Latest Updates
-
Rang Panchami 2026 Wishes In Sanskrit: रंग पंचमी पर संस्कृत के इन पवित्र श्लोकों से दें देव होली की शुभकामनाएं -
Happy Women's Day 2026: नारी शक्ति को सलाम! मां, बहन, सास और ननद के लिए महिला दिवस पर प्रेरणादायक संदेश -
दांत दर्द ने मुश्किल कर दिया है खाना-पीना? आजमाएं दादी-नानी के ये 3 घरेलू नुस्खे, मिनटों में मिलेगा आराम -
युद्ध के बीच ईरान में आया भूकंप, क्या सच हो रही है बाबा वांगा की भविष्यवाणी? -
Women's Day Wishes for Wife: इन प्यार भरे संदेशों के साथ अपनी जीवनसंगिनी को दें महिला दिवस की मुबारकबाद -
Eid Kab Hai 2026: भारत में किस दिन दिखेगा ईद का चांद? नोट कर लें ईद-उल-फितर की तारीख -
T20 World Cup 2026: क्या टीम इंडिया फिर रचेगी इतिहास? जानें क्या कहती है डॉ. वाई राखी की भविष्यवाणी -
क्या आप भी हैं 'सुपरवुमन सिंड्रोम' की शिकार? जानें इसका सच और बचने के तरीके -
Women’s Day Wishes For Girlfriend: नारी है शक्ति...इन संदेशों से अपनी गर्लफ्रेंड को दें महिला दिवस की शुभकामना -
Women's Day Special: 30 की उम्र के बाद महिलाएं फॉलो करें ये हेल्थ टिप्स, कई बीमारियों से होगा बचाव
Fat To Fit: लाइफस्टाइल में इन बदलावों से डॉ रितु त्रिपाठी ने घटाया 28 Kg वजन, जानिए उनकी फैट टू फिट जर्नी
Fat To Fit: आज के समय में मोटापा सिर्फ एक शारीरिक समस्या नहीं रहा, बल्कि कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन चुका है। शरीर का बढ़ा हुआ वजन इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी को भी मुश्किल बना देता है। मोटापे के कारण थोड़ी देर चलने पर सांस फूलने लगती है, हमेशा सुस्ती रहती है और थोड़ा सा काम करने के बाद भी थकान हावी हो जाती है। कुछ ऐसी ही परेशानियों से नोएडा की रहने वाली डॉ रितु त्रिपाठी भी गुजर रही थीं। बचपन में फिट रहने वाली रितु को एहसास ही नहीं हुआ कि उम्र और बदलती लाइफस्टाइल के साथ उनका वजन कब बढ़ता चला गया। उन्होंने कई बार वजन कम किया, लेकिन कुछ ही दिनों में वजन फिर से बढ़ जाता था। लेकिन दिसंबर 2024 में रितु ने ठान लिया कि वे सिर्फ वजन नहीं कम करेंगी, बल्कि अपनी लाइफस्टाइल को भी बदलेंगी। उन्होंने एक मजबूत निर्णय लिया और उस पर डटी रहीं। आज रितु न सिर्फ फिट हैं, बल्कि खुद को पहले से ज्यादा कॉन्फिडेंट भी महसूस करती हैं।

भारत में तेजी से बढ़ती मोटापे की समस्या
रितु की कहानी अकेली नहीं है। भारत में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। लैंसेट की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2021 में करीब 18 करोड़ लोग अधिक वजन या मोटापे से जूझ रहे थे। अनुमान है कि 2050 तक यह संख्या 44-45 करोड़ तक पहुंच सकती है। यूनिसेफ के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में आज लगभग हर चौथा वयस्क ओवरवेट या मोटापे की श्रेणी में आता है। हैरानी की बात यह है कि अब बच्चों में भी मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों में मोटापे की दर पिछले कुछ सालों में लगभग दोगुनी हो चुकी है।
फैट तो फिट अभियान का उद्देश्य
अधिकतर लोगों को लगता है कि वजन कम करना मतलब सिर्फ शरीर की चर्बी कम करना है। लेकिन वजन कम करने का असली मतलब जीवन में पॉजिटिव बदलाव लाना भी है। हम में से कई लोग खुद को भूखा रख के या फैड डाइट फॉलो करके वजन तो कम कर लेते हैं लेकिन उस पर ज्यादा दिन टिक नहीं पाते हैं। साथ ही, गलत तरीके से किया गया वेट लॉस आपके लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। इसके कारण कई तरह की पोषण से जुड़ी दिक्कतें और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। इन्हीं बातों को समझाने और लोगों को सही दिशा दिखाने के उद्देश्य से बोल्डस्काई ने 'फैट तो फिट' कैंपेन शुरू किया है। इस कैंपेन में हम न सिर्फ आप तक लोगों की वेट लॉस की जर्नी साझा करेंगे, बल्कि वेट लॉस से जुड़े कई अहम विषयों पर जानकारी भी देंगें। वेट लॉस को लेकर लोगों के बीच कई तरह के मिथ फैले हुए हैं। इसके साथ ही, वजन घटाने को लेकर लोगों में सही जानकारी का अभाव भी देखने को मिलता है। हमारा उद्देश्य इन मिथकों को तोड़ना और आप तक सही जानकारी पहुंचाना है।
