Latest Updates
-
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब -
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी -
काले धब्बों वाले प्याज खाना चाहिए या नहीं? सेहत पर क्या होगा असर, यहां जानें इसका सही जवाब -
Ambubachi Mela 2026: कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ अंबुबाची मेला, 3 दिनों तक बंद रहेंगे कपाट, जानें इसका महत्व -
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग
Guillain-Barré Syndrome: इस खतरनाक बीमारी में लकवे में बदल जाती है पैरों की झुनझुनी, जानिए लक्षण और इलाज
Guillain-Barré syndrome : दक्षिणी अमेरिकी राज्य पेरू ने गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के मामले सामने आने के बाद प हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। इस बीमारी के मामलों में 'असामान्य वृद्धि' की वजह से यह आपातकाल 90 दिनों तक रहेगा।
एक रिपोर्ट के अनुसार, जून 2023 से देशभर में 182 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 147 को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, 31 अभी भर्ती हैं और चार की मौत हो गई है। जीबीएस एक दुर्लभ डिसऑर्डर है जो इम्यून सिस्टम को प्रभावित करता है जिससे यह शरीर की नसों पर हमला करता है। आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे में सबकुछ यहां-

क्या है गुइलेन-बैरे सिंड्रोम
गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) एक तंत्रिका संबंधी विकार और एक ऑटोइम्यून बीमारी है। अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों की तरह, जब किसी मरीज को जीबीएस होता है, तो उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली उनकी स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करना शुरू कर देती है। मेडिकल न्यूज टुडे के मुताबिक जब कोई व्यक्ति इस बीमारी से जूझ रहा होता है, तो परिधीय तंत्रिकाओं के माइलिन शीथ पर हमला होता है। नुकसान तंत्रिकाओं को कुछ जानकारी, जैसे स्पर्श संवेदनाएं, रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क तक भेजने से रोकता है। जिसकी वजह से शरीर सुन्न हो जाता है।
हालांकि, ये बीमारी संक्रामक नहीं होती है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती है।

लक्षण
गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) के शुरुआती लक्षणों में पैरों और हाथों में झुनझुनी और कमजोरी और पैरों या पीठ में दर्द महसूस होता है। खास बात ये है कि ये लक्षण आमतौर पर संक्रमण के तीन सप्ताह बाद सामने आने लगते हैं, तब तक ये संक्रमण शरीर में फैल जाता है।
- शरीर में कमजोरी
- सांस लेने में दिक्क्त
- बांहो की मांसपेशियों की कमजोरी
- मांसपेशियों में कमजोरी और झुनझुनी
- समन्वय की समस्याएं और अस्थिरता
- असामान्य दिल की धड़कन या रक्तचाप
- पाचन और मूत्राशय नियंत्रण में समस्याएं
इलाज
अमेरिका की प्राथमिक स्वास्थ्य एजेंसी 'एनआईएच' के मुताबिक यह बेहद दुर्लभ बीमारी में से एक है। अमेरिका में 1 लाख लोगों में से किसी एक व्यक्ति में इसके होने का खतरा रहता है। गुइयां-बेरे सिंड्रोम का कोई इलाज नहीं है। हालांकि, इसको ठीक करने के लिए प्लास्मफेरेसिस या इम्युनोग्लोबुलिन थेरेपी को प्रयोग में लाया जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications