों के जूस का सेवन करना अधिक फायदेमंद रहेगा।

1. मौसम की स्थिति और अलर्ट
गर्मी के चलते भारतीय मौसम विभाग ने ओडिशा और झारखंड में रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में गर्म हवाओं की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, सौराष्ट्र, कच्छ और गुजरात के कुछ हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी दिनचर्या को मौसम के हिसाब से ढालें।
2. पानी की कमी से बचाव
गर्मी में शरीर से अत्यधिक पसीना निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है। एनपीसीसीएचएच ने चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स से बचने की सलाह दी है क्योंकि इनमें मौजूद कैफीन और चीनी शरीर के जल स्तर को और कम कर सकते हैं। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए:
- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
- नारियल पानी, फलों का रस और इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त पेय लें।
- हाइड्रेटेड रहने से त्वचा और शरीर को ऊर्जा मिलती है।
3. गर्मी में उचित आहार
गर्मी के दौरान भारी, तैलीय और मसालेदार भोजन से बचें, क्योंकि यह पाचन तंत्र को कमजोर कर सकता है। बेहतर होगा कि आप:
तरबूज, खीरा, संतरा जैसे हाइड्रेटिंग फल खाएं।
दही, छाछ और लस्सी का सेवन करें।
तले-भुने और मसालेदार खाद्य पदार्थों से बचें।
4. धूप से बचाव
- गर्मी में सीधी धूप से बचना जरूरी है। एनपीसीसीएचएच की सलाह के अनुसार:
- दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।
- हल्के और ढीले कपड़े पहनें, टोपी और सनग्लास लगाएं।
- बाहर निकलने से पहले उच्च एसपीएफ वाला सनस्क्रीन लगाएं।
5. शारीरिक गतिविधि को नियंत्रित करें
गर्मी में अधिक शारीरिक श्रम करने से थकावट और डिहाइड्रेशन हो सकता है। इससे बचने के लिए:
- व्यायाम सुबह या शाम को करें।
- पर्याप्त पानी पिएं।
- यदि आपको हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या सांस की समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
6. मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें
गर्मी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है, जिससे चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ सकता है। इससे बचने के लिए:
उचित नींद लें।
- ध्यान और योग करें।
- मानसिक शांति के लिए श्वास-प्रश्वास अभ्यास करें।
7. सरकारी चेतावनियों का पालन करें
सरकार और स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें। भारतीय मौसम विभाग और एनपीसीसीएचएच द्वारा जारी अलर्ट का पालन करें और अपनी गतिविधियों को मौसम के अनुसार संशोधित करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।
- शरीर का तापमान 103°F से अधिक हो जाना
- त्वचा का लाल, गर्म और शुष्क होना
- तेज़ धड़कन और सिरदर्द
- चक्कर आना, मतली और बेहोशी
- भ्रम, अस्पष्ट बोली और चिड़चिड़ापन
- लू से बचने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है ताकि गर्मी से होने वाली बीमारियों से खुद को सुरक्षित रखा जा सके।
लू लगने पर पीड़ित को तुरंत ठंडी और हवादार जगह पर ले जाएं, शरीर को गीले कपड़े से पोंछें या ठंडे पानी से स्नान कराएं। ज्यादा पानी, नींबू पानी या ओआरएस घोल दें। अगर लक्षण गंभीर हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
भरपूर मात्रा में पानी, नींबू पानी, आम पन्ना, छाछ और नारियल पानी का सेवन करें। हल्के, ढीले और पूरी आस्तिन वाले सूती कपड़े पहनें। सिर को टोपी, दुपट्टे या गमछे से ढककर धूप में निकलें। तेज धूप में निकलने से पहले खीरा, तरबूज या दही खाएं। दिन के सबसे गर्म समय (दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक) बाहर जाने से बचें। घर को ठंडा रखने के लिए खिड़कियों पर गीले पर्दे लगाएं और हवादार स्थान पर रहें।



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