डेस्क जॉब और बिजी शेड्यूल के कारण बढ़ गया था रितु का वजन
रितु बताती हैं कि उन्होंने सिर्फ वजन कम नहीं किया है, बल्कि अपने जीवन में पॉजिटिविटी, आत्मविश्वास और खुद के प्रति प्यार भी पाया है। लेकिन उनकी फिटनेस जर्नी इतनी आसान नहीं थी। उन्होंने पहली बार 2008 में अपना 7 किलो वजन कम किया था। लेकिन जैसे ही उन्होंने डाइटिंग छोड़ी, वजन फिर से तेजी से बढ़ गया। जॉब और घर की जिम्मेदारियों के बीच कब उनका वजन 92 किलो पहुंच गया, उन्हें इस बात का अंदाजा ही नहीं लगा। लेकिन फिर समय आया लॉकडाउन का। उन्होंने तय कर किया कि इस बार वो सही तरीके से अपना वजन घटाएंगी। रितु बताती हैं कि इसमें उनके एक दोस्त ने उनकी बहुत मदद की। सही डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज की मदद से उन्होंने लगभग 15 किलो वजन घटा लिया।
लेकिन जैसे ही लॉकडाउन के बाद ऑफिस खुला, तो दोबारा बाहर का खाना खाने और एक्सरसाइज न करने की वजह से उनका वजन 76 किलो से 88 किलो पहुंच गया। रितु बताती हैं कि वे फिट होना चाहती थीं, लेकिन कभी बीमारी तो कभी किसी अन्य कारण की वजह से वो फिटनेस रूटीन शुरू नहीं कर पा रही थीं।
हेल्दी लाइफस्टाइल की मदद से डॉ रितु ने घटाया 28 Kgs
लेकिन दिसंबर 2024 में उन्होंने ठान लिया कि अब वो अपना वजन कम करके रहेंगी। रितु बताती हैं कि फिटनेस जर्नी में सबसे मुश्किल काम होता है शुरुआत करना। हम में से ज्यादा लोग एक्सरसाइज या डाइट को कल पर टालते रहते हैं। लेकिन अगर आप एक बार शुरू कर दें, तो चीजें अपने आप आसान लगने लगती हैं। रितु ने भी कुछ ऐसा ही किया। उन्होंने वॉक करना शुरू किया। पहले दिन उन्होंने 5 किलोमीटर वॉक की। उसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने अपना समय बढ़ाया। उसके बाद उन्होंने अपनी डाइट भी फिक्स की। रितु बताती हैं कि मैंने चीनी, चावल, घी और तेल को अपनी डाइट से निकाल दिया और प्रोटीन और फाइबर रिच डाइट शुरू की। उसके बाद मार्च 2025 में उन्होंने जिम जॉइन किया और करीब एक साल के अंदर उन्होंने अपना 28 किलो वजन घटा लिया।

डॉ रितु का कहना है कि वेट लॉस करते समय हर व्यक्ति को एक अहम याद रखनी चाहिए कि हमें कभी भी कमजोर नहीं पड़ना है। वजन कम होने के साथ-साथ आपका स्टैमिना बढ़ना चाहिए, आपको एक्टिव और फिट महसूस होना चाहिए। अगर आपका मसल्स लॉस हो रहा है या आपको पोषण से जुड़ी समस्याएं हो रही हैं, तो वह वेट लॉस का सही तरीका नहीं है। हमें अपनी फिटनेस जर्नी को सही तरीके से पूरा करना चाहिए।
सिर्फ पतला होने से कहीं ज्यादा है वेट लॉस
डाइट्रीफिट की डायटीशियन अबर्ना माथीवानन के अनुसार, वेट लॉस का मतलब सिर्फ वेट मापने वाली मशीन पर नंबर कम होना नहीं है। इसका असली मतलब है शरीर और मन दोनों को हेल्दी बनाना। जब कोई व्यक्ति सही तरीके से वजन घटाता है, तो उसका असर सिर्फ बॉडी शेप पर नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी दिखता है। कई स्टडीज बताती हैं कि अगर कोई व्यक्ति अपने शरीर का सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत वजन भी कम कर ले, तो डायबिटीज , ब्लड प्रेशर, हार्मोन इमबैलेंस, पाचन से जुड़ी समस्याएं, मानसिक विकार और दिल की बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि भूखे रहकर या गलत डाइट अपनाकर वजन घटाना नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इससे कमजोरी, थकान और पोषण की कमी हो जाती है। इसलिए वेट लॉस को हमेशा लाइफस्टाइल चेंज के रूप में देखना चाहिए, न कि जल्दी पतला होने की दौड़ के रूप में।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











