Hariyali Teej Vrat 2025 : हरियाली तीज व्रत के बाद क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज?

Hariyali Teej 2025 : हरियाली तीज का पर्व सुहागन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। यह पर्व सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करती हैं और अपने वैवाहिक जीवन में प्रेम, सौहार्द, सुख-शांति और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस दिन महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं यानी बिना अन्न और पानी के उपवास करती हैं और शाम को पूजा के बाद व्रत खोलती हैं।

व्रत खोलते समय भोजन का विशेष ध्यान रखना चाहिए। लंबे समय तक भूखे रहने के बाद कुछ भी भारी और असंतुलित खाने से शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है।

Hariyali Teej 2025

व्रत खोलने के बाद क्या खाएं?

फल
सबसे पहले व्रत तोड़ते समय फल खाना सबसे बेहतर रहता है। खासकर हरे फल जैसे कीवी, अंगूर और अमरूद को प्राथमिकता दी जा सकती है। ये फल हल्के होते हैं और शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं।

सूखे मेवे
बादाम, काजू, किशमिश और छुहारे जैसे सूखे मेवे व्रत के बाद खाने से शरीर को ताकत मिलती है। ये धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं और दिनभर की थकान दूर करने में मदद करते हैं।

मिठाई
घेवर, मालपुआ या घर पर बनी कोई हल्की मिठाई थोड़ी मात्रा में खाई जा सकती है। ध्यान रहे कि मिठाई सीमित मात्रा में ही लें, क्योंकि अधिक चीनी नुकसान पहुंचा सकती है।

हल्का भोजन
व्रत खोलने के कुछ समय बाद दाल, उबली सब्जियां, रोटी और थोड़ा सा चावल आदि से बना हल्का और सुपाच्य भोजन करें। तेल और मसालों का कम से कम प्रयोग करें।

व्रत में किन चीजों से बचना चाहिए?

अनाज और मांसाहार
व्रत में गेहूं, चावल, मांस, मछली, अंडा आदि से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।

प्याज और लहसुन
पूजा-पाठ वाले दिनों में इनका उपयोग वर्जित माना गया है, इसलिए इन्हें नहीं खाना चाहिए।

तला-भुना और मसालेदार भोजन
ऐसा खाना पचाने में भारी होता है और व्रत के बाद शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।

बासी और बाजार का जंक फूड
बासी खाना या बाजार की मिठाइयां, समोसे, कचौड़ी आदि मिलावटी और तैलीय होती हैं, जो व्रत के बाद शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

शराब और नशीले पदार्थ
ऐसे पदार्थ न केवल व्रत की पवित्रता को भंग करते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होते हैं।

अधिक मिठाई
बहुत ज्यादा मिठाई खाने से पेट भारी हो सकता है, थकावट और सुस्ती महसूस हो सकती है।

इसलिए हरियाली तीज के व्रत के बाद भोजन करते समय संयम और संतुलन जरूरी है। उचित खानपान न सिर्फ शरीर को राहत देता है, बल्कि व्रत का पुण्य भी बना रहता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, July 26, 2025, 18:40 [IST]
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