Latest Updates
-
Nirjala Ekadashi Rules for Couples: क्या निर्जला एकादशी पर पति-पत्नी बना सकते हैं शारीरिक संबंध? -
Nirjala Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: निर्जला एकादशी पर इन संस्कृत श्लोकों और संदेशों से दें अपनों को बधाई -
Summer Special Thick Mango Lassi Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी क्रीमी और गाढ़ी लस्सी -
Aaj Ka Rashifal 25 June 2026: गुरुवार को इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के साथ मिलेगा बड़ा सरप्राइज -
Nirajala Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें निर्जला एकादशी की शुभकामनाएं -
UP Style Fish Machli Kadhi Recipe: घर पर बनाएं सरसों वाली चटपटी मछली कढ़ी -
Nirjala Ekadashi Vrat Katha: निर्जला एकादशी पर जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा सभी 24 एकादशियों का पूर्ण फल -
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर इस विधि से पिएं पानी, नहीं टूटेगा आपका व्रत, मिलेगा व्रत का पूर्ण फल -
Garhwali Sweet Rice Arsa Recipe: पारंपरिक तरीके से बनाएं उत्तराखंड की खास मिठाई -
Nirjala Ekadashi Vrat In Periods: क्या पीरियड्स में निर्जला एकादशी का व्रत रख सकते हैं? जानें क्या हैं नियम
फूड पॉइजनिंग से बचना है? अपनाएं ये जादुई घरेलू नुस्खे
7 अप्रैल को अहमदाबाद में फूड पॉइजनिंग की एक बड़ी घटना सामने आई, जिसमें कई छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह मामला गर्मियों में खान-पान को लेकर बरती जाने वाली लापरवाही का एक बड़ा सबक है। बढ़ती गर्मी में मेस और हॉस्टलों का खाना जल्दी खराब हो जाता है। ऐसे में घर पर ही सही देखभाल की जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि स्थिति गंभीर होने से पहले उसे संभाला जा सके।
पेट में इन्फेक्शन होने पर सबसे बड़ा खतरा डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी का होता है। अगर आप तुरंत मेडिकल स्टोर नहीं जा सकते, तो घर पर ही ओआरएस (ORS) घोल तैयार करना सबसे अच्छा विकल्प है। इसके लिए एक लीटर पानी में छह चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक मिलाएं। यह सही बैलेंस शरीर में पानी की कमी को तेजी से पूरा करने में मदद करता है।

उल्टी-दस्त में काम आएंगे ये घरेलू नुस्खे और होममेड ORS
दही-चावल और केला जैसे पारंपरिक भारतीय आहार शरीर को जरूरी ऊर्जा देते हैं और पेट के लिए हल्के होते हैं। डॉक्टर अक्सर बीमारी का असर कम करने के लिए जिंक लेने की सलाह देते हैं। पेट की हल्की परेशानी में जीरा-अजवाइन का पानी भी काफी राहत दे सकता है। डॉक्टर के पास पहुंचने से पहले ये तरीके मरीज की हालत को स्थिर रखने में मददगार साबित होते हैं।
फूड पॉइजनिंग के खतरे को कैसे पहचानें और क्या करें?
किसी भी खतरे से बचने के लिए 'रेड फ्लैग्स' यानी गंभीर लक्षणों को पहचानना जरूरी है। अगर मल में खून आ रहा हो, तो बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक्स या दस्त रोकने की दवा न लें। तेज बुखार होने पर तुरंत इमरजेंसी में जाएं। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर खास नजर रखें, क्योंकि उनकी हालत जल्दी बिगड़ सकती है।
| स्थिति | गंभीर लक्षण (Red Flag) |
|---|---|
| पेशाब | 6 घंटे से ज्यादा समय तक पेशाब न आना |
| पेट | लगातार उल्टी या मल में खून आना |
| एक्टिविटी | बहुत ज्यादा सुस्ती या भ्रम की स्थिति |
बचाव की शुरुआत खाने को सही तरीके से स्टोर करने से होती है। बचे हुए खाने को हमेशा अच्छी तरह गर्म करके ही खाएं ताकि बैक्टीरिया खत्म हो जाएं। चिलचिलाती गर्मी में पहले से कटे हुए फल और सड़क किनारे मिलने वाली चाट-पकौड़ी से परहेज करें। दूध और दही जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स को हमेशा 5 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर ही रखें।
अहमदाबाद की घटना हमें साफ-सफाई के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी देती है। इन्फेक्शन की शुरुआत में ओआरएस (ORS) का सही इस्तेमाल जान बचा सकता है। अगर मरीज को 6 घंटे तक पेशाब न आए, तो डॉक्टर के पास जाने में बिल्कुल भी देरी न करें। थोड़ी सी सावधानी इस गर्मी में आपके परिवार को सुरक्षित रख सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications