Guillain-Barré Syndrome: इस खतरनाक बीमारी में लकवे में बदल जाती है पैरों की झुनझुनी, जान‍िए लक्षण और इलाज

Guillain-Barré syndrome : दक्षिणी अमेरिकी राज्य पेरू ने गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के मामले सामने आने के बाद प हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। इस बीमारी के मामलों में 'असामान्य वृद्धि' की वजह से यह आपातकाल 90 दिनों तक रहेगा।

एक रिपोर्ट के अनुसार, जून 2023 से देशभर में 182 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 147 को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, 31 अभी भर्ती हैं और चार की मौत हो गई है। जीबीएस एक दुर्लभ डिसऑर्डर है जो इम्यून सिस्टम को प्रभावित करता है जिससे यह शरीर की नसों पर हमला करता है। आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे में सबकुछ यहां-

Guillain-Barré syndrome Causes, Symptoms, Treatment as peru to declare emergency

क्‍या है गुइलेन-बैरे सिंड्रोम

गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) एक तंत्रिका संबंधी विकार और एक ऑटोइम्यून बीमारी है। अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों की तरह, जब किसी मरीज को जीबीएस होता है, तो उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली उनकी स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करना शुरू कर देती है। मेडिकल न्यूज टुडे के मुताबिक जब कोई व्‍यक्ति इस बीमारी से जूझ रहा होता है, तो परिधीय तंत्रिकाओं के माइलिन शीथ पर हमला होता है। नुकसान तंत्रिकाओं को कुछ जानकारी, जैसे स्पर्श संवेदनाएं, रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क तक भेजने से रोकता है। जिसकी वजह से शरीर सुन्न हो जाता है।
हालांकि, ये बीमारी संक्रामक नहीं होती है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती है।

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लक्षण

गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) के शुरुआती लक्षणों में पैरों और हाथों में झुनझुनी और कमजोरी और पैरों या पीठ में दर्द महसूस होता है। खास बात ये है क‍ि ये लक्षण आमतौर पर संक्रमण के तीन सप्ताह बाद सामने आने लगते हैं, तब तक ये संक्रमण शरीर में फैल जाता है।

  • शरीर में कमजोरी
  • सांस लेने में दिक्क्त
  • बांहो की मांसपेशियों की कमजोरी
  • मांसपेशियों में कमजोरी और झुनझुनी
  • समन्वय की समस्याएं और अस्थिरता
  • असामान्य दिल की धड़कन या रक्तचाप
  • पाचन और मूत्राशय नियंत्रण में समस्याएं

इलाज

अमेरिका की प्राथमिक स्वास्थ्य एजेंसी 'एनआईएच' के मुताबिक यह बेहद दुर्लभ बीमारी में से एक है। अमेरिका में 1 लाख लोगों में से किसी एक व्यक्ति में इसके होने का खतरा रहता है। गुइयां-बेरे सिंड्रोम का कोई इलाज नहीं है। हालांकि, इसको ठीक करने के लिए प्लास्मफेरेसिस या इम्युनोग्लोबुलिन थेरेपी को प्रयोग में लाया जा सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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